नीतीश कुमार पर 'ओछी' टिप्पणी कर घिरे तेजस्वी यादव, कांग्रेस से मिली नसीहत 

मंगलवार को बिहार विधानसभा में विपक्षी विधायकों के साथ हुई घटना से नाराज तेजस्वी ने सीएम नीतीश कुमार पर जमकर जुबानी तीर चलाए हैं (न्यूज़ 18 ग्राफिक्स)

मंगलवार को बिहार विधानसभा में विपक्षी विधायकों के साथ हुई घटना से नाराज तेजस्वी ने सीएम नीतीश कुमार पर जमकर जुबानी तीर चलाए हैं (न्यूज़ 18 ग्राफिक्स)

Bihar Politics: बिहार कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं सदानंद सिंह और अनिल शर्मा ने तेजस्वी की भाषायी मर्यादा पर सवाल खड़े किए हैं. सदानंद सिंह ने कहा कि अगर नेता ही भाषायी मर्यादा को तोड़ेंगे तो जनता को क्या संदेश जाएगा?

  • Last Updated: March 25, 2021, 1:09 PM IST
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पटना. मंगलवार को विधानसभा (Bihar Assembly) में बिहार सशस्त्र पुलिस विधेयक को लेकर जो कुछ भी हुआ, वैसा मंजर आज तक सदन में देखने को नहीं मिला था. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के रवैये को लेकर सत्ता पक्ष ने नाराजगी जाहिर की है, जिसपर पलटवार तेजस्वी यादव ने भी किया है. इस बीच तेजस्वी यादव के ट्वीट ने भाषायी मर्यादा को लेकर बहस छेड़ दी है. तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को लेकर कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग किया है, जिसके बाद राजद नेता के सहयोगी भी अब उनको नसीहत देने लगे हैं.

बिहार के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सदानंद सिंह और अनिल शर्मा जैसे लोगों ने भी तेजस्वी यादव के रवैये पर इशारों में सवाल खड़े कर दिए हैं. बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सदानंद सिंह ने NEWS 18 से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं. सदानंद सिंह ने कहा की सदन में जो कुछ भी हुआ, उसमें विपक्ष का रवैया ठीक नहीं कहा जा सकता. सदन के अंदर हुई इस घटना से स्वच्छ संसदीय परम्परा पर कलंक लगा है.

सदानंद ने कहा कि आज तक सदन में ऐसी घटना नहीं घटी है. नीतीश कुमार एक संयमित मुख्यमंत्री हैं. उन्होंने मामले को सम्भालने की पूरी कोशिश की. सदन में आगे से ऐसा नहीं हो इसका ख्याल हर पार्टी को रखना चाहिए. साथ ही राजनेताओ को भाषायी मर्यादा का भी ख़ास ध्यान रखना चाहिए. सदानंद सिंह बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और बिहार विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता सदानंद सिंह कहते हैं कि राजनीति करने वाले लोगों पर जनता की निगाहें टिकी होती हैं. अगर हम भी अपनी भाषायी मर्यादा को तोड़ेंगे तो जनता को क्या संदेश जाएगा. दूसरी ओर बिहार कांग्रेस के ही एक और वरिष्ठ नेता और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि बिहार विधानसभा में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है.
इस घटना के बाद सोशल मीडिया में सत्ता पक्ष और विपक्ष का संयम खोकर सड़क छाप भाषा का प्रयोग करना निन्दनीय है. अनिल ने कहा कि व्यक्ति नहीं तो कम से कम सम्मानीय संस्थागत पदों पर आसीन लोगों के लिए निजी टिप्पणी करने और अमर्यादित भाषा प्रयोग करने से बचना चाहिए. दरअसल, विधानसभा में हुए हंगामे के बाद तेजस्वी यादव ने राजद के महिला विधायकों की मार्शल से हुई झड़प के बाद नीतीश कुमार पर ट्वीट कर हमला बोला था, जिसकेे बाद उनको यह नसीहत मिली है.
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