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7 साल की नौकरी में ही करोड़पति बन गया DSP, पत्नी से लेकर ससुर तक के नाम पर खरीदी संपत्ति

7 साल की नौकरी में ही करोड़पति बन गया DSP, पत्नी से लेकर ससुर तक के नाम पर खरीदी संपत्ति

बिहार पुलिस का डीएसपी रंजीत रजक जो सात साल की नौकरी में ही करोड़पति बन गया (फाइल फोटो)

बिहार पुलिस का डीएसपी रंजीत रजक जो सात साल की नौकरी में ही करोड़पति बन गया (फाइल फोटो)

Bihar Police DSP Ranjit Rajak: 67वीं BPSC पेपर लीक मामले में निलंबित DSP रंजीत कुमार रजक के विभिन्न ठिकानों पर EOU का रेड में आय से 81.9% अधिक सम्पत्ति मिली है जिसे डीएसी ने महज सात साल की सेवा में अर्जित किया है. रंजीत रजक ने पत्नी, मां और बहन के नाम पर अलग-अलग तरीके से संपत्तियां बनाई थीं.

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हाइलाइट्स

बिहार पुलिस के ईओयू की तलाशी में रजक के ठिकानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं
डीएसपी की आय से अधिक सम्पत्ति लगभग 81.9 प्रतिशत पाई गई है
डीएसपी ने अपनी बहन के नाम पर भी पेट्रोल पंप खोल रखा है

पटना. बिहार में अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले सरकारी सेवकों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है. ताजा मामला 67वीं BPSC पेपर लीक कांड मामले में गिरफ्तार और निलंबित पुलिस उपाधीक्षक रंजीत रजक से जुड़ा है जिनके विभिन्न ठिकानों पर हुई छापेमारी में काली कमाई से अर्जित अकूत संपत्ति का पता चला है. बिहार पुलिस की ही EOU (आर्थिक अपराध इकाई) की टीम ने रंजीत के पास से अकूत संपत्ति बरामद की है.

EOU के ADG नैय्यर हसनैन खान से मिली जानकारी के मुताबिक डीएसपी ने परिवार के सदस्यों के नाम पर काफी संपत्ति बना ली थी. आर्थिक अपराध इकाई को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि रंजीत कुमार रजक ने अपने पद का जमकर दुरूपयोग कर अकूत परिसम्पत्तिया अपने और अपने परिजनों के नाम से अर्जित कर रखी है. अनुसंधान के दौरान पाया गया कि रजक द्वारा अपनी पत्नी के नाम से मोहल्ला धनौत थाना-रूपरापुर, पटना में 6.3 डीसमिल का एक आवासीय भूखण्ड करीब 51,05,800 रूपये में क्रय किया गया है. इनके द्वारा अपनी पत्नी के नाम से मौजा हंसवर थाना-मनिहारी, जिला-कटिहार में 29 डिसमिल का एक आवासीय भूखण्ड करीब 5.90 लाख रूपये में क्रय किया गया है.

डीएसपी द्वारा मां के नाम से मौजा हंसवर थाना-मनिहारी जिला- कटिहार स्थित 28.5 डिसमिल का एक आवासीय भूखण्ड क्रय किया गया है. इतना ही नहीं रजक ने अवैध रूप से अर्जित पैसे को व्हाइट मनी में बदलने के लिये अपने पैतृक ग्राम-हंसावर में अपनी विवाहिता बहन के नाम से हैप्पी फ्यूल सेंटर नामक भी खोल डाला, जिसमें सम्पूर्ण निवेश डीएसपी रजक का ही है. रजक और उनकी पत्नी के नाम से चल रहे बैंक खातों में काफी मात्रा में नगद राशि जमा करायी गयी है साथ ही भारी मात्रा में राशि का चेक एवं इलेक्ट्रॉनिक मोड में स्थानान्तरण हुआ है. रजक द्वारा अपने ससुर के नाम से एक टोयोटा इनोवा क्रिस्टा वाहन भी खरीदे जाने की बात प्रकाश में आयी है.

गौरतलब है कि रजक ने बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 56वीं प्रतियोगिता परीक्षा उत्तीर्ण कर साल 2015 में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर योगदान किया था. इसके पूर्व वो सेंट्रल बैंक ऑफ इण्डिया में प्रोबेशनरी ऑफिसर के पद पर असम में कार्यरत थे. रजक गया जिले के नीमचक बथानी अनुमण्डल में अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित रहे हैं. वर्ष 2020 से बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस – 14, पटना में पदस्थापित हैं. रजक 67वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा के प्रश्न-पत्र वायरल होने के मामले में गिरफ्तार और सस्पेंड हुए हैं.

EOU से मिली जानकारी के मुताबिक बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस 14 में सेवा अवधि के दौरान रजक ने राज्य द्वारा नियुक्ति हेतु आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतिनियुक्त रहते हुए परीक्षाओं में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की थी साथ ही अवैध तरीके से काफी परिसम्पत्ति अर्जित की. नौकरी में आने के पूर्व इनके पास पैतृक सम्पत्ति के अलावे अन्य कोई चल एवं अचल सम्पत्ति नहीं थी मगर नौकरी में आने के बाद इन्होंने महज सात वर्ष में ही अकूत संपत्ति अर्जित कर ली. प्राथमिकी के अनुसार इनकी परिसम्पत्तियों एवं अन्य व्यय के आधार पर इन्होंने अपनी आय से लगभग 81.9% अधिक अधिक सम्पत्ति अर्जित कर रखी है

Tags: Bihar News, PATNA NEWS

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