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संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में तिहाड़ जेल भेजे गये मोहम्मद शहाबुद्दीन

राष्ट्रीय जनता दल के बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन को बिहार की सीवान जेल से शुक्रवार को देर रात पटना के बेउर जेल में शिफ्ट किया गया. अभी फिलहाल शहाबुद्दीन बेउर जेल में ही हैं और शनिवार को उन्हें ट्रेन या फ्लाइट के जरिए दिल्ली की तिहाड़ जेल लाया जाएगा.

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    राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन को पटना के बेउर जेल से दिल्ली की तिहाड़ जेल के लिये रवाना कर दिया गया है.

    शाम  के पौने चार बजे शहाबुद्दीन को बेउर जेल से रवाना किया गया. शहाबुद्दीन को राजेंद्र नगर से नई दिल्ली जाने वाली संपूर्ण क्रांति के स्लीपर कोच से दिल्ली भेजा गया. गाड़ी के कोच संख्या एस-2 में शहाबुद्दीन को सीट दी गई.

    शहाबुद्दीन के साथ बिहार पुलिस की  एसटीएफ के 13  जवानों समेत दो अधिकारियों को भी दिल्ली रवाना किया गया है. शुरू से ही ऐसी संभावना जतायी जा रही थी कि उन्हें संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस से दिल्ली भेजा जायेगा.

    बिहार की सीवान जेल से शुक्रवार को देर रात पटना के बेउर जेल में शिफ्ट किया गया. बेउर जेल में शहाबुद्दीन के लिए खास व्यवस्था की गई थी. चाय पीने के बाद नाश्ते में उन्हें टोस्ट और अंडे दिए गए. यहां तक कि शहाबुद्दीन को पढ़ने के लिए अखबार भी दिया गया.

    दिलचस्प बात यह है कि जेल में जाने से पहले भी शहाबुद्दीन की खातिरदारी की गई. करीब एक घंटे बाद कागजी प्रक्रिया पूरी हुई और फिर उन्हें जेल के अंदर ले जाया गया.

    ये भी पढ़ें: शहाबुद्दीन पर सुप्रीम कोर्ट ने कसा शिकंजा, बिहार से तिहाड़ शिफ्ट करने का आदेश

    गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के दिवंगत पत्रकार राजदेव रंजन की पत्नी आशा रंजन और चंदा बाबू की याचिका पर फैसला सुनाते हुए बुधवार को मोहम्मद शहाबुद्दीन को सीवान जेल से तिहाड़ जेल में जेल भेजने का आदेश दिया था.

    याचिका में कहा गया था कि शहाबुद्दीन के सीवान जेल में रहने से गवाहों को जान का खतरा है. बाहुबली के गुर्गे आए दिन गवाहों को धमकाते रहते हैं. अदालत ने यह भी कहा कि तिहाड़ स्थानांतरण के क्रम में शहाबुद्दीन को कोई विशेष सुविधा नहीं दी जाएगी.

    ये भी पढ़ें: भुक्तभोगी पुलिसवाले की जुबानी- कभी ऐसा था शहाबुद्दीन का खौफ, ढूंढने से भी नहीं मिलते थे गवाह

    राजदेव रंजन सीवान में एक हिंदी समाचार पत्र के ब्यूरो चीफ थे, जिनकी पिछले साल मई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. आशा रंजन ने मामले की निष्पक्ष और उचित सुनवाई के लिए शहाबुद्दीन को सीवान से तिहाड़ जेल भेजने की याचिका दायर की थी.

    राजदेव रंजन को सीवान जिले के स्टेशन रोड के पास एक व्यस्तम बाजार में मोटरसाइकिल सवार अपराधियों ने गोली मार दी गई थी. वह रात नौ बजे ऑफिस से घर जा रहे थे.

    ये भी पढ़ें: जब शहाबुद्दीन के सामने दो भाइयों को तेजाब से नहला कर मार दिया गया

    पुलिस राजदेव की हत्या के मामले में पहले ही शहाबुद्दीन के सहयोगी उपेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है. उपेंद्र को शहाबुद्दीन का शार्पशूटर माना जाता है.
    सीवान पुलिस ने बताया था कि रंजन की हत्या पूर्व नियोजित साजिश थी. इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है.

    वहीं, शहाबुद्दीन के गुर्गों ने कथित रूप से चंदा बाबू के बेटों को तेजाब डालकर मार डाला था. रोंगटे खड़े कर देने वाली ये वारदात 16 अगस्त 2004 की है. जान की भीख मांगते दो सगे भाइयों पर आहिस्ता-आहिस्ता गिरता तेजाब उनकी सांसे थाम रहा था.

    देखते ही देखते गिरीश राज और सतीश राज का शरीर बेजान हो गया और जली गली लाश पुलिस ने बरामद की थी.

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