ऑपरेशन कॉकटेल: पटना के कोने-कोने है सजती है शराब की मंडी, News 18 के स्टिंग में हुआ खुलासा

बिहार में शराबबंदी की हकीकत को न्यूज 18 ने अपने स्टिंग में उजागर किया है

बिहार में शराबबंदी की हकीकत को न्यूज 18 ने अपने स्टिंग में उजागर किया है

बिहार में लगभग पिछले 5 सालों से शराबंबदी का कानून लागू है, बावजूद इसके शराब की सप्लाई शहर से लेकर गांव की गलियों तक है.

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पटना. बिहार में किसकी बहार है, सड़क से खेत खलिहान तक जब दारू का फैला कारोबार है. माफियाओं का राज है. चौक-चौराहों पर शराब का खुला बाजार है क्या तब भी दावा करेंगे कि बिहार में सुशासन की सरकार है. जी हां उस बिहार की बात हो रही है जहां ना सिर्फ सुशासन की ताल ठोकी जाती है बल्कि शराबबंदी कानून सख्ती से लागू करने का दावा भी किया जाता है लेकिन न्यूज 18 के स्टिंग में सरकार के सारे दावों की कलई खुल गई.

बिहार में शराबबंदी के 5 साल पूरे होने वाले हैं. 5 साल पहले बिहार की सरकार ने जिस बड़े मकसद से इस कड़े कानून को सूबे में लागू किया था पूरे देश-दुनिया में इसकी ना सिर्फ खूब चर्चा हुई थी बल्कि मौजूदा सरकार की खूब वाहवाही भी हुई थी लेकिन न्यूज 18 के खुफिया कैमरे में जो तस्वीरें कैद हुई हैं वो सरकार की नींद उड़ाने के लिए काफी हैं.

पटना बिहार की राजधानी है जहां सूबे की सरकार बैठती है, जाहिर है हमारा फोकस पटना और उसके आसपास का इलाका है जहां देशी-विदेशी शराब की मंडी सजती है, खासकर देशी शराब का कारोबार तो उद्योग का शक्ल लेने लगा है. न्यूज 18 ने पहली शुरुआत पटना से सटे परसा थाना इलाके से की. पटना से महज 8 किमी की दूरी पर है गंजपर, बहुत चर्चित जगह है. जहां जमीन की खरीद बिक्री की आड़ में शराब का धड़ल्ले से खेल चल रहा है.

महज 80 रूपए में यहां जहर बांटा जा रहा है. गंजपर इलाके में घर-घर देशी शराब बनाई जा रही है और खुलेआम चौक-चौराहों पर शराब बेची जा रही है. न्यूज 18 के अंडर कवर रिपोर्टर को ना सिर्फ शराब बेची गई बल्कि दलाल ने ये भी बताया कि कैसे शराब का कारोबार चल रहा है. इस ऑपरेशन में ये भी राज खुल गया कि किस तरह से जमीन खरीद-बिक्री की आड़ में शराब का गोरखधंधा चल रहा है.
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