स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े बिहार के जूनियर डॉक्टर्स, हड़ताल छठे दिन भी जारी

पटना में कैंडल मार्च निकालते बिहार के जूनियर डॉक्टर्स

पटना में कैंडल मार्च निकालते बिहार के जूनियर डॉक्टर्स

Junior Doctor Strike: बिहार में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का बुरा असर राज्य की चिकित्सा व्यवस्था पर पड़ रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनके स्टाइपेंड में वृद्धि नहीं की जाएगी हड़ताल जारी रहेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 28, 2020, 8:20 AM IST
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पटना. स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर गए बिहार के जूनियर डॉक्टर (Bihar Junior Doctors) किसी भी सूरत में झुकने को तैयार नहीं हैं. जूनियर डॉक्टर पटना के पीएमसीएच (PMCH) में लगातार धरना और प्रदर्शन कर रहे हैं. इनकी हड़ताल में अब इंटर्न भी साथ हो गए हैं. पटना में रविवार की देर शाम जूनियर डॉक्टरों ने पीएमसीएच के गेट पर कैंडल जलाकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की.

जूनियर डॉक्टरों की एक ही मांग है कि उनका स्टाइपेंड बढ़ाया जाए. हड़ताली डॉक्‍टरों का कहना है कि जनवरी 2020 से ही स्‍टाइपेंड बढ़ाया जाना था. इस मांग पर डॉक्टर किसी भी सूरत में झुकने को तैयार नही है. प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के पीजी डॉक्टर पिछले 5 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. स्टाइपेंड बढ़ाए जाने की मांग को लेकर पटना सिटी के अगम कुआं स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में भी पीजी डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध जताया. इस मौके पर पीजी डॉक्टरों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए तत्काल मांगों को पूरी किए जाने की अपील की.

पीजी डॉक्टरों ने राज्य सरकार के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक 3 वर्षों पर स्टाइपेंड बढ़ाए जाने का सरकार ने आदेश जारी किया था. जूनियर डॉक्टरों का कहना था कि 1 जनवरी 2020 से ही पीजी डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ जाना चाहिए था लेकिन 1 साल बीत जाने के बाद भी अब तक स्टाइपेंड में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. डॉक्टरों का कहना था कि वे लोग मरीज के हित में जल्द से जल्द हड़ताल खत्म करना चाहते हैं, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से अब तक इस दिशा में कोई भी पहल नहीं की गई है.

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