राम मंदिर के लिए बिहार की 101 जगहों से अयोध्या जाएंगे मिट्टी और जल, ये रही पूरी लिस्ट
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राम मंदिर के लिए बिहार की 101 जगहों से अयोध्या जाएंगे मिट्टी और जल, ये रही पूरी लिस्ट
जब 1990 में बाबरी मस्जिद का विध्वंस हुआ था, तो उस समय विश्व हिंदू परिषद के ने तय किया था कि बिहार के कामेश्वर चौपाल मंदिर की नींव की पहली ईट रखेंगे.

बिहार के विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) के कार्यकर्ता काफी खुश हैं और नारे लगा रहे है. साथ ही गीत भी गा रहे हैं कि राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे. पूरे देश में राम भक्तों का उत्साह देखने लायक है.

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पटना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (ime Minister Narendra Modi) पांच अगस्त को अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर निर्माण का शिलान्यास करने वाले हैं. इस राम मंदिर निर्माण में बिहार के भी 101 तीर्थ स्थलों और नदियों से मिट्टी और जल अयोध्या भेजे जा रहे हैं, ताकि राम मंदिर के निर्माण में बिहार का भी सहयोग नजर आए. मिट्टी और जल भेजने का बीड़ा विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) ने उठाया है. विहिप के सभी कार्यकर्ता काफी उत्साहित होकर अलग-अलग जगहों से मिट्टी इकट्ठा कर रहे हैं और काफी उत्साह से इसे भेजने की तैयारी कर रहे हैं. 26 तारीख को डाक से इसे भेज दिया जाएगा.

बिहार के विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता काफी खुश हैं और नारे लगा रहे है. साथ ही गीत भी गा रहे हैं कि राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे. पूरे देश में राम भक्तों का उत्साह देखने लायक है. 500 साल के इंतजार के बाद यह घड़ी 5 अगस्त को आ रही है जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर के नींव की पहली ईट रखेंगे. पूरे देश से राम मंदिर के निर्माण के लिए कुछ न कुछ वस्तु भेजा जा रहा है. तो बिहार से भी 101 जगहों के तीर्थ स्थल से मिट्टी और पवित्र नदियों के जल को अयोध्या भेजा जाएगा. विश्व हिंदू परिषद के दक्षिण बिहार प्रांत से यह व्यवस्था की गई है. सभी जगह से मिट्टी और जल इकट्ठा किया जा रहा है.

बिहार से 101 जगहों से भेजे जा रहे हैं मिट्टी और जल
विश्व हिंदू परिषद के दक्षिण बिहार सह संगठन मंत्री चितरंजन बताते हैं कि बिहार से जिन जगहों से मिट्टी और जल भेजा जा रहा है. उसमें प्रमुख हैं पुरैना धाम, सीतामढ़ी विश्वामित्र आश्रम, बक्सर अहिल्या स्थान, दरभंगासिहेश्वर स्थान, मधेपुरामहिषी, सहरसापटन देवी, पटना सिटी गुरू गोविन्द सिंह जन्मभूमि, पटना सिटी महावीर स्थान, पटना विष्णुपद मंदिर, बोधगयासूर्य मन्दिर, औरंगाबाद सीता कुंड, मुंगेरबड़ी देवी दुर्गा मन्दिर, मुंगेरकष्टहरणी घाट, मुंगेर अशोक धाम, लखीसरायबाबा धनेश्वर नाथ, जमुईसासाराम, देवी भगवती गोपालगंज, स्थानगरीबनाथ मुजफ्फरपुर, अजगैबीनाथ सुलतानगंज
नदी से रेत


गंगा नदी सिमरिया घाट, गंगा नदी सुलतानगंज घाट, कोशी, गंडक, बागमती कमला और फल्गु नदी का रेत भेजा जा रहा है. कुल मिलाकर 101 जगहों से जल और मिट्टी भेजी जाएगी, जिसमें गया से सवा किलो चांदी की ईंट भी शामिल है.

पटना की पांच जगहों से जा रहे हैं मिट्टी और गंगाजल
इसमें पटना से पांच जगहों की मिट्टी भी भेजी जा रही है, जिसमें बड़ी पटन देवी, छोटी पटन देवी, शीतला मंदिर, रानीपुर की काली मंदिर, जल्ला के बजरंगबली शामिल हैं. साथ ही पटना के रानी घाट से गंगाजल भी अयोध्या भेजा जा रहा है. जल और मिट्टी को इकट्ठा करने के लिए विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता काफी उत्साहित हैं. उनका मानना है कि यह सपना अब हकीकत बनने वाला है. जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को मंदिर निर्माण के लिए पहली ईद की नींव रखेंगे.

बिहार के ही कामेश्वर चौपाल ने पहली बार रखी थी नींव की ईंट
जब 1990 में बाबरी मस्जिद का विध्वंस हुआ था, तो उस समय विश्व हिंदू परिषद के ने तय किया था कि बिहार के कामेश्वर चौपाल मंदिर की नींव की पहली ईट रखेंगे. तब से बिहार वासियों में यह उत्साह है कि जब भी अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होगा. तब बिहार का सहयोग काफी होगा. इसी वजह से बिहार के कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है और वह बढ़- चढ़कर राम मंदिर निर्माण में अपनी हिस्सेदारी देना चाहते हैं.
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