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रूपेश हत्याकांड: SIT ने 250 शूटरों की मंगवाई लिस्ट, 4 जिलों में हत्यारों को ढूंढ रही पुलिस

रूपेश सिंह हत्याकांड में 7 दिन बाद भी एसआईटी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है.
रूपेश सिंह हत्याकांड में 7 दिन बाद भी एसआईटी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है.

Rupesh Singh Murder: पुलिस सूत्राें के अनुसार, एसआईटी ( SIT) अपनी जांच की दिशा काे बेउर जेल में बंद साेना के तस्कर की ओर भी कर रही है. उसे DRI ने दाे माह पहले पटना एयरपाेर्ट (Patna Airport) पर पकड़ा था.

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पटना. इंडिगाे के मैनेजर रूपेश कुमार सिंह की हत्या (Rupesh Singh murder case) में टेंडर में विवाद की बात सामने आने के बाद एसआईटी ने इसकी जांच तेज कर दी है. घटना के सातवें दिन एसआईटी प्रमुख सिटी एसपी सेंट्रल विनय तिवारी साेमवार काे पीएचईडी और जल संसाधन विभाग पहुंचे. तीन घंटे तक दाेनाें विभागाें के चीफ इंजीनियर से टेंडर के बाबत जानकारी ली. सूत्राें के अनुसार, इन दाेनाें विभागाें में टेंडर के बारे में एसआईटी (SIT) काे जानकारी मिली कि लेवल थ्री की ठेकेदारी जिलाें से हाेती है. लेवल थ्री का मतलब है डेढ़ से साढ़े तीन कराेड़ के बीच की ठेकेदारी. लेवल थ्री की ठेकेदारी रूपेश के भाई और उनके अन्य करीबी रिश्तेदार करते हैं. इसका टेंडर विभाग से नहीं हाेता है, बल्कि जिलाें से हाेता है. विभाग से जिलाें का नाम मिलने के बाद एसआईटी की एक-एक टीम छपरा, सीतामढ़ी, गोपालगंज समेत चार जिले में भेज दी गई है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एसआईटी की ये टीम जिले में विभाग के कार्यपालक अभियंता से टेंडर से जुड़ी जानकारी हासिल करेगी कि क्या रूपेश की हत्या का तार टेंडर के विवाद से जुड़ा हुआ है या नहीं? यही नहीं वहां के संबंधित अधिकारियाें व कर्मियाें से पूछताछ करेगी. एसआईटी इस बात काे खंगालेगी कि रूपेश के भाई और उनके एक करीबी रिश्तेदार काे टेंडर मिला या नहीं. अगर मिला ताे किसने दिलाया और जिसे टेंडर नहीं मिला, वे लाेग काैन हैं?.





डीआरआई से भी संपर्क करेगी एसआईटी
सूत्राें के अनुसार, एसआईटी अपने जांच की दिशा काे बेउर जेल में बंद साेना के तस्कर की ओर भी कर रही है. उसे डीआरआई ने दाे महीने पहले पटना एयरपाेर्ट पर पकड़ा था. दरअसल, यह बात चर्चा में है कि जाे तस्कर अहमदाबाद से फ्लाइट से पटना आने के बाद एयरपाेर्ट पर दिल्ली उड़ान भरने से पहले पकड़ा गया, उसे रूपेश के टिप्स पर डीआरआई ने गिरफ्तार किया. तस्कर के पास से करीब 15 लाख का साेना बरामद किया गया था. पुलिस काे शक है कि साेने के तस्करी से जुड़े लाेगाें ने इसी का कहीं बदला ताे नहीं ले लिया.

शूटर्स की हाे गई पहचान
जांच में पुलिस काे इस बात की जानकारी मिल गई है कि रूपेश की हत्या सुपारी देकर किसी ने कांट्रैक्ट किलर्स से कराई है. शूटराें का मकसद केवल उनकी हत्या करना था. पटना समेत पूरे बिहार के करीब 250 शूटराें की लिस्ट एसआईटी ने मंगवाई है. इन सभी शूटराें के ठिकानाें से लेकर घर तक हर जिले में पुलिस छापेमारी कर रही है. यही नहीं इन शूटराें की तस्वीराें काे बेउर समेत बिहार के अन्य जिलाें में बंद कुख्याताें काे पहचान के लिए दिखाई गई. एसआईटी की टीम पटना से बाहर कई जिलाें में छापेमारी करने के लिए पटना से गई हुई है. भले ही पुलिस शूटराें की पहचान करने से इनकार कर रही है, पर सूत्राें का कहना है कि शूटराें की पहचान कर ली गई है पर गिरफ्तारी नहीं हुई है.

हत्या से कुछ दिनाें पहले एयरपाेर्ट के ठेकेदार से हुई थी तीखी बहस
सूत्राें का कहना है कि हत्या से पहले इंडिगाे के एक स्टाफ की गाड़ी एयरपाेर्ट पार्किंग करने काे लेकर ठेकेदार और रूपेश से तीखी नाेकझाेंक व बहस हाे गई थी. इसकी जानकारी मिलने के बाद एसआईटी ने पार्किंग से जुड़े ठेकेदार से लेकर करीब 40 लाेगाें से पूछताछ की. दाे दिन तक हुई पूछताछ में भी पुलिस काे उनकी हत्या से जुड़े काेई ठाेस सुराग नहीं मिले. यही नहीं इंडिगाे से सभी कर्मियाें व अधिकारियाें से लेकर एयरपाेर्ट से उनकी जिन-जिन लाेगाें से नजदीकी थी, सबाें से पूछताछ की गई.  एसआईटी अब तक करीब 40 लाेगाें काे हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है. इनमें कुछ शूटर भी हैं.

घटना का न काेई चश्मदीद और न परिजनाें ने कुछ बताया
पुलिस के लिए सबसे बड़ी मुश्किल की बात यह है कि घटना का काेई चश्मदीद नहीं हैं. घटना के दिन यानी 12 जनवरी काे  कुसुम विलास अपाटमेंट के गेट पर गार्ड मनाेज भी नहीं था. इसी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 303 में वे रहते थे. यही नहीं परिजनाें से भी पुलिस छपरा जाकर पूछताछ कर चुकी है. उन्हाेंने भी किसी से दुश्मनी हाेने की बात से इनकार कर दिया. रूपेश के बड़े भाई ने शास्त्रीनगर थाना में जाे केस दर्ज कराया वह भी अज्ञात के खिलाफ है.

दाे बार खंगाला गए कैमरे
रूपेश के अपार्टमेंट के नीचे पांच सीसीटीवी लगे हैं पर एक भी काम नहीं कर रहा था. घटना के वक्त अगर यह कैमरे काम करते ताे जहां पर उनकी हत्या हुई, ठीक उसके सामने एक सीसीटीवी लगी हुई है. उस गली में एक-दाे सीसीटीवी लगी है. पुलिस काे वहां से फुटेज मिले हैं पर साफ नहीं है. फुटेज में बाइक का नंबर साफ नहीं है. दाे बार फुटेज काे खंगाला गया. एयरपाेर्ट से माैके वारदात तक फुटेज काे देखा गया. पुलिस काे इस बात का शक है कि हाे सकता है कि शूटराें ने कहीं बाइक लगा दी हाे और भाग गए हाें. इसकाे देखते हुए पुलिस शूटराें के ऐसे अज्ञात बाइक बरामद करने के लिए जुटी है.

गाेरखपुर के कर्मी काे नौकरी से निकाला था
एसआईटी की जांच में पता चला कि रूपेश ने कुछ माह पूर्व एक कर्मी को नौकरी से हटा दिया था. वह यूपी के गोरखपुर का रहने वाला है. वह खाजपुरा में ही रह रहा था पर नाैकरी से खत्म हाेने के बाद वह पटना में नहीं था. पुलिस ने उसे नोटिस भेजा. नोटिस मिलने के बाद सोमवार को वह कर्मी खुद हाजिर हो गया. एसआईटी उससे भी पूछताछ करने में जुटी है.

सारे पहलुओं पर पुलिस कर रही छानबीन
सेंट्रल रेंज के आईजी संजय सिंह ने कहा कि हत्या के बाद जाे भी बातें सामने आ रही हैं, सभी पहलुओं की छानबीन करने में पुलिस जुटी है. इसी के तहत सिटी एसपी दाेनाें विभागाें में गए थे. चार जिलाें के लिए टीम रवाना हाे गई है. केस जटिल है. शूटराें की गिरफ्तारी हाेगी और जिसने हत्या कराई, उसे भी सलाखाें के पीछे किया जाएगा.
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