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बिहार में छिनी 150 वीआईपी लोगों की सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय ने वापस लिए बॉडीगार्ड्स

News18 Bihar
Updated: February 10, 2020, 9:17 AM IST
बिहार में छिनी 150 वीआईपी लोगों की सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय ने वापस लिए बॉडीगार्ड्स
बिहार पुलिस ने वापस ली 150 वीआईपी की सुरक्षा. (फाइल फोटो)

बिहार (Bihar) में किसी भी शख्स को दो तरह से सुरक्षा (VIP Security) मुहैया कराने का प्रावधान है. पहले पद और दूसरा संभावित खतरे के आधार पर.

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संजय कुमार

पटना. बिहार पुलिस (Bihar Police) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए वीआईपी (VIP Security) सुरक्षा के नाम पर तैनात 150 बॉडीगार्ड को उनकी ड्यूटी से तत्काल हटा लिया है. बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सभी जिलों में यह कार्रवाई की गई है. बॉडीगार्ड की ड्यूटी में प्रतिनियुक्त इन जवानों को वापस पुलिस लाइन में अपना योगदान देने को कहा गया है.

मुख्यालय के आदेश पर बॉडीगार्ड की तैनाती की समीक्षा लागातार जारी है और आने वाले दिनों में इस संख्या में और भी बढ़ोतरी तय है. दरअसल, पुलिस विभाग ने अंगरक्षकों की आड़ में हुई कई घटनाओं और पुलिस बल की संख्या में कमी की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया है. इस कार्रवाई के बाद वैसे वीआईपी लोगों में खलबली मची हुई है जो स्टेटस सिंबल के लिए बॉडीगार्ड लेकर चलते हैं.

समीक्षा के लिए बनाई गई है कमिटी

पुलिस मुख्यालय के आदेश के तहत दो तरह के बॉडीगार्ड्स हटाए गए हैं. पहला जो गृह विभाग के मापदंडों से अलग ड्यूटी पर तैनात थे, जबकि दूसरे में वैसे वीआईपी के नाम शामिल हैं जिन्हें सुरक्षा तो मिलनी है पर तय संख्या से ज्यादा बॉडीगार्ड प्रतिनियुक्त हैं. पुलिस मुख्यालय के आदेश के बाद बॉडीगार्ड की प्रतिनियुक्ति की समीक्षा सभी जिलों में लगातार जारी है. रेंज आईजी इसकी लगातार मॉनीटरिंग भी कर रहे हैं. जिलास्तर पर समीक्षा के लिए एक कमिटी बनी है, जो लगातार इसकी समीक्षा कर रही है.

वर्ष 2017 में बना था नियम
बिहार में किसी भी शख्स को दो तरह से सुरक्षा मुहैया कराने का प्रावधान है. पहले पद के आधार पर और दूसरा संभावित खतरे के आधार पर. इसके लिए वर्ष 2017 में गृह विभाग ने संकल्प जारी किया था. इसके मुताबिक, किसी व्यक्ति को बॉडीगार्ड तभी दिया जाएगा जब उनकी जान को खतरा हो. इसका आंकलन आईजी (सिक्यूरिटी) की अध्यक्षता में बनी कमेटी करती है. इस कमेटी के फैसले से असंतुष्ट कोई व्यक्ति केन्द्रीय सुरक्षा समिति के पास आपत्ति दर्ज करा सकता है. विशेष परिस्थिति में जिले का एसपी भी किसी व्यक्ति को बॉडीगार्ड दे सकते हैं. आगे की सुरक्षा के लिए उस शख्‍स को सुरक्षा समिति की सहमति लेनी होगी.ये भी पढ़ें- फाइनेंस कर्मी को गोली मारकर सरेआम लूटे तीन लाख रुपए

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First published: February 10, 2020, 8:33 AM IST
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