• Home
  • »
  • News
  • »
  • bihar
  • »
  • 'पीछे कौन भौंक रहा है, हम इसपर ध्यान नहीं देते', वो 8 बयान जिससे राजद स्थापना दिवस पर छा गए तेज प्रताप यादव

'पीछे कौन भौंक रहा है, हम इसपर ध्यान नहीं देते', वो 8 बयान जिससे राजद स्थापना दिवस पर छा गए तेज प्रताप यादव

राजद स्थापना दिवस पर तेज प्रताप यादव ने विरोधियों के साथ ही अपनी पार्टी के नेताओं को भी निशाने पर लिया.

राजद स्थापना दिवस पर तेज प्रताप यादव ने विरोधियों के साथ ही अपनी पार्टी के नेताओं को भी निशाने पर लिया.

Silver Jubilee of RJD: तेज प्रताप यादव ने कहा कि राजद को आगे ले जाने के लिए अगर गोली खानी पड़ी तो, गोली भी खाएंगे. कुछ लोग बोनट पर से भी पीछे खींच लेते हैं, जिससे मैं हीरो न बन जाऊं.

  • Share this:
    पटना. राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना वर्ष 1997 में लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) ने जनता दल (Janta Dal) से अलग होकर की थी. पार्टी की स्थापना के 25 वर्ष हो गए और सोमवार को आरजेडी की रजत जयंती दिवस (RJD foundation day) मनाई गई. पटना के पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के आला से लेकर अदना तक सभी तरह के नेताओं की उपस्थिति थी. स्वयं लालू यादव भी वर्चुअल माध्यम से दिल्ली से लगातार जुड़े रहे. पूरे कार्यक्रम के दौरान सबकी नजरें इस बात पर ही टिकी थीं कि लालू यादव अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बिहार के लोगों को क्या संदेश देते हैं. लालू से पहले प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह (Jagdanand Singh) और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ((Tejashwi Yadav) समेत कई दिग्गजों ने अपना संबोधन दिया. इनमें से किसी के भाषण को सबसे अधिक अटेंशन मिला तो वह लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) रहे.

    राजनीतिक जानकारों की मानें तो लालू की उपस्थिति में तेजस्वी ने बेहद ओजस्वी भाषण दिया. लालू यादव को एक राजनेता भर नहीं, बल्कि एक विचार बताकर अपने समर्थकों के चिंतन को जहां और पुख्ता करने की कोशिश की, वहीं राजद को ए टू जेड की पार्टी बताकर आगामी राजनीति की दिशा भी बता दी. वहीं, जगदानंद सिंह ने भी यह कहकर सबका दिल जीत लिया कि आरजेडी का इतिहास सिर्फ 25 सालों का नहीं, लालू के साथ इतिहास चला है. राजद की स्थापना शासन के लिए लोगों को आवाज देने के लिए हुई और जो अभियान लालू ने छेड़ा वो कभी रुकेगा नहीं. तेजस्वी यादव के नेतृत्व में उसे आगे बढ़ाया जाएगा. राजनीतिक जानकार बताते हैं कि इन सभी संबोधनों में सबसे अधिक सुर्खियां तेज प्रताप यादव ने ही बटोरी.

    'तेजस्वी ने मार ली बाजी'
    तेज प्रताप यादव का एक बयान काफी चर्चा में रहा जिसमें उन्होंने कहा, मूझे पूजा में देर क्या हो गई तेजस्वी ने बाजी ही मार ली और आकर मंच पर बैठ गए. दरअसल तेज प्रताप यादव कार्यक्रम में दे से पहुंचे थे और तेजस्वी यादव पहले से पहुंचे हुए थे. इसी पर तेजप्रताप ने कहा, मुझे पूजा-पाठ करने में आज वक्त लग गया, जिसके चलते कार्यक्रम में आने में देर हो गई. ऐसे में तेजस्वी यादव बाजी मार गए और मंच पर आकर पहले बैठ गए.

    'पीछे कौन भौंक रहा, हम ध्यान नहीं देते'
    तेज प्रताप यादव ने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव तो देश-दुनिया में व्यस्त रहते हैं. जब तेजस्वी दिल्ली या बिहार से कहीं बाहर जाते हैं तो कुछ लोग विरोध करते हैं और बोलते हैं. उस समय मैं यहां मोर्चा थाम लेता हूं. और जब मैं वृंदावन मथुरा जाता हूं तो तेजस्वी माोर्चा थामते हैं. तेज प्रताप ने आरोप लगाया कि इस विधान सभा चुनाव में भी तेजस्वी जीते थे, लेकिन कुछ लोग तरह-तरह की बात कर रहे थे. लेकिन पीछे कौन भौंक रहा है, हम इसपर ध्यान नहीं देते.

