सुशील मोदी का कांग्रेस पर प्रहार, कहा- राम मंदिर निर्माण में लंबे समय तक लगाया अड़ंगा
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सुशील मोदी का कांग्रेस पर प्रहार, कहा- राम मंदिर निर्माण में लंबे समय तक लगाया अड़ंगा
सुशील मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में हुई देरी के लिए कांग्रेस और जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार बताया है (फाइल फोटो)

सुशील मोदी (Sushil Modi) ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा है कि कांग्रेस छद्म धर्मनिरपेक्षता और अल्पसंख्यक तुष्टीकरण की राजनीति कर के राम मंदिर निर्माण में बाधा डालती रही है. जबकि हर जाति और समुदाय में राम मंदिर निर्माण (Ram temple Construction) की स्वीकार्यता है

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  • Last Updated: August 4, 2020, 10:35 PM IST
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पटना. अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर निर्माण (Ram Mandir Nirman) को लेकर राजनीति तेज हो गई है. नेता अब पुरानी बातों को भी उठाने लगे हैं. बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के नेता सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने राम मंदिर निर्माण में हुई  देरी के लिए कांग्रेस (Congress) को जिम्मेदार माना है. सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि कांग्रेस छद्म धर्मनिरपेक्षता और अल्पसंख्यक तुष्टीकरण की राजनीति कर के राम मंदिर निर्माण में बाधा डालती रही है. जबकि हर जाति और समुदाय में राम मंदिर निर्माण (Ram temple Construction) की स्वीकार्यता है.

सुशील मोदी ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर के पुनर्निर्माण के भूमि पूजन के साथ भारत के सांस्कृतिक-सामाजिक-राजनीतिक इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ जाएगा. देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने वर्ष 1952 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के प्रबल विरोध के बावजूद जिस तरह से सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का समर्थन करते हुए प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में हिस्सा लिया था, उसी तरह आज नेहरूवादी कांग्रेस और छद्म धर्मनिरपेक्षतावादियों के तर्कहीन विरोध की चिंता किये बिना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के लिए भूमिपूजन करने जा रहे हैं.


कांग्रेस की अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की वजह मंदिर निर्माण देरी



सुशील मोदी ने कहा कि अल्पसंख्यक-तुष्टीकरण की राजनीति का सूत्रपात करने वाले नेहरू ने भारत की सनातन परंपरा और कोटि-कोटि हिंदुओं की आस्था के प्रतीक मंदिर पुनर्निर्माण को 'हिंदू पुनरुत्थानवाद' बताया था. जबकि उनकी सरकार में मंत्री रहे के.एम मुंशी ने मंदिर को 'सामूहिक भारतीय चेतना' का प्रतीक माना था. सोमनाथ निर्माण के 68 साल बाद अयोध्या में राम मंदिर पुनर्निर्माण से करोड़ों लोगों की सांस्कृतिक आंकाक्षा पूरी होगी. सभी राम-भक्तों का हार्दिक अभिनंदन!

बुधवार 5 अगस्त के दिन अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाषों शिलान्यास होगा (प्रतीकात्मक तस्वीर)


मंदिर निर्माण में सभी धर्म समुदाय के लोग शामिल हो रहे  

सुशील मोदी ने अपने ट्वीट में यह भी लिखा कि अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन समारोह के लिए जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से पहला आमंत्रण बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकार इकबाल अंसारी को मिलना, और अंसारी का इसे भगवान श्रीराम की इच्छा के रूप में स्वीकार करना सच्ची धर्मनिरपेक्षता है. अंसारी ने रोजी-रोटी का बेतुका सवाल उठाकर मंदिर का विरोध करने वालों को यह कह कर आइना दिखाया कि मंदिर पुनर्निर्माण से अयोध्या सुंदर होगी और लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा. जन्मभूमि ट्रस्ट ने जिन 175 लोगों को आमंत्रित किया, उनमें से 135 अतिथि सिख, जैन, मुस्लिम सहित 36 धर्म-संप्रदाय के हैं. अयोध्या के अतिथियों की सूची भारत की धर्मनिरपेक्षता का जिस गंभीरता से आदर करती है, उसे वोट बैंक की राजनीति करने वाले सेक्युलरिस्ट क्यों नहीं देखते?
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