3 दिन से हड़ताल पर नालंदा मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर, स्वास्थ्य सेवा अस्त-व्यस्त

पटना के एक अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों ने किया काम का बहिष्कार. मरीजों और उनके परिजनों की जान सांसत में.

News18 Bihar
Updated: September 3, 2018, 6:29 PM IST
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Updated: September 3, 2018, 6:29 PM IST
पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज में पिछले 3 दिनों से स्वास्थ्य सेवाओं के हाल बेहाल हैं. यहां जूनियर डॉक्टर तीन दिन से अघोषित हड़ताल पर हैं, जिसका सीधा असर मरीजों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है.

घटना पटना सिटी के अगमकुआं स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की है. यहां के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में बीते शुक्रवार को एक महिला की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया. साथ ही केस में कोताही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की. स्थानीय आलमगंज पुलिस से इस बाबत शिकायत की गई थी. जिसके बाद से गुस्साए जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया.

जूनियर डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार से इमरजेंसी में भर्ती मरीजों को बहुत परेशानी हो रही है. काम ठप रहने की वजह से ही गंभीर हालत में आए मरीजों की जान पर बनी हुई है. आग से बुरी तरह झुलसी हुई एक महिला मरीज की इसी दौरान मौत हो गई. अस्पताल के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर ना जाकर खुद को काम से अलग रखा है और वह किसी भी मरीज को नहीं देख रहे हैं, जिससे अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके परिजनों में खासा आक्रोश है.

अपनी सुरक्षा के नाम पर जूनियर डॉक्टरों के इस मनमाने रवैया से अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके परिजनों की जान सांसत में है. गौरतलब है कि पिछले माह ही सुरक्षा की मांग को लेकर अस्पताल के जूनियर डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे. मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के निर्देश पर अस्पताल में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही टीओपी का निर्माण, अस्पताल में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरा और अलार्म भी लगाया गया था. बावजूद इसके जूनियर डॉक्टर सुरक्षा की मांग को दोहरा रहे हैं. इधर पूछे जाने पर डॉक्टरों ने इस बारे में कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया.

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