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RSS प्रमुख मोहन भागवत ने बिहार, झारखंड के स्वयंसेवकों के साथ की बैठक, इस मुद्दे पर हुई चर्चा

पांडेय ने बताया, ‘‘इसके अलावा इस अवधि के दौरान स्वयंसेवकों का अनुभव क्या था.’’  (file photo)
पांडेय ने बताया, ‘‘इसके अलावा इस अवधि के दौरान स्वयंसेवकों का अनुभव क्या था.’’ (file photo)

भागवत यहां शुरू हुई अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल (एबीकेएम) की क्षेत्र स्तर की दो दिवसीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे. यह बैठक पटना शहर में मिर्चा-मिर्ची रोड पर स्थित केशव सरस्वती विद्या मंदिर (Keshav Saraswati Vidya Mandir) में आयोजित की जा रही है.

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पटना. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान स्वयंसेवकों (volunteers) द्वारा लोगों के लिए किए गए सेवा कार्यों का शनिवार को जायजा लिया. प्रांत प्रचार प्रमुख (दक्षिण बिहार) राजेश कुमार पांडेय ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बिहार और पड़ोसी राज्य झारखंड के स्वयंसेवकों के साथ बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कोविड-19 (COVID-19) महामारी के दौरान संघ ने अपनी नियमित गतिविधियों को किस तरह से अंजाम दिया.

भागवत यहां शुरू हुई अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल (एबीकेएम) की क्षेत्र स्तर की दो दिवसीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे. यह बैठक पटना शहर में मिर्चा-मिर्ची रोड पर स्थित केशव सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित की जा रही है. बैठक का समापन रविवार को होगा. उन्होंने कहा, ‘‘सरसंघचालक की अध्यक्षता में हुई आज की बैठक में तीन मुद्दे एजेंडे पर थे. इसमें देशभर में कोरोना वायरस महामारी के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा प्रदान की गई सेवाओं पर चर्चा की गई. इसके अलावा इस बात पर भी विचार-विमर्श हुआ कि कोविड-19 महामारी के दौरान समाज ने किस तरह से अपना योगदान दिया और स्वयंसेवकों की प्रतिक्रिया क्या थी और उनके (स्वयंसेवकों) प्रति समाज की प्रतिक्रिया क्या थी.’’

उत्तर पूर्व क्षेत्र में बिहार और झारखंड राज्य शामिल हैं
पांडेय ने बताया, ‘‘इसके अलावा इस अवधि के दौरान स्वयंसेवकों का अनुभव क्या था.’’ उन्होंने बताया कि इस वर्ष एबीकेएम की बैठक दीपावली के आसपास उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में होनी थी लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसका आयोजन नहीं हो सका था. उन्होंने बताया कि बदलते परिदृश्य में आरएसएस ने एबीकेएम की अपनी बैठक का आयोजन एक स्थान पर राष्ट्रीय स्तर पर करने के बजाय क्षेत्र-स्तर पर करने का फैसला किया. पांडेय ने बताया कि आरएसएस ने देश को संगठन और इसके कार्यों के सुचारू संचालन के लिए 11 क्षेत्रों में विभाजित किया है. उत्तर पूर्व क्षेत्र में बिहार और झारखंड राज्य शामिल हैं.
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