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कुशवाहा ने 'मानव कतार' के लिए सिर्फ महागठबंधन दलों को बुलाया पर दूर रही आरजेडी-कांग्रेस
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Neel kamal | News18 Bihar
Updated: January 24, 2020, 1:30 PM IST
कुशवाहा ने 'मानव कतार' के लिए सिर्फ महागठबंधन दलों को बुलाया पर दूर रही आरजेडी-कांग्रेस
मानव कतार में शामिल होते हुए उपेंद्र कुशवाहा व अन्य

RLSP के मानव कतार में महागठबंधन के तमाम दलों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन इसमें सिर्फ वीआईपी के मुकेश साहनी ही पहुंचे.

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पटना. 19 जनवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के आह्वान पर आयोजित जल जीवन हरियाली (Jal Jeevan Hariyali) को लेकर मानव श्रृंखला के बाद राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा  (Upendra Kushwaha) के आह्वान पर भी मानव कतार बनायी गई. 24 जनवरी को जननायक कर्पूरी ठाकुर (Karpuri Thakur) की जयंती के मौके पर् मानव कतार लगाकर कुशवाहा यह साबित करना कहते है कि बिहार सरकार शिक्षा के प्रति गंभीर नहीं है. हालांकि इस दौरान बड़ी बात ये हुई कि कुशवाहा के कॉल पर किए गए इस आयोजन से आरजेडी और कांग्रेस दूर रही.

मानव कतार से दूर रहे राजद और कांग्रेस के नेता
राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के तरफ से आयोजित मानव कतार में महागठबंधन के तमाम दलों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन इसमें सिर्फ वीआईपी के मुकेश साहनी ही पहुंचे.  राजद और कांग्रेस के नेता इस मानव कतार से अपने को दूर ही रखा. यानी यहां भी महागठबंधन के दलों में एकता देखने को नहीं मिली.

सिर्फ महागठबंधन को आमंत्रण

सबसे अहम बात यह है कि जहां जल जीवन हरियाली, बालविवाह और दहेज प्रथा जैसी कुरुतियों को खत्म करने की थीम पर बनाये जाने वाले मानव श्रंखला के लिए. नीतीश कुमार ने हर दल को शामिल होने को आमंत्रित किया था. वहीं उपेंद्र कुशवाहा ने अपने मानव कतार में सिर्फ विपक्षी दलों को ही आमंत्रित किया था.

मानव कतार में छोटे-छोटे बच्चे शामिल हुए 
रालोसपा के मानव कतार में 3 से 5 साल की उम्र के बच्चे टोपी लगाकर मानव कतार में खड़े दिखे. रालोसपा के राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने कहा कि यह बच्चों की ललक है और शिक्षा को लेकर वे जागरूक हैं .लेकिन माधव आनंद यह नहीं बता पाए की नीतीश कुमार की मानव श्रृंखला बनी थी तो वैसे ही छोटे बच्चों के मानव श्रृंखला में शामिल होने पर विपक्ष द्वारा कई सवाल उठाए गए थे.
मानव कतार में शामिल होते हुए छोटे बच्चे


'नीतीश सरकार से कोई अपेक्षा नहीं'
इस मौके पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उन्हे बिहार सरकार से कोई उम्मीद नहीं है इसलिए मानव कतार के जरिए नीतीश सरकार से कोई मांग नहीं की जाएगी. हम आपको बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा ने मानव कतार के लिए जो थीम रखी है वह तीन है हमें चाहिए शिक्षा और रोजगार इसके लिए है मानव कतार. उन्होने फिर एक बार यह बात दोहरायी कि बिहार विधान सभा चुनाव 2020 शिक्षा में सुधार के मुद्दे पर होना चाहिए.

'जो ज्यादा पढ़ा लिखा है वो उतना ही बेरोजगार है'
उन्होने कहा कि बिहार में बेरोजगारी की दर लगातार बढ़ी है.सरकारी आंकड़ा है 2011-12 में 3.5 फीसदी बेरोजगारी की दर थी ,2017-18 में 7.2 और 2019 में 13.7 फीसदी बेरोजगारी की दर हैं.उन्होने कहा कि पढ़े लिखे लोग में प्राइमरी लेवल तक जिन्होने शिक्षा ग्रहण की है उनमें 2.5 फीसदी बेरोजगार है. मिडिल स्कूल सेकेन्ड्री और हायर सेकेन्ड्री स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने वाले 8.4 फीसदी लोग बेरोजगार हैं. इसके अलावe डिप्लोमा करने वाले 9.1 फीसदी ग्रेजुएट और उससे ज्यादा पढ़ाई करने वाले 25.7 फीसदी लोग बेरोजगार हैं.

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First published: January 24, 2020, 1:30 PM IST
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