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बिहार म्यूजियम: सुरक्षा गार्डों ने डायरेक्टर को ही प्रवेश करने से रोका, ये बताया कारण

News18 Bihar
Updated: November 2, 2019, 2:15 PM IST
बिहार म्यूजियम: सुरक्षा गार्डों ने डायरेक्टर को ही प्रवेश करने से रोका, ये बताया कारण
सुरक्षा गार्डों ने ऊपर के आदेश का हवाला देकर डायरेक्टर को अंदर जाने से रोका

पिछले कुछ समय से विवादों में चल रहे बिहार म्यूजियम (Bihar Museum) में सुरक्षा गार्डों (Security Gaurds) ने डायरेक्टर यूसुफ को म्यूजियम के अंदर जाने से रोक दिया. शनिवार सुबह की इस घटना को म्यूजियम घोटाले में दर्ज एफआईआर से जोड़कर देखा जा रहा है.

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रिपोर्ट: संजय कुमार
पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के ड्रीम प्रोजेक्ट बिहार म्यूजियम में आज अजीबोगरीब घटना घटी. म्यूजियम में तैनात सुरक्षा गार्डों ने डायरेक्टर यूसुफ (Yusuf Director Bihar Museum) को ही आज म्यूजियम के अंदर जाने से रोक दिया. सुरक्षा गार्डों ने ऊपर के आदेश का हवाला देकर डायरेक्टर को अंदर जाने से रोका. म्यूजियम खुला था और इसके डॉयरेक्टर को ही अंदर नहीं जाने देना वाकया चौंकाने वाला था. करीब 15 मिनट तक डायटेक्टर की गाड़ी म्यूजियम गेट पर खड़ी रही. इसके बाद डायरेक्टर वहां से लौट गये. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए सारी जानकारी मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी सिंह से मिलकर देने की बात कही.

इस विवाद की पिछली कड़ियां
इससे पहले के घटनाक्रम में डायरेक्टर ने पिछले दिनों म्यूजियम में घोटाले को लेकर कोतवाली थाने में कुछ लोगों पर केस दर्ज करवाया था. बिहार म्यूजियम के निदेशक मो. युसूफ ने टिकट बिक्री में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए वर्तमान संग्रहालयध्यक्ष संग्रह मौमिता घोष, पूर्व अपर निदेशक जय प्रकाश नारायण सिंह, रणवीर सिंह राजपूत संग्रहालयाध्यक्ष- इतिहास, सुमित कुमार (पूर्व आउटसोर्स, आईटी मैनेजर) और योगेंद्र प्रसाद पाल (पूर्व लेखापाल) के विरुद्ध कोतवाली थाना पटना में केस (एफआईआर संख्या-797/19) दर्ज कराई था. इन लोगों के खिलाफ धारा 408, 420 और 120-बी के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. इंटरनल ऑडिट के बाद करीब सवा करोड़ से लेकर पांच करोड़ के गबन की बात सामने आ रही है. इसके अलावा पूर्व में दर्ज एक एफआईआर में संचिका और कर्मियों की सेवा पुस्तिका गायब करने का भी आरोप लगाया गया है.

News - 600 करोड़ की लागत से बना भव्य बिहार म्यूजियम अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवार्ड जीत चुका है.
600 करोड़ की लागत से बना भव्य बिहार म्यूजियम अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवार्ड जीत चुका है.


प्रवेश टिकट को लेकर हेराफेरी
बिहार म्यूजियम में प्रवेश करने के लिए वयस्कों को 100 रुपये का टिकट खरीदना पड़ता है. म्यूजियम के निदेशक ने आरोप लगाया कि टिकट प्रिंटिंग में भारी हेर-फेर चल रहा था. शुरू में बिना नम्बर वाला टिकट छपवा कर बिक्री की गई, ताकि राशि का कोई अंदाजा न लगे. फिर बाद में जब टिकट पर नंबर देना अनिवार्य किया गया तब आरोपियों ने एक ही नंबर के चार-चार टिकट छपवा लिए, जिसमें एक टिकट की राशि तो म्यूजियम को दिया जाता था लेकिन बाकी ये लोग खुद हड़प जाते थे.
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खास है ये म्यूजियम
600 करोड़ की लागत से बने बिहार म्यूजियम का उद्घाटन 2015 में हुआ था. अपनी भव्यता और सुंदरता के कारण बिहार म्यूजियम देशभर में चर्चित रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस म्यूजियम को देख चुके हैं. ये म्यूजियम अब तक 4 नेशनल और 2 इंटरनेशनल अवार्ड भी जीत चुका है.

विवादों से नाता
ये म्यूजियम शुरू से ही विवादों में रहा है. जब भोपाल के रहनेवाले और देश के जाने-माने कलाकार मो. युसूफ को इसका निदेशक बनाया गया तो उनकी नियुक्ति के कुछ बाद ही म्यूजियम का पुराना गुट इन्हें हटाने के लिए सक्रिय हो गया. यहां तक उनके साथ मारपीट भी हुई और मारपीट के आरोप में तत्कालीन अपर निदेशक जयप्रकाश नारायण सिंह को हटाया भी गया, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ. अभी कुछ दिन पहले ही लेखापाल को गबन के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है, लेकिन विवाद जारी है. अब स्थिति यह है कि पूरा म्यूजियम दो गुट में बंट गया है. यहां के कर्मचारियों की मानें तो यहां की सारी लड़ाई और विवाद दो वरिष्ठ अधिकारियों की आपसी खींचतान और विवाद का परिणाम है. यह म्यूजियम कला और संस्कृति विभाग के अंतर्गत आता है लेकिन यहां दूसरे विभाग का हस्तक्षेप ज्यादा है.

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First published: November 2, 2019, 2:12 PM IST
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