प्रोफेसर से CM तक कुछ ऐसा था जगन्नाथ मिश्रा का सियासी सफर

Amrendra Kumar | News18 Bihar
Updated: August 19, 2019, 1:25 PM IST
प्रोफेसर से CM तक कुछ ऐसा था जगन्नाथ मिश्रा का सियासी सफर
बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा ने राजनीति से पहले अपने करियर की शुरुआत लेक्चरर के तौर पर की थी. बाद में उन्होंने बिहार यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर के तौर पर अपनी सेवाएं दीं.

डॉ जगन्नाथ मिश्रा नौकरी में रहने के दौरान ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए थे. उनकी गिनती इंडियन नेशनल कांग्रेस के सबसे सक्रिय नेताओं में होने लगी.

  • Share this:
बिहार के पूर्व सीएम (CM) जगन्नाथ मिश्रा (Jagannath Mishra) का सोमवार को इलाज के दौरान दिल्ली (Delhi) में निधन हो गया. 82 साल के मिश्रा काफी लंबे समय से बीमार (Sick) चल रहे थे. मिश्रा तीन बार बिहार (Bihar) के सीएम (Chief Minister) रहे. उनको बिहार की राजनीति का कद्दावर नेता माना जाता था.

प्रोफेसर से की थी करियर की शुरुआत

जगन्‍नाथ मिश्रा के निधन की जानकारी मिलते ही बिहार के राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है. डॉ जगन्नाथ मिश्रा  ने प्रोफेसर के रूप में अपना करियर शुरू किया. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बिहार विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर के तौर पर की थी. कहा जाता है कि डॉ मिश्रा की बचपन से ही राजनीति में रुचि थी.

विरासत में मिली राजनीति

राजनीति उनको विरासत में मिली थी यही कारण है कि वह तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे. जगन्नाथ मिश्रा के बड़े भाई ललित नारायण मिश्रा राजनीति में थे और रेल मंत्री भी रहे. डॉ जगन्नाथ मिश्रा नौकरी में रहने के दौरान ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए थे. पार्टी में प्रवेश के बाद उनकी गिनती इंडियन नेशनल कांग्रेस के सबसे सक्रिय नेताओं में होने लगी. वह पहली बार 1975 में और दूसरी बार वर्ष 1980 में बिहार के मुख्‍यमंत्री बने थे. वह आखिरी बार साल 1989 से 1990 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे. बिहार के सीएम पद पर रहने के अलावा 90 के दशक में मिश्रा केंद्र की राजनीति में भी सक्रिय रहे और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भी बने.

मिश्रा के पार्टी छोड़ने के बाद शुरू हुआ कांग्रेस का पतन

डॉ मिश्रा का नाम बिहार के बड़े नेताओं खास कर कांग्रेस के दिग्‍गज नेताओं में लिया जाता है. कहा जाता है कि उनके कांग्रेस छोड़ने के बाद ही बिहार में कांग्रेस पार्टी के पतन की शुरुआत हो गई. कांग्रेस छोड़ने के बाद वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए थे.
Loading...

चारा घोटाले में दोषी

जगन्नाथ मिश्रा को 30 सितंबर 2013 को चारा घोटाले में 44 अन्य लोगों के साथ दोषी ठहराया गया था. उन्‍हें चार साल की जेल के अलावा 200,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था. चारा घोटाले से जुड़े एक अन्य मामले में उनको बेल मिल गया था. उनके जेल से बाहर आने के बाद कई तरह के सवाल भी उठे थे.

ये भी पढ़ें- बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा का निधन

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 19, 2019, 11:35 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...