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'घर वापसी हुई तो विरोधियों पर बहुत भारी पड़ेंगे लालू'! भगवान की शरण में पहुंचे RJD विधायक
Patna News in Hindi

News18 Bihar
Updated: March 4, 2020, 9:16 AM IST
'घर वापसी हुई तो विरोधियों पर बहुत भारी पड़ेंगे लालू'! भगवान की शरण में पहुंचे RJD विधायक
लालू प्रसाद यादव. (फाइल फोटो)

राजनीतिक जानकार बताते हैं लालू यादव (Lalu Yadav) बिहार की राजनीति का करिश्माई चेहरा हैं. उनका जेल से बाहर आने का व्‍यापक प्रभाव पड़ सकता है.०

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पटना. चारा घोटाला मामले में जेल में बंद लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) का जेल से बाहर आने का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है. आरजेडी के विधायक तो इसके लिए भगवान से प्रार्थना भी कर रहे हैं. विधायक सर्वजीत कुमार (Sarvajit Kumar) कहते हैं कि अपने मुखिया लालू यादव की रिहाई के लिए वो रांची हाईकोर्ट से विनती भी कर रहे हैं. दरअसल, लालू कुनबे को बखूबी पता है कि उनकी पार्टी और बिहार की राजनीति में उनका कितना महत्व है.

सर्वजीत कुमार अकेले विधायक नहीं हैं जो अपने नेता लालू यादव की रिहाई के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं. आरजेडी का पूरा कुनबा ही भगवान से यही विनती कर रहा है कि कम से कम चुनाव से पहले लालू जी जेल की सलाखों से बाहर आ जाएं. वरिष्ठ पत्रकार रवि उपाध्याय भी मानते हैं कि लालू यादव बिहार की राजनीति का वो करिश्माई चेहरा हैं जो चुनाव प्रचार से दूर रहकर भी केवल जेल की सलाखों से बाहर आ जाएं तो विरोधियों पर बहुत भारी पड़ सकते हैं. वे ये भी मानते हैं कि लालू की घर वापसी से आरजेडी का माई (मुस्लिम-यादव) समीकरण और ज्यादा मजबूत हो जाएगा. साथ ही पिछड़ों की गोलबंदी भी जोरदार तरीके से हो जाएगी. जाहिर है आरजेडी के लिए लालू की घर वापसी संजीवनी का काम कर जाएगी.

चारा घोटाला के कई मामलों में जेल में बंद हैं लालू
चारा घोटाला के कई मामलों में लालू जेल में बंद हैं. दिसंबर 2019 में दुमका कोषागार मामले में रांची हाईकोर्ट ने लालू यादव की जमानत याचिका खारिज कर दी है. दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में लालू यादव ने जमानत मांगी थी. लालू ने बीमारी का हवाला देकर यह याचिका दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने फिर भी लालू की याचिका खारिज कर दी. 90 दिनों के बाद फिर से लालू यादव जमानत की अर्जी कोर्ट में दाखिल कर सकेंगे.



एक मामले में लालू को मिल चुकी है जमानत


इससे पहले देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में उन्हें जुलाई 2019 में ही जमानत मिल चुकी है. इस याचिका में आग्रह किया गया था कि सजा की अवधि का आधा से ज्यादा समय लालू जेल में बिता चुके हैं. लालू यादव को चारा घोटाला के देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने 23 दिसंबर 2017 को दोषी पाकर 3.5 साल की सजा सुनाई थी.

'लालू के बाहर आने से फर्क नहीं पड़ेगा'
इसके अलावे भी कई ऐसे मामले हैं जिनमें कुछ में तो उन्हें जमानत मिल चुकी है, लेकिन कई मामलों में अब भी उन्हें जमानत लेना बाकी है. बीजेपी प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल कहते हैं कि लालू जेल में रहें या फिर जेल से बाहर आ जाएं एनडीए को इससे कोई फर्क नहीं पड़नेवाला और तो और लालू के बाहर आने से एनडीए की जीत और ज्यादा आसान हो जाएगी.

विरोधी भले ही अभी लालू को कोई खास तवज्जो ना दें, लेकिन ये विरोधी भी जानते हैं कि लालू की वापसी उनके लिए कितनी बड़ी चुनौती साबित हो सकती है. खैर जो भी हो लेकिन आरजेडी की प्रार्थना अगर वाकई सफल हो गई और लालू जेल से बाहर आ गए तो आरजेडी कुनबे के लिए लालू वाकक एक संजीवनी साबित हो जाएंगे.

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First published: March 4, 2020, 8:58 AM IST
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