सीवान में दांव पर बाहुबली शहाबुद्दीन की साख, पिता की गैरमौजूदगी में मां के सारथी बने ओसामा

सीवान लोकसभा सीट पर ओम प्रकाश यादव दो बार से जीत रहे हैं. 2009 में उन्होंने निर्दलीय जीत हासिल की थी और 2014 में बीजेपी का टिकट लेकर वो संसद पहुंचे. इस बार की लड़ाई अजय सिंह की पत्नी कविता बनाम हिना शहाब है.

Amrendra Kumar | News18 Bihar
Updated: April 24, 2019, 1:56 PM IST
सीवान में दांव पर बाहुबली शहाबुद्दीन की साख, पिता की गैरमौजूदगी में मां के सारथी बने ओसामा
सीवान की सभा में तेजस्वी और अन्य
Amrendra Kumar
Amrendra Kumar | News18 Bihar
Updated: April 24, 2019, 1:56 PM IST
बिहार में लोकसभा चुनाव को लेकर जिन सीटों पर सबकी नजरें हैं उनमें से एक सीट सीवान भी है. सीवान की पहचान बिहार में दो तरह से होती है पहला अरबियन देशों में रहने वाले एनआरआई के गढ़ और दूसरा राजद के बाहुबली नेता शहाबुद्दीन के इलाके के तौर पर.

इस सीट पर इस बार भी मुकाबला बाहुबल से अछूता नहीं हैं. राजद ने जहां बाहुबली और पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब को टिकट दिया है वहीं एनडीए ने भी इस सीट से बाहुबली अजय सिंह की पत्नी कविता को मैदान में उतारा है. सीवान सीट पर एमवाई समीकरण का हमेशा से असर रहा है लेकिन इस बार के चुनाव में इस फैक्टर पर शहाबुद्दीन की गैरमौजूदगी भारी पड़ रही है.

स्थानीय पत्रकार और सीवान की राजनीति को करीब से देखने वाले एक सीनियर पत्रकार ने बताया कि लड़ाई बराबर की है लेकिन जीत उसकी होगी जो यादवों को अपने साथ ले ले. जानकारी के मुताबिक इस सीट में वोटरों की संख्या काफी ज्यादा है और ये बिहार के पांच सबसे बड़े लोकसभा क्षेत्रों में से एक है. 2014 के चुनाव में इस सीट से बीजेपी के ओमप्रकाश यादव चुनाव जीते थे लेकिन इस बार वो अपना टिकट नहीं बचा सके लिहाजा वो भी कविता सिंह के लिए वोट मांग रहे हैं.

नामांकन दाखिल करतीं हिना शेहाब


सीवान के हुसैनगंज इलाके के प्रतापपुर के रहने वाले शहाबुद्दीन के लिए ये चुनाव चुनौती सरीखा है ऐसे में इस सीट पर सबकी नजरे हैं. पिता शहाबुद्दीन की गैरमौजूदगी में जिस तरह से उनके बेटे ओसामा ने गाड़ी ड्राइव कर मां हिना का नामांकन कराया उससे ये माना जा रहा है कि वो अपनी मां के सारथी हैं. इस सीट और हिना की जीत की महत्ता कितनी है इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि नामांकन के दिन ही तेजस्वी यादव ने सीवान में सभा की और लोगों से हिना के सिर जीत का सेहरा बांधने की अपील की. हिना के चुनाव प्रचार की कमान भले ही अलग-अलग लोग संभाल रहे हों लेकिन उन्होंने अपना वार रूम पैतृक गांव प्रतापपुर ही बना रखा है.

जन संपर्क करतीं हिना


हिना के चुनाव प्रचार की कमान सूबे के पूर्व मंत्री और शहाबुद्दीन के खास अवध बिहारी प्रसाद संभाल रहे हैं तो राजद के जिलाध्यक्ष भी उनके साथ इलाके में घूम रहे हैं. हिना के साथ साये की तरह उनके पुत्र ओसामा भी हैं जो पिता की गैरमौजूदगी में न केवल वोटरों की नब्ज टटोल रहे हैं बल्कि उन्हें अपने खेमे में करने की कोशिश भी कर रहे हैं. कहा जाता है कि आने वाले दिनों में ओसामा ही शहाबुद्दीन के उत्तराधिकारी होंगे लिहाजा इस चुनाव के माध्यम से वो भी अपने आप को लोगों के समक्ष पेश और प्रूव करने की कोशिश में लगे हैं.
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सीवान लोकसभा सीट पर ओम प्रकाश यादव दो बार से जीत रहे हैं. 2009 में उन्होंने निर्दलीय जीत हासिल की थी और 2014 में बीजेपी का टिकट लेकर वो संसद पहुंचे. इस बार की लड़ाई अजय सिंह की पत्नी कविता बनाम बाहुबली और सीवान में हुए तिहरे हत्याकांड में सजा काट रहे शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब के बीच है.

सीवान सीट को भले ही राजद का गढ़ कहा जाता हो लेकिन हिना अभी तक इस सीट से जीत हासिल नहीं कर सकी हैं. ये उनकी तीसरी कोशिश है. शहाबुद्दीन को सजा मिलने के बाद हिना ने उनकी विरासत संभाली हैं तो राजद का भी विश्वास उन पर बना हुआ है. जेल में बंद होने के बाद भी शहाबुद्दीन की इलाके पर जबरदस्त पकड़ है और राजद को भी ये भरोसा है कि इस बार हिना इस सीट से हार का मिथक तोड़ देंगी.

सीवान संसदीय क्षेत्र की बात करें तो इस जिले की 6 सीटें जेडीयू ने विधानसभा चुनाव के दौरान जीती थीं ऐसे में उनका पलड़ा कहीं से भी हिना के मुकाबले हल्का नहीं दिख रहा है., 2014 लोकसभा चुनाव में कुल मतदाता 15,63,860 थे. इस चुनाव में सांसद ओमप्रकाश यादव को 3,72,670 वोट मिले थे जबकि हीना शहाब को 2,58,823 वोट हासिल हुए थे.
First published: April 24, 2019, 1:52 PM IST
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