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अयोध्या केस: 'न मातम मनाएं और न मिठाई बांटें, धैर्य और शांति से फैसला स्वीकार करें'

सुशील मोदी के जेएनयू संबंधी ट्विट ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है

सुशील मोदी के जेएनयू संबंधी ट्विट ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है

बीजेपी नेता और बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने एक बयान जारी कर लोगों से अपील की है कि कोई भी पक्ष इस फैसले को अपनी जीत या हार के रूप में न देखे. जो भी फैसला हो उसे धैर्य और शांति के साथ स्वीकार करें.

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    पटना. अयोध्या में विवादित स्थल (Ayodhya Dispute) पर सुनवाई पूरी होने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) कभी भी इस पर अपना फैसला सुना सकता है. राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद केस (Ram Janmbhoomi and Babri Masjid Case) पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद की स्थिति को लेकर राज्य सतर्क हैं. प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही देश में शांति बनाए रखने की अपील भी की जा रही है. इसी मसले पर बीजेपी नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने भी लोगों से शांति और धैर्य रखने की अपील की है.

    मोदी ने एक बयान जारी कर लोगों से अपील की है कि कोई भी पक्ष इस फैसले को अपनी जीत या हार के रूप में न देखे. जो भी फैसला हो उसे धैर्य और शांति के साथ स्वीकार करें. उन्होंने कहा, 'जो भी फैसला आए, कोई भी पक्ष इसे जीत या हार की तरह न देखे. इसे जश्न मनाने या निराशा के मौके के तौर पर न देखा जाए. अयोध्या के रामजन्म भूमि मामले में सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ जो भी निर्णय करे, उसे सबको धैर्य और शांति के साथ स्वीकार करना चाहिए.'

    'न मिठाई बांटने की जरूरत, न मातम मनाना चाहिए'
    उन्होंने कहा किसी को न मिठाई बांटने की जरूरत है, न किसी को मातम मनाना चाहिए. एनडीए अयोध्या मुद्दे पर अदालत के फैसले को सिर्फ न्याय की जीत मानेगा. हमें आशा है कि वर्षों से लटके इस मामले पर ऐतिहासिक फैसला आने के बाद देश में सद्भाव और परस्पर विश्वास का नया युग शुरू होगा.

    बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी द्वारा जारी किया गया बयान


    मीडिया में या सोशल मीडिया में किसी प्रकार का बयान न दें
    सुशील मोदी ने अपनी पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और समर्थकों से भी अपील की है कि फैसला आने से पहले अयोध्या मुद्दे को लेकर मीडिया या सोशल मीडिया में किसी प्रकार का बयान न दें. यह सबके लिए संयम बरतने का समय है.


    बता दें कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से अलर्ट रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक आम परामर्श जारी किया गया है जिसमें उन्हें सभी संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात करने को कहा गया है. साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि देश में कहीं भी, कोई अप्रिय घटना न हो.

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