28 घंटे बाद बोरवेल से बाहर निकली सना बनेगी पीएमसीएच की ब्रांड एम्बैसेडर

सना को प्यार से सब सन्नो बुलाते हैं और जब पीएमसीएच से वो निकल रही थी तो वहां मौजूद हुजूम उसकी एक झलक पाने को बेताब था. पीएमसीएच के अधीक्षक डॉक्टर राजीव रंजन प्रसाद ने वहीं उसे अस्पताल का ब्रांड एम्बैसेडर बनाने का एलान कर दिया.

News18 Bihar
Updated: August 10, 2018, 3:08 PM IST
28 घंटे बाद बोरवेल से बाहर निकली सना बनेगी पीएमसीएच की ब्रांड एम्बैसेडर
सदर अस्पताल के आईसीयू में सना पर 24 घंटे निगरानी रखे हुए हैं डॉक्टर
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Updated: August 10, 2018, 3:08 PM IST
मौत को मात देकर 28 घंटे बाद बोरवेल से बाहर निकली मुंगेर की बेटी सना को पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल ने अपना ब्रांड एम्बैसेडर बनाने का एलान किया है. कान के पास सूजन के कारण उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था जहां से बिल्कुल स्वस्थ होकर वह शुक्रवार को घर के लिए रवाना हो गई.

सना को प्यार से सब सन्नो बुलाते हैं और जब पीएमसीएच से वो निकल रही थी तो वहां मौजूद हुजूम उसकी एक झलक पाने को बेताब था. पीएमसीएच के अधीक्षक डॉक्टर राजीव रंजन प्रसाद ने वहीं उसे अस्पताल का ब्रांड एम्बैसेडर बनाने का एलान कर दिया.

उसका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने सना को फूलों से लाद दिया और और उसे मिठाई खिलाकर अस्पताल से रवाना किया. वह अपने साथ कई जाने -अनजाने लोगों से मिले गिफ्ट को सहेज कर ले गई है.

डॉक्टर राजीव रंजन प्रसाद ने सना की जीवटता को सलाम किया और कहा कि ऐसी बहादुर बच्ची पर  बिहार को नाज है.

दो अगस्त को एनडीआरएफ की टीम 28 घंटे की मेहनत के बाद सना को सुरक्षित बाहर निकाला था.

रेस्क्यू ऑपरेशन

सना की सकुशल बरामदगी के लिये एसडीआरएफ की टीम ने युद्ध स्तर पर काम किया और 45 फीट की खुदाई कर के उसे सकुशल निकाला. बच्ची मिट्टी से दबे नहीं इसके लिये हॉरिजेंटल शेप में खुदाई की गई. बच्ची की निगरानी सीसीटीवी कैमरे से की गई तो उसे ऑक्सीजन की सप्लाई पाइप से की गई. पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मुहल्ले के लोग से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक घटनास्थल पर मौजूद रहे.

ज्यों-ज्यों सना को बोरवेल से निकालने के लिये खुदाई हो रही थी लोगों की खुशी बढ़ रही थी क्योंकि सना के लिये एक नहीं बल्कि लाखों लोग दुआ कर रहे थे. एक सप्ताह पहले अपने ननिहाल आयी तीन साल की बच्ची सना मंगलवार की शाम तीन बजे घर में खेलने के दौरान सबमर्सिबल के लिये खोदे गये बोरवेल में जा गिरी.

मासूम सी बच्ची के बोरवेल में गिरने के बाद पूरे मुहल्ले के लोग उसे बचाने की कोशिश कर रहे थे. कोई बोरवेल में रस्सी डालकर सना को उपर खींचने का प्रयास करने लगा तो कोई सिक्कड़ के सहारे लेकिन किसी की मेहनत सना को बाहर नहीं निकाल सकी. स्थानीय लोगों के हार मानने के बाद एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची थी.

(इनपुट - रजनीश कुमार)
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