होम /न्यूज /बिहार /Ramadan 2023 Date: नहीं दिखा चांद, 24 से शुरू होगा माहे-रमजान, इस बार होंगे कितने जुमे होंगे?

Ramadan 2023 Date: नहीं दिखा चांद, 24 से शुरू होगा माहे-रमजान, इस बार होंगे कितने जुमे होंगे?

प्रतीकात्मक तस्वीर.

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Bihar-Jharkhand News : बिहार से जुड़े कम से कम दो और राज्यों में इस्लाम से जुड़ी सबसे अहम संस्था ने रमजान के पाक महीने और ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट: सच्चिदानंद

पटना. मुसलमानों के पाक महीने रमजान का चांद बुधवार को देश के किसी भी हिस्से में नहीं देखा गया. इसी कारण शुक्रवार से रमजान की शुरुआत होगी और पहला रोजा भी शुक्रवार को ही रखा जाएगा. आज गुरुवार से तरावीह होगी और सेहरी की भी शुरुआत होगी. इस बार रमजान के दौरान पांच जुमा (शुक्रवार) होंगे. इसकी जानकारी इमारत ए शरिया और खानकाह मिजिबिया ने दी है. गुरुवार की रात से सभी मस्जिदों और खानकाहों में तरावीह की नमाज शुरू हो जाएगी.

बिहार, झारखंड, ओड़िशा के मुसलमानों की सबसे बड़ी संस्था इमारत ए शरिया के काजी ए शरीयत मौलाना अंजार आलम कासमी और खानकाह-ए-मुजिबिया फुलवारीशरीफ के प्रशासक हजरत मौलाना मिनहाजुद्दीन कादरी ने घोषणा करते हुए कहा कि बुधवार को रमजान का चांद नजर नहीं आया. इसी कारण रमजान की पहली तारीख शुक्रवार 24 मार्च होगी.

क्या है रोजे का महत्व और कायदा?

रमजान माह में रोजा रखने के लिए सुबह सूर्य उगने से पहले सेहरी की जाती है. सेहरी में दूध, फल या अन्न से बनी चीजों का सेवन किया जा सकता है. सेहरी के बाद एक दुआ पढ़ी जाती है, जिसके बाद से रोजा शुरू हो जाता है. रोजा शुरू होने के बाद सूर्य ढलने तक इंसान को एक बूंद पानी की भी इजाजत नहीं होती है. शाम के समय नमाज से ठीक पहले इफ्तार यानी रोजा खोलने का समय होता है.

रोजा की स्थिति में रोजेदार दिनभर भूखे-प्यासे रहकर अपनी इच्छाओं पर काबू पाता है. रोजा गरीबों, यतीमों, जरूरतमंदों के दुख-दर्द और भूख प्यास का अहसास करता है. रोजे की हालत में इंसान झूठ, चोरी, चुगली, धोखेबाजी, अत्याचार जैसी सामाजिक बुराइयों से बचता है.

Tags: Bihar Jharkhand News, PATNA NEWS, Ramzan

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