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Bihar Politics: चुनाव हारने के बाद घर वापसी को बेचैन हैं नेता, JDU-BJP में लंबी है लिस्ट

जेडीयू के बड़े नेताओं के साथ नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

जेडीयू के बड़े नेताओं के साथ नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

JDU-BJP News: बिहार में विधानसभा चुनाव के वक्त टिकट नहीं मिलने से जेडीयू और बीजेपी के कई बड़े चेहरों ने न केवल पार्टी छोड़ी थी बल्कि अधिकांश ने लोजपा का दामन थामते हुए चुनाव भी लड़ा था. चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब सभी घर वापसी का संकेत दे रहे हैं.

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पटना. बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) के वक़्त टिकट नहीं मिलने की वजह से भाजपा और JDU के कई नेता नाराज होकर पार्टी से बाहर जाकर दूसरे दल से चुनाव लड़ गए थे. इसकी वजह से पार्टी ने वैसे नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था लेकिन परिणाम निकलने के कई महीने के बाद एक बार फिर से वैसे नेताओं की घर वापसी की सुगबुगाहट तेज हो गई है. इसके साथ ही चर्चा इस बात की हो रही है कि क्या ऐसे नेताओं की घर वापसी जल्द होगी.

ऐसे नेताओं की फेरहिस्त काफी लंबी है. लम्बे समय तक भाजपा में रहने वाली लेकिन टिकट नहीं मिलने की वजह से लोजपा का दामन थाम चुनाव लड़ने वाली उषा विद्यार्थी भी इस लिस्ट में हैं जिन्हें अपनी पुरानी पार्टी भाजपा की याद आ रही है. उषा विद्यार्थी पूर्व में भाजपा विधायक रह चुकी हैं और वर्तमान में लोजपा की नेता हैं, वे कहती हैं कि भाजपा की बहुत याद आती है क्योंकि मैं लम्बे समय तक भाजपा में रही और उसके बाद पार्टी छोड़ना आसान नहीं होता है लेकिन हालात ऐसे हो गए थे इसलिए तब वैसा फ़ैसला लिया था लेकिन वो ये भी कहती हैं कि अभी तो मैं लोजपा में हूं, आगे क्या होगा मै इस वक़्त क्या बताउं.

ऐसा ही हाल ऐसे कई नेताओ का है जिन्होंने पार्टी छोड़ विधानसभा चुनाव में दूसरी पार्टियों का दामन थाम लिया था. हमने कुछ और नेताओ से भी सम्पर्क साधने की कोशिश की लेकिन कई लोगों ने ये कह कर फ़िलहाल बात नहीं की है कि अभी बातचीत चल रही है, ऐसे में अभी बोलना ठीक नहीं होगा. नेताओं को घर वापसी की शुरुआत विधानसभा चुनाव के वक़्त बाग़ी बनकर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले जेडीयू नेता मंजित सिंह से हो सकती है, जिन्हें नीतीश कुमार ने राजद में जाने से रोक लिया और ख़बर है की बहुत जल्द मंजीत सिंह की पूरे इज्जत के साथ JDU में वापसी होने वाली हैं.

JDU से जो नेता बाहर चले गाए थे उनकी घर वापसी भी हो सकती है. इसके संकेत JDU के वरिष्ठ नेता और नीतीश कुमार के करीबी वशिष्ठ नारायण सिंह दे रहे हैं. वशिष्ठ नारायण सिंह जो JDU के राज्यसभा सांसद भी हैं कहते हैं कि गलतियां हो जाती हैं लेकिन अगर कोई अपनी गलती माने और नीतीश कुमार के विकास कार्य से प्रभावित हो तो उसके बारे में विचार किया जा सकता है.

दरअसल मंजीत सिंह ने भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ा था और भाजपा उम्मीदवार के हार का कारण भी बने थे लेकिन मंजीत सिंह की घर वापसी भाजपा के बागी नेताओं के लिए भी घर वापसी का रास्ता खोल सकती है जो पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर JDU उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़े थे , लेकिन फिलहाल भाजपा नेता इस बारे में कुछ भी साफ बोलने से बच रहे हैं और सवाल टालने की कोशिश करते दिख रहे है. संजय टाइगर जो भाजपा प्रवक्ता भी हैं कहते हैं कि जो बाहर गए थे उन्हें वापस लेने जैसा फ़ैसला भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को करना है. इससे ज़्यादा मैं कुछ नही बता सकता हूं.

भाजपा और JDU के कई ऐसे नेता हैं जो घर वापसी को परेशान हैं और इनमे अधिकांश चिराग की पार्टी लोजपा से चुनाव लड़े थे. अगर ऐसे नेताओं की घर वापसी होती है तो इसका बड़ा घाटा चिराग पासवान को उठाना पड़ सकता है. ब होता है ये देखना फ़िलहाल दिलचस्प होगा.

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