प्रशांत किशोर की बढ़ी मुश्किल! अब शाश्वत गौतम ने RTI के तहत मांगी PK की डिग्री की जानकारी
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प्रशांत किशोर की बढ़ी मुश्किल! अब शाश्वत गौतम ने RTI के तहत मांगी PK की डिग्री की जानकारी
शाश्वत गौतम ने पीके की डिग्री की जानकारी आरटीआई से मांगी है (फाइल फोटो)

दो दिन पहले ही जेडीयू (JDU) के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) को डाटा चोरी के एक मामले में कोर्ट से राहत नहीं मिली थी.

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पटना. कंटेंट व डेटा चोरी के आरोप में फंसे राजनीतिक रणनीतिकार व जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) की मुश्किलें बढ़ सकती है. शाश्वत गौतम (Shashwat Gautam) ने अब प्रशांत किशोर की डिग्री को लेकर आरटीआई के तहत जानकारी मांगी है. बता दें
शाश्वत ने पीके पर बिहार के युवाओं की डाटा चोरी किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वो बिहार के युवाओं का आंकड़ा संग्रहण कर रहे हैं. खुद तो कभी बड़े पद पर नौकरी नहीं कर पाए प्रशांत किशोर, क्योंकि उनकी शैक्षणिक योग्यता सही नहीं है.

पीके को कोर्ट से नहीं मिली थी राहत
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही जेडीयू (JDU) के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) को डाटा चोरी के एक मामले में कोर्ट से राहत नहीं मिली थी. पीके की ओर से दायर जमानत अर्जी को जिला जज की अदालत से सेशन जज के कोर्ट में सुनवाई के लिए ट्रांसफर (Transfer from district judge's court for hearing in court of sessions judge) कर दिया गया था.
पीके पर लटक रही गिरफ्तारी की तलवार
जाहिर है पीके पर अब भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है क्योंकि पीके को नो कोर्सिव ऑर्डर (No coercive order) (किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर रोक का आदेश) भी नहीं मिला है. बता दें कि शाश्वत गौतम नाम के एक युवक ने पाटलिपुत्र थाना में एक आपराधिक मुकदमा किया था जिसमें डाटा चोरी का आरोप लगाया था.



शाश्वत ने पीके पर दर्ज करवाया है केस
गौरतलब है कि बीते 28 फरवरी को शाश्वत गौतम ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि पीके का 'बात बिहार की' का कॉन्सेप्ट नकली है. उन्होंने बिहार की बात से मिलता-जुलता बात बिहार की डोमेन नेम बनाकर आइडिया और डेटा चुराने का आरोप लगाया था. इसी सिलसिले में उन्होंने पाटलिपुत्र थाने में एक आपराधिक केस भी दर्ज करवाया था.

ये है मामला
दरअसल प्रशांत किशोर ने बिहार के युवाओं को राजनीति से जोड़ने के लिए 'बात बिहार की' नाम से एक कैंपेन की शुरुआत की है, जिसपर कांग्रेस के लिए काम करने वाले शाश्वत गौतम ने डाटा चोरी करने का आरोप लगाया है और धारा 420 के तहत पटना के पाटलिपुत्र थाने में एफआइआर दर्ज करायी है. जिसके बाद प्रशांत किशोर ने शाश्वत गौतम पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का आरोप लगाते हुए जांच एजेंसी से मामले की पूरी जांच करने की बात कही है.

बता दें कि शाश्वत के अनुसार 'बिहार की बात' नाम का एक प्रोजेक्ट उन्होंने बनाया था और इसको आने वाले दिनों में बिहार में लॉन्च करने की तैयारी थी. इसी बीच ओसामा नाम के शख्स ने शाश्वत के यहां से इस्तीफा दे दिया और 'बिहार की बात' का सारा कंटेंट उसने प्रशांत किशोर को दे दिया.

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