RJD नेता शिवानंद तिवारी ने दिया तेंदुलकर पर विवादित बयान, बोले- सचिन को 'भारत रत्न' देना अपमान

आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने सचिन तेंदुलकर को लेकर विवादित बयान दिया है.

आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने सचिन तेंदुलकर को लेकर विवादित बयान दिया है.

Kisan Andolon: आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने सचिन तेंदुलकर पर निशाना साधा है. सचिन तरह-तरह के उत्पादों का विज्ञापन करते हैं. वह मॉडल हैं. सचिन तेंदुलकर जैसे व्यक्ति को भारत रत्न देना इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड का अपमान है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 8, 2021, 4:11 PM IST
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पटना. किसान आंदोलन पर सियासत जारी है. RJD नेता शिवानंद तिवारी ने सचिन तेंदुलकर पर विवादास्पद बयान दिया है. तिवारी ने कहा कि सचिन को भारत रत्न देने को गलत बताया. शिवानंद ने कहा कि सचिन को भारत रत्न देना अपमान है. जेडीयू ने उनके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

शिवानंद तिवारी ने अपने बयान में कहा, "गांव में रहने वाले किसान को रिहाना या ग्रेट के बारे में क्या जानकारी. सरकार ने उसके खिलाफ सचिन तेंदुलकर को उतार दिया. वह तरह-तरह के उत्पादों का विज्ञापन करते हैं. वह मॉडल हैं. सचिन तेंदुलकर जैसे व्यक्ति को भारत रत्न देना इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड का अपमान है."

उन्होंने आगे कहा, "किसानों का जिस तरह से आंदोलन चल रहा है. जिस तरह से वो ठंड में डटे हुए हैं. 26 जनवरी की घटना को छोड़ दिया जाए तो उन पर अंगुली नहीं उठाई जा सकती."

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जेडीयू प्रवक्ता संजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा, "शिवानंद तिवारी को राज्यसभा का पेंशन छोड़ देना चाहिए. सचिन तेंदुलकर के बारे में बोलने से पहले वह अपने नेता और तथाकथित क्रिकेटर तेजस्वी यादव से पूछ लेते. शिवानंद तिवारी देश की शान को बेइज्जत कर रहे हैं. इस बयान से आरजेडी की सोच उजागर होती है."

शिवानंद तिवारी के बयान पर कांग्रेस की ओर प्रतिक्रिया आई है. कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर ने अपनी भावना को जाहिर किया है. दुनिया के जाने माने खिलाड़ी है. शिवानंद तिवारी का यह व्यक्तिगत बयान है. पार्टी उनके बयान से इत्तेफाक नहीं रखती."

गौरतलब है कि किसान आंदोलन को लेकर मशहूर पॉप स्टार रिहाना और ग्रेटा थनबर्ग समेत कई विदेशी हस्तियों के ट्वीट पर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने करारा जवाब दिया था. सचिन तेंदुलकर ने अपने ट्वीट में लिखा था, 'भारत की संप्रभुता से किसी भी तरह से समझौता नहीं किया जा सकता है. बाहरी ताकतें देख सकती हैं, लेकिन इसमें हिस्सा नहीं ले सकती हैं. भारत को भारतीय जानते हैं और भारत को लेकर फैसले ले सकते हैं. आइए एक राष्ट्र के तौर पर हम एकजुट रहें.'
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