तेजप्रताप यादव ने नहीं की होती बगावत तो बिहार की इन 2 सीटों पर होता RJD का कब्जा

दरअसल लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने शिवहर और जहानाबाद सीट पर भी अपने उम्मीदवार अंगेश कुमार और चंद्रप्रकाश को टिकट दिलाने के लिए तेजस्वी यादव को कहा था लेकिन वो नहीं माने.

Amrendra Kumar | News18 Bihar
Updated: May 24, 2019, 5:22 PM IST
तेजप्रताप यादव ने नहीं की होती बगावत तो बिहार की इन 2 सीटों पर होता RJD का कब्जा
फाइल फोटो
Amrendra Kumar
Amrendra Kumar | News18 Bihar
Updated: May 24, 2019, 5:22 PM IST
'घर को लगी आग घर के ही चिराग से', ये कहावत लोकसभा चुनाव में करारी हार झेलने वाले राजद पर पूरी तरह से सटीक बैठती है. पार्टी ने अपने स्थापना काल यानी 1997 से अब तक 22 साल में ऐसी दुर्दशा कभी नहीं देखी थी और ये पहला मौका है जब राजद को लोकसभा में एक भी सीट नहीं मिली हो. पार्टी में मची खींचतान का असर कुछ ऐसा होगा इसका अंदाजा शायद ही बिहार में राजद के विरोधियों को भी था.

चूकि तेजस्वी बाहर अगर विरोधियों से लड़ते रहे तो घर के अंदर भी कभी उन्हें बड़े भाई तेजप्रताप तो कभी बहन मीसा से भी चुनौती मिलती रही. 23 मई को जो नतीजे आए उसमें लालू परिवार की बड़ी बेटी मीसा भारती को बिहार की पाटलिपुत्र सीट से करारी हार का सामना करना पड़ा. वहीं पार्टी से बगावत कर जहानाबाद सीट से अपना उम्मीदवार देने वाले तेजप्रताप भी उस सीट से राजद के उम्मीदवार को हराने में सफल रहे. पार्टी ने एक अन्य सीट यानि शिवहर को भी खोया जहां से तेजप्रताप यादव ने अपना उम्मीदवार उतारा था हालांकि अंगेश सिंह नाम के इस शख्स का नामांकन रद्द हो गया था.



जहानाबाद में राजद और जेडीयू के बीच की लड़ाई काफी टफ थी और हार-जीत का फासला भी 1711 ंमतों का रह गया. इस सीट से जेडीयू के चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी ने राजद के सुरेंद्र यादव को हराया. सुरेंद्र यादव को जहां 333833 वोट मिले वहीं चंद्रवंशी को 335584 वोट. जहानाबाद से ही तेजप्रताप के उम्मीदवार चंद्रप्रकाश को 7755 वोट मिले.

अगर ये वोट सुरेंद्र यादव के खाते में गए होते तो वहां की तस्वीर कुछ दूसरी होती और राजद के उम्मीदवार सुरेंद्र यादव न केवल जीत हासिल करते बल्कि पार्टी भी अपना खाता खोलने में सफल होती. शिवहर सीट की बात करें तो इस सीट से बीजेपी की रमा देवी जीतने में सफल रहीं. भाजपा की रमा को 608678 वोट मिले वहीं राजद के सैयद फैसल अली को मिले वोटों की संख्या 268318 थी. इस सीट से अंगेश भले ही चुनाव में नहीं थे लेकिन उन्होंने राजद के लिए खूब काम बिगाड़ा.

दरअसल लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने शिवहर और जहानाबाद सीट पर भी अपने उम्मीदवार अंगेश कुमार और चंद्रप्रकाश को टिकट दिलाने के लिए तेजस्वी यादव को कहा था लेकिन वो नहीं माने. अब नतीजा सबके सामने है और इन दोनों ही सीटोंं पर आरजेडी के प्रत्याशियों की हार हो गई है. राजद के अंदर चल रहे इस भीतरघात का खामियाजा पूरे बिहार में महागठबंधन को उठाना पड़ा है और 40 में से 39 सीटों पर उसके प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा है. इस हार के बाद कांग्रेस और रालोसपा जैसे दलों ने भी सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं.

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