महागठबंधन की दरार पाटने को सोनिया गांधी ने मांझी को दिल्ली बुलाया, आज शाम होगी मुलाकात
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महागठबंधन की दरार पाटने को सोनिया गांधी ने मांझी को दिल्ली बुलाया, आज शाम होगी मुलाकात
सोनिया गांधी ने जीतन राम मांझी को दिल्ली बुलाया. (फाइल फोटो)

जीतन राम मांझी ने भी अपनी बात रखने के लिए हामी भरते हुए मंगलवार को दिल्ली जाने के फैसला किया है. वह सुबह 10 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे.

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  • Last Updated: June 23, 2020, 10:05 AM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन (Grandalliance) की दरार सामने आने लगी है. हम प्रमुख जीतन राम मांझी (Jitanram Manjhi) के जदयू (JDU) में जाने की बात सामने आने के बाद महागठबंधन में हलचल तेज हो गई है. महागठबंधन में आ रही दरार और चुनाव से ठीक पहले घटक दलों के बाहर जाने की बात सामने आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने मोर्चा संभालते हुए जीतन राम मांझी को दिल्ली (Delhi) आने का न्योता दिया. जीतन राम मांझी ने भी अपनी बात रखने के लिए हामी भरते हुए मंगलवार को दिल्ली जाने के फैसला किया है. मंगलवार को 10 बजे मांझी दिल्ली के लिए रवाना होंगे. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार देर शाम जीतन राम मांझी और सोनिया गांधी की मुलाकात हो सकती है.

आरजेडी जीतन राम मांझी को नही दे रहा भाव

जीतन राम मांझी गठबंधन के भीतर लगातार कोऑर्डिनेशन कमिटी बनाने की बात कहते रहे है. मांझी ने 25 जून तक की अंतिम डेडलाइन देते हुए कहा है कि अगर 25 तारीख तक आरजेडी (RJD) कोई संज्ञान मांझी के प्रति नहीं लेता है, तो अपना अलग रास्ता अख्तियार करेंगे. माना जा रहा है कि जीतन राम मांझी की जेडीयू से लगातार बात हो रही है और मांझी अपने पुराने घर जेडीयू में शामिल होने के लिए तैयार हैं. ऐसे समय मे महागठबंधन के नुकसान को देखते हुए सोनिया गांधी ने अगुआई करते हुए मांझी को दिल्ली बुलाया है.



मांझी को मझधार में छोड़ा
गौरतलब है कि महागठबंधन में जीतनराम मांझी का फार्मूला - माइनस आरजेडी - महज 24 घंटे के भीतर ही फेल हो गया. महागठबंधन की बाकी सहयोगी पार्टियों ने यह साफ कर दिया कि 2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी का कोई विकल्प नहीं. महागठबंधन के दूसरे सहयोगियों ने यहां तक कह दिया कि अगर बीजेपी (BJP) और जेडीयू के खिलाफ 2020 में महागठबंधन को चुनाव जीतना है तो हर हाल में आरजेडी को साथ लेकर ही चलना होगा. यही नहीं कांग्रेस (Congress) से लेकर वीआईपी और वामदल ने भी स्पष्ट तौर पर कह दिया कि तत्काल बिहार में न तो कोई थर्ड फ्रंट की गुंजाइश है और न ही इसपर दांव लगाना कोई बुद्धिमानी. मतलब साफ है जीतन राम मांझी जिस बुनियाद पर आरजेडी के खिलाफ ताल ठोक रहे थे, उन्हीं सहयोगियों ने मांझी का बीच मंझधार में साथ छोड़ दिया.
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