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इस मामले में पिता लालू यादव पर भी भारी पड़े तेजस्वी यादव, पढ़ें क्या है माजरा

News18 Bihar
Updated: October 18, 2019, 10:57 AM IST
इस मामले में पिता लालू यादव पर भी भारी पड़े तेजस्वी यादव, पढ़ें क्या है माजरा
RJD के खाली खजाने में आए पौने पांच करोड़ रुपये. (तेजस्वी यादव की फाइल फोटो)

आरजेडी की हालत इतनी पतली हो गई थी कि बीते पांच जुलाई को पार्टी के स्थापना दिवस में राबड़ी देवी को खुले मंच से यह कहना पड़ा था कि चुनाव प्रचार में खर्च के कारण पार्टी का खजाना खाली हो चुका है.

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पटना. गरीब-गुरबों की पार्टी कही जाने वाली लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की आरजेडी (RJD) आज करोड़पति (Crorepati) बन गई है. तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) के नेतृत्व में चलाए गए अभियान का इतना असर रहा कि बीते कुछ वर्षों से खाली खजाने (Treasury) के साथ राजनीति (Politics) कर रही आरजेडी का पार्टी फंड (Party Fund) मालामाल हो गया है. बताया जा रहा है कि वर्ष 1997 में पार्टी गठन के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि पार्टी के सदस्यों (Party Members) की संख्या करोड़ में पहुंच गई है और पार्टी के खजाने में अच्छी खासी रकम भी आ गई है.

ऑफलाइन सदस्यों की संख्या एक करोड़ के पार

आरजेडी चुनाव प्रचार अभियान से जुड़े नेता तनवीर हसन की मानें तो वर्ष 1997 में आरजेडी सदस्यों की संख्या 72 लाख थी जो आज एक करोड़ तक जा पहुंची है. पार्टी सूत्रों से मिले एक आंकड़े के मुताबिक अब तक आरजेडी ऑफलाइन सदस्यों की संख्या एक करोड़ के आसपास पहुंच गई है. इसमें अभी कुछ और इजाफा होने की संभावना है.

Tejaswi Yadav
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चलाए गए सदस्यता अभियान का असर हुआ कि आरजेडी के सदस्यों की संख्या एक करोड़ हो गई है. तेजस्वी यादव अपने क्षेत्र राघोपुर में सदस्यता अभियान चलाते हुए. (फाइल फोटो)


पार्टी फंड में आए 5 करोड़ रुपये

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इसमें अकेले बिहार में 78 लाख 90 हजार सदस्य बने हैं, जबकि 16 लाख से ज्यादा लोग अन्य प्रदेशों से हैं. इसके अलावा लगभग सवा लाख लोगों ने ऑनलाइन सदस्यता ली है. बता दें कि आरजेडी ने सदस्यता अभियान शुल्क पांच रूपया रखा है उस हिसाब से अगर देखा जाए तो अनुमानित तौर पर अभी तक पार्टी के खाते में तकरीबन पांच करोड़ रुपए आए हैं.


राष्ट्रीय जनता दल के अभी 79 विधायक, आठ विधान पार्षद और चार सांसद (राज्यसभा) हैं. इस तरह पार्टी के खाते में सालाना लगभग 40 लाख रुपये आ जाते हैं. कुछ पूर्व सांसद और पूर्व विधायक भी पार्टी फंड में यदा-कदा कुछ पैसे देते रहते हैं.

राबड़ी ने कार्यकर्ताओं से की थी अपील
बता दें कि बिहार की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने के बावजूद एक समय ऐसा था जब आरजेडी का खजाना खाली हो चुका था. पार्टी की हालत इतनी पतली हो गई थी कि बीते पांच जुलाई को आरजेडी के स्थापना दिवस में राबड़ी देवी को खुले मंच से यह तक कहना पड़ा था कि चुनाव प्रचार में खर्च के कारण पार्टी का खजाना खाली हो चुका है. राबड़ी देवी ने आरजेडी के स्थापना दिवस पर अपने नेताओं से पार्टी के फंड में पैसा जमा करने की अपील की थी.



लोकसभा चुनाव 2019 में करारी शिकस्त के बाद तेजस्वी यादव राजनीतिक रूप से सक्रिय नहीं थे. ऐसे में वो अपनी ही पार्टी के नेताओं के निशाने पर आ गए थे (फाइल फोटो)



हारकर भी जीत गए तेजस्वी!



इसके बाद तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चलाए गए सदस्यता अभियान में महज तीन महीने में वही पार्टी आज मालामाल हो गई है. लोकसभा चुनाव 2019 में तेजस्वी की पार्टी भले ही जीरो पर क्लीन बोल्ड हो गई हो, लेकिन सदस्यता अभियान ने ना सिर्फ तेजस्वी बल्कि पार्टी के लिए भी संजीवनी का काम किया है. पार्टी का खजाना भरने से गदगद हुए नेता तेजस्वी यादव को क्रेडिट दे रहे हैं.

(रिपोर्ट- अमित कुमार सिंह)


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First published: October 18, 2019, 10:06 AM IST
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