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तेजप्रताप यादव को सताने लगा हार का डर! सेफ जोन की तलाश में जुटे 'लालू के लाल'
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News18 Bihar
Updated: February 3, 2020, 10:24 AM IST
तेजप्रताप यादव को सताने लगा हार का डर! सेफ जोन की तलाश में जुटे 'लालू के लाल'
लालू के बड़े लाल तेजप्रताप यादव बिहार की महुआ सीट से विधायक हैं. (फाइल फोटो)

तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) लंबे समय से न तो अपने विधानसभा क्षेत्र महुआ में गए हैं और न ही पिछले पांच वर्षों में उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए ऐसा कोई बड़ा काम किया है, जिसके दम पर वोटा मांगा जा सके.

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पटना. उटपटांग हरकतों और खास अंदाज के चलते लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) भले ही सुर्खियां बटोरते रहे हों, लेकिन राजनीति की पिच पर वो वाकई फेल ही साबित हो रहे हैं. यही कारण है कि तेजप्रताप यादव को अब साल 2020 में होने वाले विधानसभा चुनाव में हार का डर सताने लगा है. इसे देखते हुए वह अपने लिए अभी से ही सेफ ज़ोन की तलाश में जुट गए हैं. इसके लिए तेजप्रताप अब नगरी-नगरी द्वारे-द्वारे भटक रहे हैं.

बख्तियारपुर होगा तेजप्रताप का नया ठिकाना ?
बिहार विधानसभा चुनाव में भले ही अभी देरी हो लेकिन लालू के बड़े लाल अभी से ही क्षेत्र भ्रमण पर निकल गए हैं. वैसे तो तेजप्रताप यादव महुआ से विधायक चुने गए हैं, लेकिन अपने क्षेत्र से ज्यादा समय वह दूसरे विधानसभा क्षेत्रों में ही दे रहे हैं. तेजप्रताप पिछले कुछ दिनों से महुआ की बजाय मनेर, फतुहा और बख़्तियारपुर के दौरे पर हैं. इसमें सबसे ज्यादा तेजप्रताप बख़्तियारपुर में ही कैंप किए हुए हैं. न्यूज 18 के पास जो एक्सक्लूसिव जानकारी है, उसके मुताबिक तेजप्रताप बख्तियारपुर से ही चुनाव लड़ने के मूड में हैं और यही कारण है कि एक हफ्ते में 3 से 4 बार तेजप्रताप न सिर्फ बख्तियारपुर का दौरा कर रहे हैं, बल्कि हर छोटे-छोटे कार्यक्रमों में वो हिस्सा भी ले रहे हैं.

तेजप्रताप की इस सक्रियता को लेकर कुछ सवाल खड़े होने लगे हैं. मसलन क्या तेजप्रताप को चुनाव में अब हार का डर सताने लगा है. साल 2020 के चुनाव में क्या महुआ की जनता तेजप्रताप को वाकई अब डराने लगी है? क्या तेजप्रताप इस बार अपना सबसे सेफ ठिकाना खोज रहे हैं?

बख्तियारपुर पर ही क्यों दांव लगा रहे तेजप्रताप
बख्तियारपुर यादव बाहुल्य क्षेत्र है जहां आरजेडी का शुरू से दबदबा रहा है. तेजप्रताप किसी भी कीमत पर जीत चाहते हैं, ऐसे में जातीय समीकरण के हिसाब से भी बख्तियारपुर तेजप्रताप के लिए सबसे सटीक जगह बनता है. वैसे तो बख्तियारपुर के अलावा तेजप्रताप की नजर मनेर और फतुहा पर भी है, लेकिन मनेर और फतुआ में विधायक भाई वीरेंद्र और रामानन्द यादव पार्टी में बेहद मजबूत स्थिति में हैं. इन दोनों नेताओं ने पहले से ही नो इंट्री का बोर्ड भी लगा रखा है, ऐसे में महुआ को छोड़कर तेजप्रताप बख्तियारपुर पर ही अपना दाव आजमा रहे हैं.

साल 2015 के चुनाव में राजद की हुई थी हारबख्तियारपुर सीट से 2015 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी के उम्मीदवार अनिरुद्ध यादव की हार हो गई थी. जातीय समीकरण के आधार पर और तेजप्रताप के मिजाज से भी बख़्तियारपुर उनके लिए बखूबी शूट करता है. वैसे भी बख्तियारपुर एक यादव बहुल इलाका है जहां शुरू से आरजेडी का ही दबदबा रहा है. वर्ष 2015 में बीजेपी ने ही भले ही आरजेडी को हराया, लेकिन हमेशा से बख्तियारपुर पर आरजेडी का ही कब्जा रहा है. तेजप्रताप के लिए महुआ से ज्यादा सुरक्षित बख्तियारपुर विधानसभा ही है. तेजप्रताप यादव से जब इस पर सवाल पूछा गया तो हंसते हुए तेजप्रताप ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं चुनाव में अभी देर है, समय आने पर इसपर फैसला होगा.

तेजप्रताप पर विरोधियों का तंज
दरअसल, तेजप्रताप यादव इस सवाल से बचना चाहते हैं, लेकिन उन्हें पता है कि महुआ से चुनाव लड़ना उनके लिए घातक साबित हो सकता है क्योंकि लंबे समय से तेजप्रताप न तो अपने विधानसभा क्षेत्र में गए हैं और न ही पिछले पांच वर्षों में उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए ऐसा कोई बड़ा काम ही किया है जिसके दम पर वह महुआ की जनता से वोट मांग सकें. यही कारण है कि तेजप्रताप 2020 चुनाव के लिए सेफ ज़ोन ढूंढ़ रहे हैं. तेजप्रताप को इस बात का डर है कि महुआ की जनता कहीं उन्हें रिजेक्ट न कर दे ऐसे में खुद की जीत सुनिश्चित करने के लिए वो कई इलाकों का चक्कर लगा रहे हैं और जनता का मिजाज भी जानने की कोशिश कर रहे हैं.

2019 चुनाव में अपनी ही पार्टी के खिलाफ उतारा था उम्मीदवार
तेजप्रताप के क्षेत्र भ्रमण को लेकर विरोधी पार्टियां अब तंज भी कसने लगी हैं. बीजेपी नेता अजीत चौधरी चुटकी लेते हुए कहते हैं कि तेजप्रताप क्या आगे अब तेजस्वी को भी राघोपुर छोड़कर किसी दूसरे क्षेत्र में डेरा डालना होगा? हालांकि, इससे इन्हें कोई फायदा नहीं होगा. बिहार की पूरी जनता तेजस्वी-तेजप्रताप कंपनी को रिजेक्ट कर देगी. आपको बता दें कि ये वही तेजप्रताप यादव हैं, जिन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में अपनी ही पार्टी के खिलाफ चुनाव मैदान में उम्‍मीदवार उतारे थे.

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First published: February 3, 2020, 9:50 AM IST
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