पटना में RPF के हत्थे चढ़ा शातिर ट्रेवल एजेंट, फर्जी आईडी पर टिकट बनाकर की थी लाखों की कमाई
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पटना में RPF के हत्थे चढ़ा शातिर ट्रेवल एजेंट, फर्जी आईडी पर टिकट बनाकर की थी लाखों की कमाई
पटना में फर्जी आईडी पर टिकट बनाने वाला एजेंट गिरफ्तार (सांकेतिक चित्र)

पटना के कदमकुआं इलाके से पकड़ा गया ये शातिर एजेंट पिछले 10 सालों से इस धंधे में लगा था. आरपीएफ की टीम को पिछले एक महीने से उसकी तलाश थी.

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पटना. पटना में आरपीएफ (RPF) की टीम को एक बड़ी कामयाबी मिली है. आरपीएफ ने फर्जी आईडी पर रेल टिकट बनाने वाले एक ऐसे ही एजेंट (Travel Agent) को दबोचा है. दरअसल रेलवे टिकट के धंधेबाजों ने अब रीयर मैंगाे साॅफ्टवेयर से टिकट बनाना शुरू कर दिया है. 2 हजार रुपए के इसी साॅफ्टवेयर से फर्जी आईडी (Fake ID) बनाकर टिकट के दलाल अपने धंधे में सक्रिय हैं. पटना में आरपीएफ की टीम जब दलाल को पकड़ा तो राज का खुलासा हुआ. आरक्षित टिकट बनाने वाले एजेंट गाेपाल कुमार काे राजेंद्रनगर आरपीएफ की टीम ने गिरफ्तार कर लिया. कदमकुआं के लाेहानीपुर में आरपीएफ प्रभारी आरआर कश्यप और कदमकुआं थाना की पुलिस ने छापेमारी की. इस दाैरान पुलिस ने गाेपाल के गाेविंद ट्रेवल्स से 36469 रुपए का 18 ई-टिकट, एक लैपटाॅप व दाे माेबाइल बरामद किया है.

एक महीने से तलाश में थी आरपीएफ

आरपीएफ की टीम इसके पीछे एक माह से लगी हुई थी. अलग-अलग यूजर के आईडी से टिकट बनाने वाले गाेपाल के माेबाइल और लैपटाॅप काे पुलिस खाेलने में लगी है. हाल ही में पटना जंक्शन आरपीएफ की टीम ने पटना सिटी इलाके से इसी साॅफ्टवेयर का इस्तेमाल कर टिकट बनाने वाले शातिर मनीष काे गिरफ्तार किया था.



2010 से कर रहा था गाेरखधंधा
आरपीएफ अधिकारी कश्यप ने बताया कि गाेपाल पिछले 10 साल से रेल टिकट का गाेरखधंधा कर रहा था. फिलहाल उसने एक बड़ा नेटवर्क खड़ा लिया था. मूल रूप से दरभंगा का रहने वाला गाेपाल बहुत ही शातिर है. वो अपने लैपटाॅप में कुछ नहीं रखता है. टिकट बनाने के बाद वो सारे रिकाॅर्ड काे डिलीट कर देता है. दाे-तीन महीने में उसने करीब 2 हजार टिकट बनाए हैं और एक टिकट पर वह 8 साै से 1 हजार रुपए अधिक लेता है.
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