बिहार शिक्षक नियुक्ति में व्‍यापक पैमाने पर धांधली, शिक्षा मंत्री ने रद्द की 400 इकाइयों की नियुक्ति प्रक्रिया

बिहार में काउंसलिंग के लिए एख सेंटर पर उमड़ी शिक्षक अभ्यर्थियों की भीड़

Bihar Teachers Job: बिहार में 5 जुलाई से 12 जुलाई तक राज्य में प्रारंभिक स्कूल के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग आयोजित की गई है, जिसमें अब तक 17 हजार शिक्षकों का चयन हुआ है.

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पटना. बिहार में प्रारंभिक स्कूलों के लिए 94 हजार पदों पर शिक्षक बहाली के लिए अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग चल रही है. इस दौरान शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. विभिन्न जिलों से लगातार काउंसिलिंग में मिल रही शिकायतों के बाद शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने राज्य के 400 नियोजन इकाइयों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द कर दी है. रद्द नियोजन इकाइयों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत अभ्यर्थियों के द्वारा पत्राचार से शिक्षा विभाग को मिली थी. कई जगह हंगामे के बाद वीडियो फुटेज भी खंगाले गए, जिसके बाद मंत्री ने ये कार्रवाई की है.

रद्द नियोजन इकाइयों में नए सिरे से नियुक्ति की प्रक्रिया चलेगी. पूरे मामले में बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने जांच कर दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज करने का भी आदेश दिया है. मंत्री ने कहा है कि गड़बड़ी करने वाले पंचायत के प्रतिनिधि हों, पदाधिकारी हों या खुद अभ्यर्थी किसी को बख्शा नहीं जाएगा. सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पहले की तरह इस बार भी सबसे अधिक ग्राम पंचायत की नियोजन इकाइयों में गड़बड़ी मिली है, जिनमें सबसे ज्यादा शिकायतों वाली इकाइयों में मुजफ्फरपुर और शिवहर शामिल हैं. इसके अलावा दरभंगा, बक्सर, समस्तीपुर, मधुबनी समेत अन्‍य जिलों में धांधली की शिकायतें मिली हैं.

बिहार में इस समय कुल 4800 नियोजन इकाइयों में नियुक्ति प्रक्रिया चली है. इनमें से 4400 में कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है. जिन 400 इकाइयों में गड़बड़ी सामने आई, उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है. बिहार में 5 जुलाई से 12 जुलाई तक राज्य में प्रारंभिक स्कूल के शिक्षकों (क्लास 1 से 8 तक) की नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग की गई है, जिनमें अब तक 17 हजार शिक्षकों का चयन हुआ है. चयन होने के बाद इन सभी को नियुक्ति पत्र दिया जाना है. हैरानी की बात तो यह है कि काउंसिलिंग के बाद भी 10229 पद रिक्त रह गए, जबकि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी टीईटी पास हैं.

काउंसिलिंग के दौरान हर तरह से विभाग को शिकायत मिल रही थी कि नियोजन इकाइयों ने कई तरह की गड़बड़ी की है. इसके बाद शिक्षा विभाग ने समीक्षा बैठक कर गड़बड़ी माना और कार्रवाई का आदेश दिया है. सबसे ज्यादा मेधा सूची के निर्माण, योग्य अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग न लिए जाने की गड़बड़ी की सूचना विभाग को मिली थी. इसके कारण उपस्थित को अनुपस्थित भी घोषित कर दिया गया और 10229 पद खाली रह गए. इस मामले में शिक्षा विभाग ने कहा है कि एक अभ्यर्थी ने कई जगहों पर आवेदन दे दिया है, मगर विभाग का साफ निर्देश था कि कोई भी अभ्यर्थी दो जगह की काउंसिलिंग में भाग लेंगे तो उसे वैध नहीं माना जाएगा. इस कारण अभ्यर्थी एक ही नियोजन इकाई में काउंसिलिंग के लिए उपस्थित हुए ऐसे में पद खाली रह गए हैं.

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