    'मैं लालू की तरह मनोरंजन करता हूं'
    तेज प्रताप यादव ने अपने संबोधन में  कहा, मैं जब भी मंच पर आता हूं तो पिताजी (Lalu Yadav) की तरह मनोरंजन करने का काम करता हूं. संगठन में बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो संगठन को आगे जाने देना नहीं चाहते हैं. मैं नाम नहीं लेना चाहता हूं, लेकिन सच्चाई लोग सुनना नहीं चाहते हैं. हम इशारे में बहुत बात बोल गए हैं, समझने वाले समझ गए होंगे.

    'सच बोलने पर समस्याएं आती हैं'
    तेज प्रताप यादव ने कहा कि जब मैं बोलता हूं तो कुछ लोग हंसते हैं, जब पिताजी बोलते थे तब भी विरोधी लोग ऐसा ही करते थे. बहुत सारे लोग तरह-तरह की खराब बातें बातें करते हैं. लेकिन मेरे पीछे कोई क्या बोल रहा है मैं उसपर ध्यान नहीं देता. मैं अपने दिल की बात करता हूं. तेज प्रताप कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे तभी माइक में कुछ तकनीकी समस्या आ गई. इसपर उन्होंने व्यंग करते हुए कहा जब वो कुछ सच बोलना चाहते हैं तो ऐसी समस्याएं ही आती हैं.

    'जगदानंद अंकल हथवो नहीं उठा रहे'
    तेज प्रताप यादव ने अपने भाषण में जगदानंद सिंह से असहज रिश्ते का इजहार भी खुले मंच पर किया. उन्होंने अपने संबोधन में जब यह कहा कि सभी जिलाध्यक्षों को एक गाड़ी दी जाए, जिससे मरीजों को पटना लाने में आसानी होगी. अगर आप सभी कार्यकर्ता मेरे बात से सहमत हैं तो, साथ उठाएं. इसी दौरान मंच की ओर देखते हुए  तेज प्रताप यादव ने राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह पर चुटकी ली. उन्होंने कहा कि लगता है जगदानंद अंकल मुझसे नाराज चल रहे हैं, हथवो नहीं उठा रहे हैं.

    'महिलाओं को मिलनी चाहिए जगह'
    कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को मंच पर जगह नहीं मिलने से नाराज तेज प्रताप ने कहा कि मैं लालू जी के कदमों पर चलता हूं. उनके लक्षण पर ही मैं पूरी तरह चल रहा हूं, इसलिए सबके सामने आज कह रहा हूं कि राजद के दफ्तर में महिलाओं को जगह नहीं दी गई है. पार्टी को इसपर संज्ञान लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मंच पर भी महिलाओं को जगह नहीं दी गई है. ऐसा कहकर उन्होंने एक बार फिर जगदानंद सिंह पर ही निशाना साधा था.

    'कहीं मैं हीरो न बन जाऊं'
    तेज प्रताप ने कहा कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के विचारधाराओं को जन - जन तक पहुंचाने के लिए हम संकल्पित हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी को आगे ले जाने के लिए अगर गोली खानी पड़ी तो, गोली भी खाएंगे. तेज प्रताप ने आगे कहा कि कुछ लोग बोनट पर से भी पीछे खींच लेते हैं, जिससे मैं हीरो न बन जाऊं. जाहिर है तेज प्रताप ने अपने इस बयान से अपने ही पार्टी के कई नेताओं को घेरा.

    'महारानी, भगवा पार्टी का एजेंडा'
    सोनी लिव पर प्रसारित एक वेब सीरीज 'महारानी' (Maharani) को लेकर उन्होंने कहा कि यह बिना तथ्य के बनाई गई वेब सीरीज है. ये भगवा पार्टियों और आरएसएस का किया हुआ है. यह बिहार की माटी का अपमान है तेज प्रताप यादव ने कहा कि लालू प्रसाद यादव के समर्थकों को अपमानित करने के लिए यह वेब सीरीज बनाई गई है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज