चमकी बुखार: बारिश के साथ ही कम हो जाता है खतरा, जानिये वजह

चाइल्ड स्पेशलिस्ट बताते हैं कि इस बीमारी का कारण हीट और ह्यूमिडिटी है. इलाके में गर्मी जब 40 डिग्री के पार होती है और ह्यूमिडिटी 60 पार होती है, और यह स्थिति कई दिनों तक लगातार बनी रहती है तो बच्चे बीमार होने लगते हैं.

Vijay jha | News18 Bihar
Updated: June 22, 2019, 1:14 PM IST
चमकी बुखार: बारिश के साथ ही कम हो जाता है खतरा, जानिये वजह
चमकी बुखार से बिहार में 144 बच्चों की मौत
Vijay jha | News18 Bihar
Updated: June 22, 2019, 1:14 PM IST
बिहार में चमकी बुखार यानि एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) का कहर लगातार जारी है. मौत का आंकड़ा 160 से अधिक हो गया है. हालांकि अब बिहार में मानसून ने दस्तक दे दी है और इससे प्रभावित बच्चों को राहत मिलने की संभावना है. विशेषज्ञों के अनुसार ये बीमारी बढ़ती गर्मी के साथ और बढ़ती जाती है वहीं बारिश के आने के साथ नुकसान कम होना शुरू हो जाता है. क्यों होता है ऐसा? आखिर क्या है इस बीमारी का गर्मी और बारिश से कनेक्शन?

हीट और ह्यूमिडिटी है बड़ा कारण
डॉ गोपाल शंकर सहनी मुजफ्फरपुर SKMCH के शिशु रोग विशेषज्ञ होने के साथ हेड ऑफ डिपार्टमेंट भी हैं. वे बताते हैं कि इस बीमारी का कारण हीट और ह्यूमिडिटी है. इलाके में गर्मी जब 40 डिग्री के पार होती है और ह्यूमिडिटी 60 पार होती है और यह स्थिति कई दिनों तक लगातार बनी रहती है तो बच्चे बीमार होने लगते हैं.

इस वर्ष पड़ रही है भीषण गर्मी

बीमारी के बढ़ते प्रकोप की वजह भी इस साल उत्तर बिहार में पड़ने वाली भीषण गर्मी बतायी जा रही है. वहीं गर्मी की वजह से पूरा इलाका जल संकट की चपेट में भी है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस भीषण गर्मी की वजह से कुपोषित बच्चे बड़ी आसानी से हाइपो ग्लूसेमिया और डिहाइड्रेशन की चपेट में आ रहे हैं, जिसकी वजह से सबसे अधिक मौतें हो रही हैं.

बारिश के साथ ही कम हो जाता है खतरा
बिहार में मानसून ने दस्तक दे दी है. मौसम विभाग के अनुसार 25 जून तक पूरे बिहार में बारिश होगी. ऐसे में AES का खतरा भी कम होता जाएगा. अगर बारिश होती है तो गर्मी से भी राहत मिलेगी और एईएस  के मामलों में भी कमी आएगी.
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पिछले दो वर्षों में इसलिए कम हुई थीं मौतें
बता दें कि 2017 और 2018 में जब कम गर्मी पड़ी थी तो AES से 11 और 7 मौतें हुई थीं, लेकिन इस साल जून की शुरुआत से ही पारा 40 डिग्री के पार जा पहुंचा. इसके बाद मौत का सिलसिला कुछ ऐसा चल पड़ा कि ये आंकड़ा 160 के पार तक जा पहुंचा है. गौरतलब है कि चमकी बुखार से बिहार के कुल 12 जिले के 222 प्रखंड प्रभावित हैं.

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First published: June 19, 2019, 6:00 PM IST
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