लाइव टीवी

RJD नेता शिवानंद तिवारी ने अचानक राजनीति से क्यों ले ली छुट्टी? पढ़ें अंदर की खबर

News18 Bihar
Updated: October 23, 2019, 8:42 AM IST
RJD नेता शिवानंद तिवारी ने अचानक राजनीति से क्यों ले ली छुट्टी? पढ़ें अंदर की खबर
राजद नेता शिवानंद तिवारी.

विरोधियों का मानना है कि RJD में सीनियर नेताओं की अनदेखी आम बात है. पार्टी में सबको लालू परिवार (Lalu Family) का 'यस मैन' बनना पड़ता है.

  • Share this:
पटना. बिहार की सियासत में 'बाबा' नाम से मशहूर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी (Shivanand Tiwary) ने राजनीति छोड़ने के संकेत दिए हैं. मंगलवार को जारी उनके एक मैसेज ने न सिर्फ बिहार की राजनीति (Politics in Bihar) में हलचल मचा दी है, बल्कि नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) के नेतृत्व पर भी सवाल उठा दिया है. दरअसल, शिवानन्द तिवारी ने सोशल मीडिया के जरिये पार्टी को यह संदेश दे दिया कि वो पार्टी की जिम्मेवारियों से अब छुट्टी लेना चाहते हैं और उन्हें आराम की जरूरत है.

'बाबा' का लालू से हुआ मोहभंग
इस मैसेज से यह साफ लगने लगा कि शिवानन्द तिवारी पार्टी के पद से मुक्त होना चाहते हैं. इस दौरान न्यूज 18 से जब शिवानंद तिवारी ने बातचीत की तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने पार्टी के किसी पद या फिर आरजेडी छोड़ने का अभी कोई ऐलान नहीं किया है. हालांकि, उनकी बातचीत से पार्टी के प्रति उनकी नाराजगी साफ झलक रही थी. बता दें कि शिवानन्‍द तिवारी को बाबा के नाम से भी जानते हैं.

'बाबा' के बाउंसर से तेजस्वी खेमा बैकफुट पर

शिवानन्द तिवारी के इस कदम से पार्टी को जोरदार झटका लगा है, क्योंकि उनके इस कदम से सीधे-सीधे तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर सवाल उठा है जो आने वाले समय में पार्टी के भीतर जरूर चुभने वाली चर्चा का विषय होने वाली है. सवाल अब ये भी है कि क्या तेजस्वी वाकई अपने सीनियर नेताओं को तवज्जो नहीं देते? आखिर बाबा ने एक मैसेज करके आज आरजेडी छोड़ने तक के संकेत क्यों दे दिए?

डैमेज कंट्रोल में जुटा है पूरा कुनबा
बता दें कि ये वही शिवानन्द तिवारी हैं जो हर वक्त लालू यादव से अपनी दोस्ती की दुहाई दिया करते थे और लालू के खातिर विरोधियों पर आग भी उगला करते थे. आज वह आरजेडी छोड़ने के संकेत क्यों दे रहे हैं? दरअसल, बिहार की राजनीति में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि आरजेडी में बड़े नेताओं की वाकई अनदेखी होती है. बहरहाल, शिवानंद तिवारी के एक मैसेज ने पूरी पार्टी को सकते में ला दिया है पार्टी के नेता और प्रवक्ता मृत्‍युंजय तिवारी और कांग्रेस के एमएलसी प्रेमचन्द मिश्रा अब पूरे मामले के डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं.
Loading...

विरोधियों ने की तेजस्वी की घेराबंदी
गौरतलब है कि शिवानन्द तिवारी से पहले रघुवंश प्रसाद सिंह, कांति सिंह, रामचन्द्र पूर्वे और अब्दुल बारी सिद्दीकी जैसे नेता भी दबे जुबानों में अपना दर्द बयां कर चुके हैं. वो और बात है कि बाबा ने इसमें एक कदम आगे बढ़कर अपना दर्द सोशल मीडिया पर रख दिया है.

अंदर की खबर
अंदर की खबर यह कि शिवानंद तिवारी को लंबे समय से पार्टी की प्रमुख गतिविधियों से न सिर्फ दूर रखा जाता था, बल्कि उन्हें पार्टी की बैठकों की जानकारी तक नहीं दी जाती थी. इसके अलावा अभी हो रहे उपचुनाव में उन्हें तेजस्वी ने चुनाव प्रचार करने का मौका तक नहीं दिया, जबकि स्टार प्रचारकों की लिस्ट में बाबा बाकियों से ऊपर की श्रेणी में थे. बावजूद इसके शिवानन्द तिवारी ने खुद से जाकर दरौंदा विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार किया, लेकिन उनके साथ पार्टी का एक कार्यकर्ता तक शामिल नहीं हुआ. जाहिर है इस बात से वह बहुत दुखी थे.

तेजस्वी-लालू ने नहीं ली नोटिस
इस प्रकरण के बाद उन्होंने पार्टी के उम्मीदवार को लेकर भी तेजस्वी और लालू तक अपनी नाराजगी जाहिर की थी, लेकिन पार्टी ने कोई नोटिस तक नहीं लिया. लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद से शिवानन्द तिवारी ने कई बार तेजस्वी को खुली नसीहत दी थी. जब तेजस्वी बिहार की राजनीति से अचानक गायब हो गए थे तो बाबा ने आरजेडी के स्थापना दिवस के मौके पर खुले मंच से तेजस्वी को शेर का बेटा कहकर ललकारा था, जिसके बाद से लालू परिवार उनसे नाराज चल रहा था. बावजूद इसके उन्होंने पार्टी के कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी और तेजप्रताप के खिलाफ खूब जमकर बोला.

आरजेडी के भीतर जेनेरेशन गैप है?
विरोधियों का मानना है कि यह आरजेडी के भीतर एक आम बात है. सीनियर नेताओं की पार्टी में न सिर्फ अनदेखी होती है, बल्कि सबको लालू परिवार का 'यस मैन' बनना पड़ता हैं. अब सवाल यह भी है कि शिवानन्द तिवारी के पार्टी या पद छोड़ने पर आरजेडी को कितना नुकसान होगा. शायद यह कहना अभी मुश्किल है, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि इस कदम से पार्टी को बड़ा झटका लगा है और तेजस्वी के नेतृत्व पर भी यह सवाल उठने लगा है कि क्या वाकई तेजस्वी अपने सीनियर्स की कद्र नहीं करते? क्या वाकई आरजेडी में जेनेरेशन गैप है?

(रिपोर्ट- अमित कुमार सिंह)

ये भी पढ़ें-

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 23, 2019, 7:20 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...