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बिहार: प्राइमरी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित, जानें वजह
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Rajnish Kumar | News18 Bihar
Updated: February 12, 2020, 7:54 AM IST
बिहार: प्राइमरी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित, जानें वजह
बिहार में प्रारंभिक शिक्षकों की नियोजन प्रक्रिया तत्काल स्थगित कर दी गई है. (सांकेतिक तस्वीर)

हाल ही में एनआईओएस से डीएलएड करने वाले अभ्यर्थियों की डिग्री को मान्य बताते हुए पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने राज्य सरकार को डीएलएड अभ्यर्थियों को एक महीने के भीतर बहाल करने का आदेश दिया था.

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पटना. शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों को बिहार सरकार (Bihar Government) के फैसले से एक बार फिर बड़ा झटका लगा है. सरकार ने लगभग एक लाख प्राइमरी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को स्थगित करने का फैसला लिया है. शिक्षा विभाग ने 18 महीने के डीएलएड कोर्स करने वालों को एक महीने में नियोजन का हिस्सा बनाने के पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) के आदेश पर विधि विभाग से सलाह के बाद यह कार्रवाई की है. बता दें कि बिहार के 71,244 सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों के करीब एक लाख खालीपदों पर नियोजन की प्रक्रिया चल रही थी.

हाईकोर्ट के आदेश से फंसा पेंच

शिक्षा विभाग ने ये फैसला इसलिए लिया, क्योंकि हाल ही में एनआईओएस से डीएलएड करने वाले अभ्यर्थियों की डिग्री को मान्य बताते हुए पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को डीएलएड अभ्यर्थियों को एक महीने के भीतर बहाल करने का आदेश दिया था.

एनसीटीई से नहीं आया जवाब

एनआईओएस से 18 महीने के डीईएलएड कोर्स करने वाले शिक्षकों को हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने एनसीटीई से भी राय मांगी है, लेकिन फिलहाल एनसीटीई ने दोबारा कोई लिखित जवाब नहीं भेजा है.

राज्य सरकार ने लिया फैसला

इधर, राज्य सरकार ने पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर विधिक परामर्श लेने का भी विचार किया है कि आखिर राज्य में चल रही एक लाख शिक्षकों के नियोजन में डीएलएड अभ्यर्थियों को शामिल करें या नहीं. जाहिर है इसको लेकर शिक्षा विभाग ने पूरी बहाली की प्रक्रिया को ही स्थगित कर दिया है. बता दें कि आवेदक की रिट याचिका पर फैसला सुनाते हुए पटना उच्च न्यायालय ने एनआईओएस से 18 महीने के डीईएलएड करने वाले शिक्षकों को भी वर्तमान में प्रारंभिक शिक्षकों की बहाली के लिए चल रही प्रक्रिया में शामिल करने के लिए ऐसे शिक्षक अभ्यर्थियों से तीस दिनों के अंदर आवेदन लेने का आदेश दिया था. एनआईओएस से 18 महीने के डीईएलएड कोर्स करने वालों में बिहार के करीब ढाई लाख शिक्षक हैं, जिनमें करीब दो लाख शिक्षक प्राईवेट स्कूलों के ही हैं.लाखों अभ्यर्थियों ने किया है आवेदन

गौरतलब है कि राज्य में तेजी से चल रही प्राइमरी शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया में लाखों अभ्यर्थियों ने पंचायत से लेकर, नगर निकाय, प्रखंड, जिला परिषद में दर्जनों जगह आवेदन किया था. अब अभ्यर्थियों के पास फिलहाल कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि सरकार की बहाली प्रक्रिया की अब डेड लाइन भी खत्म हो जाएगी और प्रक्रिया स्थगित के बाद सरकार नई तिथि की घोषणा कब करेगी यह भी कहना मुश्किल है.

करना होगा इंतजार

शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. सरकार के इस फैसले से जहां एनआईओएस से डीएलएड की डिग्री लेनेवाले अभ्यर्थियों को मायूसी हाथ लगी है. वहीं, शिक्षक बहाली में आवेदन जमा कर चुके अभ्यर्थियों को भी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है.

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First published: February 12, 2020, 6:51 AM IST
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