होम /न्यूज /बिहार /Bihar: कुढ़नी उपचुनाव की हार का साइड इफेक्ट! महागठबंधन के अंदर होने लगी हलचल, उठने लगे सवाल

Bihar: कुढ़नी उपचुनाव की हार का साइड इफेक्ट! महागठबंधन के अंदर होने लगी हलचल, उठने लगे सवाल

कुढ़नी उपचुनाव में मिली हार के बाद महागठबंधन की एकता पर सवाल उठने लगे हैं.

कुढ़नी उपचुनाव में मिली हार के बाद महागठबंधन की एकता पर सवाल उठने लगे हैं.

Bihar News: कुढ़नी की हार पर राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने गठबंधन के जमीनी स्वीकारिता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किय ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

महागठबंधन उम्मीदवार उमेश कुशवाहा की हार के बाद गठबंधन के अंदर हलचल तेज हो गई है.
कुढ़नी की हार ने एक बार फिर महागठबंधन दलों की एकजुटता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है.

पटना. कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में कांटे की टक्कर में महागठबंधन उम्मीदवार उमेश कुशवाहा की हार के बाद गठबंधन के अंदर हलचल तेज हो गई है. कुढ़नी की हार के बाद हर सहयोगी दल अपने अनुसार हार की समीक्षा कर रहा है, वहीं कुछ पार्टियों ने अपने सहयोगी दलों पर ही सवाल खड़े करना शुरू कर दिया है. ऐसे कुढ़नी की हार ने एक बार फिर महागठबंधन दलों की एकजुटता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है.

कुढ़नी की हार पर राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने गठबंधन के जमीनी स्वीकारिता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है. जगदानंद सिंह ने कहा है कि नया गठबंधन जमीन पर कार्यकर्ताओं के बीच उतना मजबूत नहीं हुआ जितनी जरूरत थी. इसके लिए समय लगेगा और मेहनत की जरूरत है. राजद के पूर्व विधायक और नेता अनिल सहनी ने हार के बाद नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग कर महागठबंधन पर ही सवालिया निशान खड़ा कर दिया है.

कांग्रेस ने भी गठबंधन धर्म पर खड़ा किया सवाल
कुढ़नी की हार को लेकर जहां जदयू मंथन करने में पेज है. वहीं कांग्रेस ने आपसी कॉर्डिनेशन नहीं होने को हार का सबसे बड़ा कारण बताया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने कहा कि गठबंधन में आपसी कॉर्डिनेशन की भारी कमी है. चुनाव के लिए कभी साथ में कोई मीटिंग नहीं हुई. गठबंधन में आपसी कॉर्डिनेशन कमिटी की जरूरत है ताकि समय-समय पर मीटिंग होती रहे. कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने तो शराबबंदी को ही हार का सबसे बड़ा कारण बता दिया.

सहयोगी के सवाल के बीच जदयू हार की सच्चाई जानने में जुटी
कुढ़नी में जदयू की हार के बाद सहयोगी दल कांग्रेस और राजद के उठाए सवाल पर जदयू के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि इस हार की निश्चित रूप से समीक्षा होनी चाहिए. हार के बाद अलग-अलग जगहों से रिपोर्ट लिया जा रहा है. उसके बाद हर चीजों पर चर्चा होगी. कुछ लोगों ने जानकारी दी है कि उम्मीदवार मनोज कुशवाहा के इमेज ने भी चुनाव को प्रभावित किया. ताड़ी को लोग एक कारण मानते हैं. ताड़ी बेचने वाले समाज ने वोट नहीं दिया. वहीं केसी त्यागी ने भी राष्ट्रीय स्तर पर राज्य स्तर पर हार के कारणों की समीक्षा करने की बात कही है.

Tags: Bihar News, Bihar politics, JDU nitish kumar, Mahagathbandhan, PATNA NEWS

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें