मधुबनी हत्याकांड: 6 राजपूत नेताओं को भेजने के बाद आज खुद पीड़ित परिवार से मिलेंगे तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव फाइल फोटो)

तेजस्वी यादव फाइल फोटो)

Madhubani Murder Case: बिहार के मधुबनी में होली के दिन हत्‍याकांड को अंजाम दिया गया था. सीएम नीतीश कुमार इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे चुके हैं.

  • Share this:

मधुबनी. बिहार के मधुबनी में 5 लोगों की हत्या के बाद से सियासत काफी तेज है. इस बीच मंगलवार को तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे. नेता प्रतिपक्ष मधुबनी कांड (Madhubani Murder Case) के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे हैं. मोहम्मदपुर गांव जाकर तेजस्वी सभी पीड़ित परिवारों से मिलेंगे.

इस घटना के जरिये विपक्ष सरकार पर हमलावर है. इसी बहाने तेजस्वी यादव सरकार को घेरने की तैयारी में हैं. तेजस्वी पश्चिम बंगाल लौटे हैं और मधुबनी के लिए रवाना हो गए हैं. तेजस्वी मधुबनी कांड के जरिये बिहार के कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं. तेजस्वी कहते हैं कि बिहार में आज राक्षस राज है. इससे पहले आरजेडी ने इस कांड की जांच के लिए पार्टी की तरफ से एक 7 सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है जो बीते रात घटनास्थल जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात कर चुकी है.

निशाने पर राजपूत वोट

आरजेडी इस मामले को पूरी तरह से भुनाने में लगा है. शायद यही कारण है कि पार्टी ने बहुत सोच समझकर अपनी जांच टीम में ज्यादातर राजपूत नेताओं को ही सदस्य बनाया. सात सदस्यीय जांच टीम की कमान पूर्व सांसद रामा सिंह के हाथों में दी गई. इसके अलावे प्रदेश अध्यक्ष जगदानन्द सिंह के बेटे और विधायक सुधाकर सिंह को भी इस जांच टीम का सदस्य बनाया गया है. उनके साथ ही जेल में बंद बाहुबली आनन्द मोहन के बेटे विधायक चेतन आनंद को भी इस टीम में रखा गया है.
7 सदस्यीय टीम में 6 राजपूत

जेल में बंद प्रभुनाथ सिंह के बेटे और पूर्व विधायक रणधीर सिंह भी जांच टीम का हिस्सा हैं. कुल 7 सदस्यीय जांच टीम में 6 राजपूत नेताओं को जगह दी गई है, ताकि राजपूत समाज में यह संदेश दिया जाए कि आरजेडी राजपूतों के साथ खड़ी है और इस कांड की निष्पक्ष जांच हो. यानि हर हाल में पार्टी के नजर राजपूत वोट बैंक पर है. उधर, जेडीयू और बीजेपी ने भी अपने राजपूत नेताओं को घटनास्थल पर कैंप करने को कह दिया है, ऐसे में तेजस्वी के इस मधुबनी दौरा पर सबकी नजर होगी.

क्या है घटना



29 मार्च यानी होली के दिन मोहम्मदपुर गांव में रहने वाले पूर्व सैनिक सुरेंद्र सिंह का परिवार भी होली खेल रहा था. उसी दौरान अचानक से गांव में ही हथियारबंद लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके परिवार पर फायरिंग शुरू कर दी. इस घटना में मौके पर ही पूर्व सैनिक के दो बेटों की मौत हो गई. सुरेंद्र सिंह के एक भतीजे जो बीएसएफ के जवान थे, वो भी होली की छुट्टी में गांव आए हुए थे, गोलियां उन्हें भी लगीं. इसके अलावा पीड़ित पक्ष के पड़ोसी महंत के बेटे को भी गोली लगी. दो लोगों की हत्या से लोगों के बीच हड़कंप मच गया.

35 लोगों के खिलाफ केस

बताया जाता है कि पूर्व सैनिक सुरेंद्र सिंह के बेटे मछली का कारोबार करते थे और कई जगहों पर उन्होंने तालाब भी ले रखे थे. इसी कारोबार से उनकी ये रंजिश इलाके के ही एक शख्स प्रवीण झा और उसके साथियों के साथ शुरू हुई. मछली के कारोबार में लगातार दोनों पक्षों में तनाव बढ़ता जा रहा था. इस मामले में बेनीपट्टी थाना प्रभारी महेंद्र सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है. इस केस में पुलिस ने चश्मदीदों के बयान के आधार पर 35 लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज की है, वहीं एक दर्जन से ज्यादा अज्ञात को भी आरोपी बनाया गया है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज