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नीतीश सरकार ने केंद्र से फिर मांगा बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा, नीति आयोग की रैंकिंग पर उठाए सवाल

नीतीश सरकार ने केंद्र से फिर मांगा बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा, नीति आयोग की रैंकिंग पर उठाए सवाल

बिहार के आला अधिकारियों की नीति आयोग के सदस्यों के साथ मीटिंग.

बिहार के आला अधिकारियों की नीति आयोग के सदस्यों के साथ मीटिंग.

Bihar News: बिहार के योजना एवं विकास विभाग मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने नीति आयोग के सदस्यों के साथ मीटिंग में कहा कि बिहार की 63% आबादी हिमालयन क्षेत्र से ही आती है. यह इलाका हर साल बाढ़ और जलजमाव की समस्या से प्रभावित रहता है. दो-तीन महीनों के लिए बड़ी संख्या में लोग दूसरी जगहों पर शरण लेने को मजबूर रहते हैं. बाढ़ के कारण सड़क, पुल-पुलिया और दूसरी आधारभूत संरचनाओं की क्षति का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा कि दक्षिण बिहार सूखा से प्रभावित होता है तो उत्तर बिहार अधिक जल जमाव और बाढ़ जैसी विपदाओं से प्रभावित रहता है.

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पटना. बिहार सरकार ने एक बार फिर से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग उठाई है. शुक्रवार को पटना में नीति आयोग की बैठक के साथ विशेष दर्जा दिए जाने की बात को प्रमुखता से रखा गया. इस बैठक की अध्यक्षता बिहार के योजना एवं विकास विभाग मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव कर रहे थे. नीति आयोग के साथ हुई इस बैठक में विजेंद्र प्रसाद यादव ने बिहार की आबादी का हवाला दिया और कहा कि बिहार में आबादी का घनत्व सबसे अधिक है, और यह हर साल आपदाओं को झेलने वाला राज्य है. मंत्री ने कहा कि यही कारण भी है कि पिछले कई सालों से अच्छी विकास दर दाखिल करने के बाद भी बिहार विकसित राज्यों से काफी पीछे है. उन्होंने इस मुद्दे पर नीति आयोग को गंभीरता से विचार करने और केंद्र सरकार को अनुशंसा करने की बात कही. बैठक में नीति आयोग की तरफ से सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद उपस्थित थे.

मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने नीति आयोग के सदस्यों के साथ मीटिंग में कहा कि बिहार की 63% आबादी हिमालयन क्षेत्र से ही आती है और यह इलाका हर साल बाढ़ और जलजमाव की समस्या से प्रभावित रहता है. दो-तीन महीनों के लिए बड़ी संख्या में लोग दूसरी जगह पर शरण लेने को मजबूर रहते हैं. बाढ़ के कारण सड़क, पुल-पुलिया और दूसरे आधारभूत संरचनाओं की क्षति का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा कि दक्षिण बिहार सूखा से प्रभावित होता है तो उत्तर बिहार अधिक जल जमाव और बाढ़ जैसी विपदाओं से प्रभावित रहता है.

मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से ही प्राकृतिक संसाधनों में धनी होने के बावजूद बिहार में माल भाड़ा  समानीकरण नीति के कारण  उद्योग धंधे नहीं लगे. खनिज संपदा का उपयोग कर दक्षिण भारत और दूसरे जगहों पर उद्योग लगाए गए. इन सभी बातों को देखते हुए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना ही इस समस्या का समाधान है. मंत्री की मानें तो सरकार की पुरानी मांग है और ऐसे में नीति आयोग को इस पर ध्यान देना चाहिए.

विजेंद्र यादव ने कहा कि राष्ट्र में बुनियादी संसाधनों की उपलब्धता रोजगार सृजन, आधारभूत संरचना उच्च शिक्षा के क्षेत्र में समानता की नीति लागू होनी चाहिए ताकि देश में मानव विकास सूचकांक बेहतर हो सके. बैठक में मंत्री द्वारा यह मसला उठाया गया कि हर साल नीति आयोग राज्यों की रैंकिंग तय करता है, लेकिन बिहार द्वारा  पिछले सालों में राष्ट्रीय विकास दर से बेहतर विकास दर हासिल करने के बावजूद उसकी प्रगति को आंकड़ों में नहीं दर्शाया गया है. मानको की उपयोगिता तब होगी जब वह राज्य की वृद्धि दर की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत कर सके. राज्य के विकास की दर को प्रोत्साहित करने की वकालत करते हुए मंत्री ने कहा कि इसे हतोत्साहित नहीं करना चाहिए.

मंत्री की मानें तो समृद्ध राज्यों की तुलना पिछड़े राज्यों से कभी नहीं करनी चाहिए. राज्य की भौगोलिक आर्थिक सामाजिक स्थिति को देखते हुए समीक्षा की जानी चाहिए. मंत्री ने बैठक में यह भी कहा कि राज्य सरकार न्याय के साथ विकास के लिए कटिबद्ध है. हर  घर बिजली लगातार और हर घर को पाइप से शुद्ध पेयजल पहुंचाना, बिहार  सरकार की योजना थी. इसे केंद्र सरकार ने पूरे देश में लागू किया है. मंत्री की मानें तो बिहार सरकार ने पूरे प्रदेश में सड़कों की संरचना बनाई है और साथ ही इसकी मरम्मत और रखरखाव की नीति भी तैयार की गई है. बैठक में विकास आयुक्त अमीर सुबहानी के अलावा विभिन्न विभागों के आला अधिकारी भी मौजूद थे.

Tags: Bihar Government, Bihar News, Central government, CM Nitish Kumar, Niti Aayog, Nitish Government, PATNA NEWS

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