Bihar Election: बागियों की बल्ले बल्ले, PM मोदी के सामने होंगे कन्हैया, पढ़ें चुनाव से जुड़े 10 रोचक तथ्य

बिहार चुनाव के पहले चरण के मतदान से पूर्व पढ़ें 10 रोचक तथ्य.
बिहार चुनाव के पहले चरण के मतदान से पूर्व पढ़ें 10 रोचक तथ्य.

Bihar Chunav 2020: विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान की तारीख करीब आते देख सियासी माहौल आसमान छू रहा है. टिकट वितरण की प्रक्रिया जारी है, बागियों के दल-बदल हो रहे हैं और चुनावी अभियान का आगाज हो चुका है. COVID-19 महामारी के दौर में हो रहे चुनाव के लिए सभी दल जोर-आजमाइश में लगे हुए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 12, 2020, 10:28 AM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान से पहले उम्मीदवारों का दल-बदल और टिकट के लिए दावेदारी का खेल जारी है. जिन नेताओं को विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं मिला, वे दूसरी पार्टियों से या निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन पर्चा भर रहे हैं. बागी नेता येन-केन प्रकारेण टिकट की आजमाइश में लगे हैं. इस बीच खबर आई कि सीएम कैंडिडेट के तौर पर खुद को प्रचारित करने वाली पुष्पम प्रिया चौधरी की पार्टी प्लूरल्स के 28 उम्मीदवारों का नामांकन पर्चा खारिज हो गया है. प्लूरल्स ने पहले चरण के चुनाव के लिए 61 उम्मीदवार खड़े किए थे, जिनमें से अब सिर्फ 33 ही मैदान में बचे हैं.

इधर, रविवार को कई पार्टियों ने अपने स्टार प्रचारकों के नाम का ऐलान कर दिया है. बीजेपी के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, गिरिराज सिंह, योगी आदित्यनाथ जैसे नाम शामिल हैं. इसके जवाब में विपक्षी दलों की तरफ से वामपंथी नेता कन्हैया कुमार, तेजस्वी यादव, राहुल गांधी और अन्य नेताओं का नाम सामने आ रहा है. देखना रोचक होगा कि पीएम मोदी के सामने उनकी पार्टी और सरकार की नीतियों का विरोध कर चर्चित होने वाले कन्हैया कुमार किस हद तक जनता को लुभा पाते हैं. बिहार चुनाव से जुड़े कुछ ऐसे ही रोचक तथ्यों पर आइए एक नजर डालते हैं...
राजग में टूट से बागी नेताओं की बन आई है. बीजेपी और जदयू से जिन नेताओं को टिकट नहीं मिला वह बेधड़क दूसरी पार्टियों से टिकट ले रहे हैं. ऐन चुनाव से पहले दल और दिल बदलने वाले इन नेताओं के चुनाव के नतीजों पर सबकी नजर रहेगी.
बागी नेताओं की पहली पसंद लोजपा है. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक लोजपा ने बीजेपी से आए 9 नेताओं को विधानसभा चुनाव का टिकट दिया है.
जेडीयू में भी कई नेताओं को इस बार के चुनाव में टिकट से वंचित रह जाना पड़ा है. इन नेताओं ने भी अपने मनमाफिक दल से टिकट की जुगाड़ कर ली है. जेडीयू में जिन लोगों को टिकट नहीं मिला, ऐसे दो नेता रालोसपा से चुनावी टिकट पाने में सफल रहे हैं.
राष्ट्रीय जनता दल और जीतन राम मांझी की पार्टी हम के भी कई नेता दूसरे दलों के टिकट पर चुनाव मैदान में उतर रहे हैं. इन दोनों दलों के भी कई नेताओं को लोजपा ने जगह दी है. इन्हें भी विधानसभा चुनाव का टिकट मिला है.
बिहार चुनाव के पहले चरण में 71 सीटों के लिए मतदान होना है. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार एनडीए और महागठबंधन मिलाकर 100 से ज्यादा करोड़पति उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.
महागठबंधन ने 55 ऐसे उम्मीदवार उतारे हैं, जिनके पास 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति है. वहीं, एनडीए की तरफ से 48 ऐसे प्रत्याशी विधानसभा चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे हैं.
विधानसभा चुनाव में सीएम कैंडिडेट के तौर पर उतरीं पुष्पम प्रिया चौधरी की पार्टी प्लूरल्स ने अपने उम्मीदवारों की लिस्ट में धर्म के कॉलम में बिहारी लिखकर सुर्खियां बटोरी. लेकिन निर्वाचन आयोग में प्लूरल्स के 28 प्रत्याशियों का नामांकन खारिज कर दिया है.
छपरा के अमनौर विधानसभा सीट से शत्रुघ्न तिवारी उर्फ चोकर बाबा को बीजेपी ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. टिकट कटने की आशंकाएं गहरा रही थीं तो चोकर बाबा ने आजीवन अन्न त्यागने का निर्णय ले लिया था.
चुनावी टिकट को लेकर सबसे ज्यादा चौंकाने वाली खबर डीजीपी के पद से वीआरएस लेने वाले गुप्तेश्वर पांडेय की आई. पांडेय बक्सर के ब्रह्मपुर या बक्सर सदर से जेडीयू का टिकट चाहते थे. लेकिन बक्सर सदर बीजेपी और ब्रह्मपुर वीआईपी के खाते में चली गई है. दोनों जगह से प्रत्याशियों की घोषणा के बाद गुप्तेश्वर पांडेय नाउम्मीद हो गए.
जेएनयू में छात्र संघ का अध्यक्ष रहते हुए वामपंथी नेता कन्हैया कुमार ने लोकसभा चुनाव में बेगूसराय से ताल ठोकी थी. मगर बीजेपी के गिरिराज सिंह ने उन्हें 4 लाख से भी ज्यादा वोटों से हरा दिया था. विधानसभा चुनाव में कन्हैया कुमार अपना दम नहीं दिखाएंगे, लेकिन स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल होकर वे बीजेपी और पीएम मोदी की नीतियों की आलोचना करते नजर आएंगे. मोदी विरोध से सुर्खियों में आए इस युवा नेता पर सियासतदानों की नजरें टिकी हैं.
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