लाइव टीवी

दिल्‍ली में करारी हार के बाद महागठबंधन में घटा कांग्रेस का कद, RJD ने रखी ये शर्त

News18 Bihar
Updated: February 13, 2020, 7:30 PM IST
दिल्‍ली में करारी हार के बाद महागठबंधन में घटा कांग्रेस का कद, RJD ने रखी ये शर्त
आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी (फाइल फोटो)

दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार का असर अब बिहार में भी दिख रहा है. आरजेडी (RJD) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी (Shivanand Tiwari) ने कहा है कि कांग्रेस को अब क्षेत्रीय पार्टियों का नेतृत्‍व कबूलना होगा.

  • Share this:
पटना. दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार का असर अब बिहार में भी देखने को मिल रहा है. विपक्षी तो कांग्रेस (Congress) पर निशाना साध ही रहे हैं बल्कि खुद उनके सहयोगी दल भी अब उसे नीचा दिखाने में लगे हैं. आरजेडी (RJD) ने दिल्ली में मिली हार के बहाने कांग्रेस की इंटरनल पॉलिटिक्स पर तंज कसते हुए कहा है कि कांग्रेस को अब क्षेत्रीय पार्टियों का नेतृत्‍व कबूलना होगा. आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी (Shivanand Tiwari) के इस बयान के बाद बिहार में सियासत गर्म हो गई है.

दिल्‍ली का बिहार में दिखेगा असर
दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाई. जबकि आम आदमी पार्टी से पहले दिल्ली में कई सालों तक कांग्रेस का राज रहा है. लगातार कमजोर होती कांग्रेस की ताकत पर अब बिहार के उनके सहयोगी भी तंज कस रहे हैं. आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा है कि कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की खुद चुनाव लड़ने की महत्वाकांक्षा ने पार्टी का बुरा हाल कर दिया है. इतना ही नहीं तिवारी ने तो यहां तक कह दिया कि कांग्रेस को अब स्‍थानी नेतृत्‍व कबूल करना ही पड़ेगा.

कांग्रेस का गोल-मोल जवाब

आरजेडी के इस हमले से कांग्रेस सकते में है और कांग्रेस नेताओं को सूझ नहीं रहा कि वो आरजेडी का खुलकर विरोध करे या फिर चुपचाप रहे. यही वजह है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा एक तरफ तो ये कह रहे हैं कि बिहार में हमारा गठबंधन है और आगे भी रहेगा. जबकि दूसरी तरफ उनका कहना है कि नेतृत्‍व को लेकर अभी कहां कोई सवाल है. समय आने पर मिल बैठकर सब तय कर लिया जाएगा.

सहयोगी कांग्रेस के कमजोरी का उठा रहे फायदा
देश में लगातार घटती कांग्रेस की ताकत के बाद अब हर राज्य में कांग्रेस मजबूत सहयोगी की तलाश में है. चाहे इसके लिए उन्हें अपनी विचारधारा या सम्मान से ही समझौता क्यों न करना पड़े. जबकि ये भी सच है कि क्षेत्रीय पार्टी होने के बावजूद आरजेडी कांग्रेस को समय-समय पर आंखे दिखाने से नहीं चूकती है. 

ये भी पढ़ें-

RJD छोड़ CM नीतीश के साथ जाएंगे लालू के समधी, बोले- पार्टी से मुझे काफी पीड़ा

 

CM फेस पर महागठबंधन में रार! तेजस्वी के नाम पर अड़ी RJD, कांग्रेस की चुप्पी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 13, 2020, 7:27 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर