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बिहार में रार से दिखी NDA की दरार, संजय जायसवाल बोले- हम नहीं चाहते CM आवास हत्या कराने का अड्डा बने

बिहार में रार से दिखी NDA की दरार, संजय जायसवाल बोले- हम नहीं चाहते CM आवास हत्या कराने का अड्डा बने

बिहार में BJP और JDU आमने-सामने आ गए हैं. संजय जायसवाल ने एक बार फिर अपने सहयोगी दल पर हमला बोला है.

बिहार में BJP और JDU आमने-सामने आ गए हैं. संजय जायसवाल ने एक बार फिर अपने सहयोगी दल पर हमला बोला है.

Bihar Politics: बिहार में जेडीयू और बीजेपी आमने-सामने आ गई है. जेडीयू नेताओं का नाम लिए बिना संजय जायसवाल ने अध्यक्ष ललन सिंह एवं संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा पर निशाना साधा है. संजय जायसवाल ने कहा कि एनडीए गठबंधन की मर्यादा का ख्याल हम सभी को रखना चाहिए. अब यह एकतरफा नहीं चलेगा. इसके साथ ही ललन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा की पीएम मोदी से दया प्रकाश सिन्हा की पुरस्कार वापसी की मांग को बकवास करार दे दिया. इतना ही नहीं बिहार बीजेपी के अध्यक्ष ने जेडीयू नेतृत्व से कहा कि पीएम मोदी पर सवाल उठाएंगे तो इसका जवाब हमारे सभी 66 लाख कार्यकर्ता अच्छी तरह से देना जानते हैं.

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पटना. बिहार में जेडीयू  (JDU) और बीजेपी (BJP) के बीच तनातनी बढ़ती ही जा रही है. बिहार बीजेपी अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने एक बार फिर अपने सहयोगी दल पर हमला बोला है. जेडीयू नेताओं का नाम लिए बिना संजय जायसवाल ने अध्यक्ष ललन सिंह और संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा पर निशाना साधा है. संजय जायसवाल ने कहा कि एनडीए गठबंधन की मर्यादा का ख्याल हम सभी को रखना चाहिए. अब यह एकतरफा नहीं चलेगा. इसके साथ ही उन्होंने ललन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा की पीएम मोदी से दया प्रकाश सिन्हा की पुरस्कार वापसी की मांग को बकवास करार दे दिया. इतना ही नहीं बिहार बीजेपी के अध्यक्ष ने जेडीयू नेतृत्व से कहा कि पीएम मोदी पर सवाल उठाएंगे तो इसका जवाब हमारे सभी 66 लाख कार्यकर्ता अच्छी तरह से देना जानते हैं.

उपेंद्र कुशवाहा का नाम लिए बिना संजय जायसवाल ने कहा कि ‘चलिए माननीय जी को यह समझ आ गया कि एनडीए गठबंधन का निर्णय केंद्र द्वारा है और बिल्कुल मजबूत है इसलिए हम सभी को साथ चलना है. फिर बार-बार महोदय मुझे और केंद्रीय नेतृत्व को टैग कर न जाने क्यों प्रश्न करते हैं. एनडीए गठबंधन को मजबूत रखने के लिए हम सभी को मर्यादाओं का ख्याल रखना चाहिए. यह एकतरफा अब नहीं चलेगा.

बीजेपी कार्यकर्ताओं को जवाब देना आता है

संजय जायसवाल ने कहा कि मर्यादा की पहली शर्त है कि देश के प्रधानमंत्री से ट्विटर-ट्विटर न खेलें. प्रधानमंत्री जी प्रत्येक बीजेपी कार्यकर्ता के गौरव भी हैं और अभिमान भी. उनसे अगर कोई बात कहनी हो तो जैसा माननीय ने लिखा है कि बिल्कुल सीधी बातचीत होनी चाहिए. ट्विटर-ट्विटर खेल कर अगर उनपर सवाल करेंगे तो बिहार के 76 लाख बीजेपी कार्यकर्ता इसका जवाब देना अच्छे से जानते हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि भविष्य में हम सब इसका ध्यान रखेंगे.

बिहार बीजेपी अध्यक्ष ने ललन सिंह व उपेन्द्र कुशवाहा पर तंज कसते हुए कहा कि आप सब बड़े नेता हैं. एक बिहार में और दूसरे केंद्र में मंत्री रह चुके हैं. फिर इस तरह की बात कहना कि राष्ट्रपति जी द्वारा दिए गए पुरस्कार को प्रधानमंत्री वापस लें – से ज्यादा बकवास हो ही नहीं सकता. दया प्रकाश सिन्हा के हम आप से सौ गुना ज्यादा बड़े विरोधी हैं क्योंकि आपके लिए यह मुद्दा बिहार में शैक्षिक सुधार जैसा मुद्दा है जबकि जनसंघ और बीजेपी का जन्म ही सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर हुआ है.

उन्होंने कहा कि 74 वर्ष में एक घटना नहीं हुई जब किसी पद्मश्री पुरस्कार की वापसी हुई हो. पहलवान सुशील कुमार पर हत्या के आरोप सिद्ध हो चुके हैं उसके बावजूद राष्ट्रपति ने उनका पदक वापस नहीं लिया क्योंकि पुरस्कार वापसी मसले पर कोई निश्चित मापदंड नहीं है, जबकि चाहे वह हरिद्वार में घटित धर्म संसद हो या सैकड़ों हेट स्पीच, सरकार न केवल इन पर संज्ञान लेती है बल्कि बड़े से बड़े व्यक्ति को भी जेल में डालने से नहीं हिचकती.

हमने केस किया है, बिहार सरकार लेखक को जेल भेजे – संजय जायसवाल

संजय जायसवाल ने कहा कि सबसे पहले बिहार सरकार दया प्रकाश सिन्हा जी को मेरे एफआईआर के आलोक में गिरफ्तार करे और फास्ट ट्रैक कोर्ट से तुरंत सजा दिलवाए. उसके बाद बिहार सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के पास जाकर हम सभी की बात रखे कि एक सजायाफ्ता मुजरिम का पद्मश्री पुरस्कार वापस लिया जाए. बिहार सरकार अच्छे वातावरण में शांति से चले यह सिर्फ हमारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि आप की भी है.

उन्होंने कहा कि अगर कोई समस्या है तो हम सब मिल बैठकर उसका समाधान निकालेंगे. हमारे केंद्रीय नेताओं से कुछ चाहते हैं तो उनसे भी सीधी बात होनी चाहिए. हम हरगिज नहीं चाहते हैं कि पुनः मुख्यमंत्री आवास 2005 से पहले की तरह हत्या कराने और अपहरण की राशि वसूलने का अड्डा हो जाए. अभी भेड़िया स्वर्ण मृग की भांति नकली हिरण की खाल पहनकर अठखेलियां कर जनता को आकृष्ट कर रहा है. एक पूरी पीढ़ी जो 2005 के बाद मतदाता बनी है वह उन स्थितियों को नहीं जानती और बिना समझे कि यह रावण का षड्यंत्र है स्वर्ण मृग पर आकर्षित हो रही है. यथार्थ बताना हम सभी का दायित्व भी है और कर्तव्य भी.

Tags: Bihar News in hindi, Bjp jdu

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