24 घंटे बाद भी नहीं मिल सका पटना के गटर में गिरा दीपक, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

दीपक को खोजने के लिए रेस्क्यू चलाती टीम
दीपक को खोजने के लिए रेस्क्यू चलाती टीम

इस कोशिश में दो जगहों पर रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. एक टीम पटना के एसकेपुरी इलाके में दीपक को ढूंढ रही है तो दूसरी टीम शहर के बीचोंबीच आनन्दपुरी इलाके में बड़े नाले में जाल लगा कर बैठी है

  • Share this:
पटना के ओपन मेनहोल में गिरे दस साल के दीपक की तलाश अभी भी जारी है. घटना के 24 घंटे बाद भी दीपक का सुराग नहीं मिल सका है. पटना में जिला प्रशासन और पूरी रेस्क्यू टीम 24 घण्टे से ज्यादा वक्त से लगातार लगी है लेकिन अभी तक उन्हें कोई कामयाबी नहीं मिली है.

इस कोशिश में दो जगहों पर रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. एक टीम पटना के एसकेपुरी इलाके में दीपक को ढूंढ रही है तो दूसरी टीम शहर के बीचोंबीच आनन्दपुरी इलाके में बड़े नाले में जाल लगा कर बैठी है ताकि पानी के तेज बहाव में दीपक को किसी भी तरह से बरामद किया जा सके.

ये भी पढ़ें- जान से खिलवाड़: बस की सीट फुल हुई तो स्कूल के बच्चों को छत पर बिठा कर ले गए टूर



बच्चे के रेस्क्यू के लिए दमकल से भी मेनहोल में पानी का प्रेशर दिया गया है साथ ही, सुपर सकर मशीन से पूरी रात सर्च ऑपरेशन किया गया लेकिन बच्चे का सुराग नहीं मिल सका है. इससे पहले, दीपक की खोज में सर्च ऑपरेशन का रेंज बढ़ाने की भी बात चल रही थी. बोरिंग रोड से आनंदपुरी नाला तक ये सर्च ऑपरेशन हो रहा है. दीपक का सुराग पाने के लिए आनंदपुरी नाले के गेट पर जाली लगाया गया है.
ये भी पढ़ें- कुशवाहा ने सुशील मोदी को अवसरवादी, पिछलग्गू और छपास का पीड़ित बताया

मालूम हो कि एसके पुरी थाना क्षेत्र में एक संप हाउस के पास 10 साल का बच्चा शनिवार को नाले में गिर गया था. बताया जा रहा है कि संप हाउस के पास एक गाय के धक्का देने से बच्चा नाले में जा गिरा. यह घटना शनिवार दोपहर 1:30 बजे की है. नाले में गिरने वाले दीपक नामक बच्चा 3 बहनों में एकलौता भाई था. परिवारवालों के मुताबिक दीपक अपने पिता को लंच देकर लौट रहा था कि तभी यह घटना घटी.

दीपक के पिता गुड्डू राम का जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नाला सालों से खुला था और अगर नाला ढका होता तो आज दीपक के साथ ऐसी घटना नहीं घटती. वहीं, पटना निगम के रवैये को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी गई. लोगों का कहना है कि नगर निगम की लापरवाही से दीपक की सांसें अटकी हैं. महीनों से मेनहोल का ढ़क्कन खुला था, लेकिन निगम आयुक्त बेपरवाह बने रहे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज