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पुलिस मुख्यालय के आदेश की अवहेलना पर SP सख्त, विभाग को लिखी चिट्ठी

पश्चिम चंपारण के एसपी ने बिहार पुलिस के नियमों का हवाला देते हुए चिट्ठी लिखी है (फाइल फोटो)

पश्चिम चंपारण के एसपी ने बिहार पुलिस के नियमों का हवाला देते हुए चिट्ठी लिखी है (फाइल फोटो)

Bihar Police News: बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस एक्ट में के मुताबिक बिहार पुलिस का विशेष दस्ता CISF की तरह एयरपोर्ट, मेट्र ...अधिक पढ़ें

पटना. बिहार पुलिस (Bihar Police) महकमा अपने मुख्यालय की ओर से जारी आदेशों का अनुपलान नहीं कर रहा है खासतौर पर प्रशिक्षण के बाद बिहार सशस्त्र पुलिस बल (BMP) में योगदान देने के मामलें में. इस बात का खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि पश्चिम चंपारण के एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने अपने हस्ताक्षर से जारी आदेश पत्र के जरिये किया है. एसपी ने इस पत्र में लिखा है कि 2015 बैच के बाद बहाल हुए सभी महिला और पुरुष सिपाहियों की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद 5 साल तक सशस्त्र बल में योगदान देने को लेकर पुलिस मुख्यालय के तरफ से जारी आदेश का अनुपलान नही किया जा रहा है.

प्रशिक्षण पूरा होते ही सिपाहियों को किसी ना किसी थाना में या पुलिस ऑफिस में अटैच कर दिया जा रहा है जो बेहद गलत है. उपेंद्र नाथ वर्मा ने अपने इस आदेश पत्र में साफ-साफ लिखा है कि 2015 बैच के बाद बहाल हुए सभी महिला और पुरुष सिपाहियों की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अगले 5 साल तक सशस्त्र बल में योगदान करवाया जाये, सीधे किसी ऑफिस में नहीं. पश्चिम चम्पारण के SP ने इस बाबत बेतिया जिला मुख्यालय के DSP को भी फरमान जारी किया है कि पुलिस मुख्यालय की तरफ से जारी आदेश का अनुपलान करवाया जाए. SP ने कहा है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी महिला और पुरूष पुलिस कर्मियों को अगले पांच साल तक सशस्त्र पुलिस बल में योगदान करवाया जाये.

पुलिस मुख्यालय ने जारी किया था आदेश

बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक सदन से पास होने के महज दस दिनों के अंदर पुलिस मुख्यालय ने अपने सभी विंग, सभी जिला को यह आदेश जारी कर दिया था कि 2015 के बाद बिहार पुलिस सिपाही के स्तर पर जो भी भर्तियां होगी उनके प्रशिक्षण के बाद चाहे वो महिला और पुरूष हो सभी के प्रशिक्षण पूरी होने के बाद अगले पांच वर्ष तक बिहार सशस्त्र पुलिस बल में अपना योगदान देंगे, मगर देखा जा रहा है कि इस आदेश की सभी जिलों में अवहेलना लगातार हो रही है.

बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक क्या है

DGP संजीव कुमार सिंघल के मुताबिक बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस एक्ट में जो सबसे खास बात है वो यह है कि बिहार पुलिस CISF की तरह एयरपोर्ट, मेट्रो, ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा करेगी. बोधगया में आतंकवाद की घटना के बाद से बिहार मिलिट्री पुलिस पिछले 8 सालों से वहां की सुरक्षा कर रही है लेकिन इसके पास अभी तक तलाशी लेने या गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं था. इस विधेयक के जरिए ये अधिकार दिए जा रहे हैं लेकिन ये अधिकार केवल उन्हीं जगहों पर रहेंगे जहां उन्हें सुरक्षा में लगाया जाता है.

Tags: Bihar News, Bihar police, PATNA NEWS

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