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Bihar Flood: बाढ़ प्रभावित इलाकों में बीमारियों का खतरा, क्या उपाय करें ताकि न पड़ें बीमार?

Bihar Flood: बाढ़ प्रभावित इलाकों में बीमारियों का खतरा, क्या उपाय करें ताकि न पड़ें बीमार?

बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.

बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.

Flood In Bihar: बाढ़ प्रभावित जिलों के सिविल सर्जनों को कहा गया है कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद डायरिया, चिकनगुनिया, डेंगू और टायफाइड जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है. इसे रोकने के‍ि लए समय से पहले तैयारी करना जरूरी है.

पटना. बिहार में अब बाढ़ का खतरा कम हो रहा है, क्योंकि कई नदियों के जलस्तर में तेजी से कमी देखी जा रही है. राज्य के 16 जिलों के करीब 37 लाख लोग जो बाढ़ प्रभावित हैं. ये लोग अब राहत की सांस ले रहे हैं, लेकिन बाढ़ के बाद प्रभावित इलाके से पानी कम होते ही अब कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. हर साल बाढ़ के बाद बीमारियों के कारण कई लोग काल के गाल में समा जाते हैं. इसे देखते हुए बिहार में स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों को बाढ़ के बाद की तैयारियों को लेकर अलर्ट रहने को कहा है.

स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी सिविल सर्जन को कहा है कि वे बाढ़ के बाद बीमारियों को लेकर अभी से बचाव के लिए समुचित व्यवस्था करें. सिविल सर्जनों को कहा गया है कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद डायरिया, चिकनगुनिया, डेंगू और टायफाइड जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है. इसलिए बीमारियां विकराल रूप न लें, इसके लिए जरूरी दवाओं की समुचित व्यवस्था करें. साथ ही जिन इलाकों में पानी कम होने लगा है, वहां चूना और ब्लीचिंग छिड़काव करें.

भोजपुर के लोग परेशान
भोजपुर में गंगा का जलस्तर ख़तरे के निशान से काफी नीचे पहुंच गया है जिससे बाढ़ पीड़ितों ने राहत की सांस ली है. लेकिन जगह-जगह बाढ़ का पानी जमा होने के बाद प्रभावित क्षेत्र में काफी दुर्गंध आ रही है. जिससे क्षेत्र में संक्रमण के साथ-साथ महामारी के फैलने की संभावना भी बढ़ गई है.. घर के आसपास जमे पानी और गंदगी से किसी बड़ी महामारी की आशंका से लोग डरे हुए हैं. हालांकि संभावित महामारी के फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक किसी तरह का प्रयास भी नहीं दिख रहा है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अभी तक ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी नहीं हुआ है. जिससे बाढ़ पीड़ित परेशान हैं.

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बाढ़ ग्रस्त इलाके में होने वाली बीमारियां
डॉक्टरों को कहना है कि बाढ़ग्रस्त इलाके में पानी कम होने के बाद डायरिया, चिकनगुनिया, डेंगू , टायफाइड, गैस्ट्रोइंट्रोटाइटिस, मलेरिया, नेत्र और चर्मरोग जैसी बीमारियों का प्रकोप हो सकता है. ये बीमारियां भयावह रूप न ले, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को इलाके में दवाओं का इंतजाम करके रखना चाहिए.

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बीमारियों से कैसे करें बचाव
डॉक्टरों का कहना है कि बाढ़ के दौरान गंदे पानी में बैक्टीरिया पैदा होते हैं, जिस कारण लोगों को कई प्रकार के त्वचा रोग भी हो जाते हैं.  पानी को उबालकर पीना चाहिए. साथ ही शरीर में आवश्यक खनिज आपूर्ति के लिए नारियल पानी या स्वच्छ पानी का उपयोग भी कर सकते हैं. बाढ़ के कई इलाकों में लोग पीने के पानी के लिए भूजल पर निर्भर होते हैं, इसलिए जीवाणु संक्रमण से छुटकारा पाने के लिए पानी में क्लोरीन भी मिला सकते हैं.

Tags: Bihar flood, Bihar News, Chikungunya, Dengue

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