'बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक 2021' पर क्‍यों मचा है बवाल? मंत्री ने खुद बताईं खूबियां

सांकेतिक फोटो.

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बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक 2021 ('Bihar Special Armed Police Bill 2021') को विधानसभा (Assembly) में पेश कर दिया गया है. बिल पेश करने से पहले सड़क से सदन तक बवाल मचा हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2021, 2:51 PM IST
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पटना. बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक-2021 ('Bihar Special Armed Police Bill 2021') को विधानसभा में पेश कर दिया गया है. बिल पेश करने से पहले सड़क से सदन तक बवाल मच गया. विपक्षी दल बिल का विरोध कर रहे थे. वहीं, सदन में प्रभारी मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने इस विधेयक को पेश करते हुए इसकी विशेषताओं की जानकारी दी. मंत्री ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य राज्य के विकास एवं व्यापक हित में वर्तमान में कार्यरत बीएमपी को समर्पित, कुशल प्रशिक्षित, पूर्णत: सुसज्जित और बहुज्ञानक्षेत्रीय सशस्त्र पुलिस बल के रूप में विकसित करना है. यह विधेयक किसी नए पुलिस बिल के गठन का प्रस्ताव नहीं करता है, बल्कि पिछले 129 सालों से कार्यरत बिहार सैन्य पुलिस (BMP) को विशेष सशस्त्र पुलिस बल के रूप में पुनर्नामांकित करते हुए उसे सुदृढ़ बनाने की कोशिश है.

बिल पेश करते हुए मंत्री ने कहा कि तीन राज्य और नेपाल के साथ बिहार के जुड़े होने के कारण बिहार में एक सशस्त्र पुलिस बल की जरूरत महसूस की जा रही थी. बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के बाद बिहार ने भी इस विधेयक को लाया. इससे राज्य की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होगी और केंद्रीय पुलिस बल पर निर्भरता कम होगी.

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कंपनियां बढ़कर 45 हुईं
मंत्री ने कहा कि साल 2010 में केंद्रीय बल की 23 कंपनियां थीं, अभी यह 45 हो चुकी हैं. इससे राज्य को अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं. बीएमपी के बदले नया सशस्त्र बल बनने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा. पहले से ही राज्य में जिला पुलिस बल व सशस्त्र पुलिस बल मौजूद है. एक शताब्दी के अपने सुविख्यात अस्तित्व के दौरान बीएमपी ने अपनी कार्यपद्धति से अलग कार्य संस्कृति विकसित की है. इसी को आगे बढ़ाते हुए सशक्त पुलिस बल बनाया जा रहा है.

...तो होगी कार्रवाई

मंत्री ने कहा कि बीएमपी अभी बोधगया, महाबोधि मंदिर, दरभंगा एयरपोर्ट आदि की भी सुरक्षा कर रहा है. विशेष बल लोक व्यवस्था का संधारण, उग्रवाद से मुकाबला, प्रतिष्ठानों की बेहतर सुरक्षा के साथ ही वह सभी कार्य करेगी जो सरकार की ओर से अधिसूचित किए जाएंगे. औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा करेंगे, लेकिन बल को असीमित अधिकार नहीं दिए गए हैं. अगर कोई अपने अधिकारों का दुरुपयोग करता है तो उस पर कार्रवाई करने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी. उन्‍होंने बिना वारंट की गिरफ्तारी पर कहा कि यह तो पुलिस को मौजूदा समय में भी अधिकार प्राप्त है. क्या कोई पुलिस पर हमला करेगा, शांति-व्यवस्था भंग करने की कोशिश करेगा तो पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठे रहेगी?
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