CM पद की दावेदारी से मुकरे शरद यादव, बोले- बिहार में तेजस्वी महागठबंधन का चेहरा
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CM पद की दावेदारी से मुकरे शरद यादव, बोले- बिहार में तेजस्वी महागठबंधन का चेहरा
शरद यादव ने कहा कि मैं चाहता हूं कि बिहार में विपक्ष मजबूत हो (फाइल फोटो)

शरद यादव (Sharad Yadav) ने उन्हें महागठबंधन का सीएम उम्मीदवार (CM Candidate) बनाए जाने की मांग पर कहा कि विधानसभा चुनाव में हम कोई चेहरा नहीं हैं. बिहार में सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) है और तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता हैं

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पटना. पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव (Sharad Yadav) ने बिहार में महागठबंधन (Mahagathbandhan) के नेतृत्व को लेकर बड़ा बयान दिया है. शरद यादव ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में अपने चेहरे यानी मुख्यमंत्री (Chief Minister) के चेहरे की दावेदारी वाली संभावना से इनकार कर दिया है. बुधवार को उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में हम कोई चेहरा नहीं हैं. बिहार में सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) है और तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता हैं.

तीसरे मोर्चे के सवाल पर बोले

शरद यादव ने तेजस्वी यादव के नाम को आगे करने के साथ ही तीसरे मोर्चे की संभावना पर कहा कि हमारा प्रयास है कि बिहार में विपक्ष एकजुट हो. शरद ने कहा कि इस मसले को लेकर लालू प्रसाद यादव से भी हमारी बात हुई है और जल्द ही इसको लेकर रास्ता निकल जाएगा. बता दें कि राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने पिछले दिनों प्रस्ताव दिया था कि दिग्गज समाजवादी नेता शरद यादव को इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन के चेहरे के रूप में पेश किया जाए.



मांझी-कुशवाहा-सहनी ने की थी गुप्त बैठक



इस प्रस्ताव के बाद जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा, शरद यादव और मुकेश सहनी की हुई गुप्त बैठक के बाद बिहार में थर्ड फ्रंट की कवायद शुरू हो गई थी. जीतन राम मांझी सहित सभी नेताओं ने पटना के एक होटल में एक घंटे तक गुप्त रूप से बैठक की थी लेकिन इसकी जानकारी ना तो आरजेडी को दी गई थी और ना ही कांग्रेस को इस संबंध में कुछ पता था. इस बैठक के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या महागठबंधन के भीतर चुनाव से पहले ही बिखराव की स्थिति पैदा हो गई है? सवाल ये है कि क्या गठबंधन से अलग कोई मोर्चा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है?

बिहार में महागठबंधन के नेताओं के बीच तेजस्वी यादव को अपना नेता मानने को लेकर मतभेद है (फोटो: पीटीआई)


जीतन राम मांझी ने दी थी चेतावनी

इस बैठक के बाद जीतन राम मांझी ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि गठबंधन में अगर सब मिलकर चुनाव नहीं लड़े तो दिल्ली जैसी हालत हो जाएगी. साथ रहने का ही नतीजा है कि दिल्ली में बड़ी हार हुई, लेकिन झारखंड में सब ने एकजुटता दिखाई तो गठबंधन ने चुनाव जीता.

(इनपुट- अमितेश कुमार)

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