RJD के लिए 'संजीवनी' नहीं ढूंढ पाए तेजस्वी, गंवा दिए ये 5 मौके

लोकसभा चुनाव परिणाम के भी दो महीने होने को हैं. इस बीच बिहार में कुछ ऐसे मुद्दे उभरकर आए जो विपक्षी कुनबे को नई ताकत देने के लिए काफी थे. विशेषकर बिहार की सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी के लिए तो यह संजीवनी का काम करती.

Vijay jha | News18 Bihar
Updated: July 20, 2019, 11:23 AM IST
RJD के लिए 'संजीवनी' नहीं ढूंढ पाए तेजस्वी, गंवा दिए ये 5 मौके
लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद तेजस्वी यादव ने जिस तरह का व्यवहार दिखाया है इससे लगता है मुख्यधारा की राजनीति से परहेज कर रहे हैं. (फाइल फोटो)
Vijay jha | News18 Bihar
Updated: July 20, 2019, 11:23 AM IST
बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र जारी है और शुक्रवार को कार्यवाही सम्पन्न होने के बाद इसके लिए महज 5 दिन का वक्त और बचा है, लेकिन विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव अब भी गायब हैं. वे पूरे मानसून सत्र के दौरान महज एक घंटे की उपस्थिति ही दर्ज करा पाए. दरअसल ये मौका ऐसा था कि तेजस्वी यादव लोकसभा चुनाव में करारी हार के बावजूद अपने आपको फिर हौसला देते और मुख्यधारा की राजनीति में वापस ला सकते थे, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए. राजनीतिक जानकारों की मानें तो वे इस मौके को गंवा चुके हैं.

दरअसल 23 मई को जब लोकसभा चुनाव के परिणाम आए और आरजेडी की करारी हार हुई. पूरा विपक्ष धराशायी हो गया और विपक्षी दलों में बिखराव नजर आने लगा. हालांकि अब इस परिणाम के भी दो महीने होने को हैं. इस बीच बिहार में कुछ ऐसे मुद्दे उभरकर आए जो विपक्षी कुनबे को नई ताकत देने के लिए काफी थे. विशेषकर बिहार की सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी के लिए तो यह संजीवनी का काम करती.

कहा तो यह जा रहा है कि ये ऐसे मुद्दे थे जो चुनाव में हार के बाद आरजेडी कार्यकर्ताओं का हौसला तो बढ़ाता ही साथ ही तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकल्प के रूप में देखे जा सकते थे, लेकिन तेजस्वी मौका चूक गए. आइये जानते हैं कि आखिर वे किन-किन मामलों में चूक गए जिसपर वह आरजेडी को वर्तमान राजनीतिक दौर में पुनर्जीवित कर सकते थे ?

बाढ़ के दौरान गायब रहे तेजस्वी

एक बार फिर बिहार प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है और 12 जिलों में बाढ़ का जबरदस्त प्रकोप है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 55 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और गैर आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 127 लोगों की मौत हो चुकी है. सरकार भी मान रही है कि 78 लोगों की मौत हुई है. हजारों लोग पलायन को मजबूर हैं, लेकिन विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जनता के बीच नहीं हैं.

चमकी बुखार में लापता तेजस्वी
जून महीने में चमकी बुखार ने प्रदेश में 180 से अधिक बच्चों की जान ले ली, बावजूद इसके बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अज्ञातवास पर रहे. वापस लौटे तो भी उन्होंने इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित मुजफ्फरपुर जिले का दौरा करने जहमत भी नहीं उठाई. आरजेडी के नेता-कार्यकर्ता सभी चाहते थे कि तेजस्वी पहल करें, लेकिन वे ऐसा करने में असमर्थ रहे.
Loading...

लॉ एंड ऑर्डर पर तेजस्वी की चुप्पी
बिहार में लगातार हत्याओं और लूट का दौर जारी है. सीएम नीतीश कुमार ने भी सदन के सामने माना है कि बीते छह महीने में हत्या के मामलों में वृद्धि हुई है. वहीं लूट की वारदातों ने बिहार में एक नया रिकॉर्ड बना दिया है. यह मुद्दा ऐसा है जो जनता से सीधे जुड़ता है, लेकिन तेजस्वी यादव की आश्चर्यजनक चुप्पी आरजेडी के नेताओं और कार्यकर्तों को भी खल रही है.

क्लाइमेट चेंज पर बैठक में नहीं आए
जुलाई के पहले पखवाड़े में क्लाइमेट चेंज पर बिहार विधानमंडल में सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, इसमें भी वे नहीं आए. तेजस्वी की गैरहाजिरी के कारण 80 सीटों वाली सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी के होने को लेकर ही सवाल खड़े होने लगे हैं. सत्ता पक्ष के साथ जनता भी सवाल उठा रही है कि तेजस्वी के साथ लालू परिवार के किसी भी सदस्य का इस मीटिंग में नहीं आना यह साबित करता है कि उनका जनता के मुद्दों से कोई सरोकार नहीं.

मानसून सत्र से गायब रहे तेजस्वी
बिहार विधानसभा का सत्र 28 जून से शुरू हुआ तो लगा कि जनता अपने मु्द्दों पर विपक्ष के जरिये सदन और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाती. माना जा रहा था कि अनेकों मुद्दों पर घिर रही नीतीश सरकार के लिए तेजस्वी यादव मुश्किल खड़ी करेंगे. अब 26 जुलाई को सत्र समाप्त होने जा रहा है, लेकिन तेजस्वी यादव दो दिन आधे-आधे घंटे के लिए विधानसभा में महज हाजिरी ही दर्ज करा पाए.

राजनीतिक जानकारों की मानें तो शिक्षकों के समान-काम, समान वेतनमान और रोजगार जैसे कई मुद्दे हैं जिसपर तेजस्वी अगर काम करते तो करारी शिकस्त के बावजूद दो महीने में ही आरजेडी के लिए संजीवनी पैदा कर लेते. शायद कम उम्र और कम अनुभव के कारण तेजस्वी यादव ने गोल्डन चांस गंवा दिया है. जाहिर है अब तेजस्वी यादव लौट भी आते हैं तो चूक गए मौकों की वजह से उनके तेवर में दम नहीं रहेगा.

ये भी पढ़ें-


न्यूज 18 की मुहिम के साथ आईं राबड़ी देवी, बोलीं- दुलारी को बचाने में लगा देंगे जी-जान




बिहार में विकराल हुई बाढ़ की समस्या, अब तक 138 लोगों की मौत

First published: July 20, 2019, 11:18 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...