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बुर्का बैन करने का फरमान, विरोध में उतरी छात्राएं और फिर....

jyoti mishra | News18Hindi
Updated: January 25, 2020, 7:15 PM IST
बुर्का बैन करने का फरमान, विरोध में उतरी छात्राएं और फिर....
वहीं छात्राओं ने इस फरमान के जारी होने के बाद आंदोलन करने की भी चेतावनी दी. छात्राओं का कहना था कि यह फरमान गलत है. (फाइल फोटो)

पटना के जेडी विमेंस कॉलेज प्रबंधन की ओर से निकले बुर्के संबंधी नो‌टिस के बाद छात्रओं ने दी आंदोलन करने की धमकी. अब नया नोटिस किया गया जारी.

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  • Last Updated: January 25, 2020, 7:15 PM IST
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पटना. राजधानी के जेडी विमेंस कॉलेज में बुर्का बैन करने के अजीबो गरीब फरमान के बाद छात्राएं विरोध पर उतर आईं. जिसके बाद कॉलज को मजबूर होकर इस फरमान को वापस लेना पड़ा और प्रबंधन ने ड्रेस कोड (Dress Code) में आने संबंधी नया नोटिस (Notice) जारी किया. इससे पहले कॉलेज प्रबंधन ने नोटिस जारी किया था कि कोई भी छात्रा बुर्का पहनकर कॉलेज नहीं जा सकती है. जिसके बाद छात्रओं ने आपत्ति जताई थी.

यह हमारा मजहब है
इस फरमान का विरोध कर रही छात्राओं में से एक शाहीन ने कहा कि ये हमारा मजहब है और कॉलेज को ऐसा नोटिस जारी करने से पहले सोचना चाहिए था. वहीं यासमीन ने कहा कि हम महिला कॉलेज में हैं और क्लास में बुर्का न भी पहने तो कोई बात नहीं, लेकिन यह हमारी मर्जी होनी चाहिए न कि हम पर ये फैसला थोपा जाना चाहिए. वहीं हिंदू छात्राओं ने कहा कि ड्रेस कोड को फॉलो करने का नियम ठीक है लेकिन बुर्का पहनकर क्लास में आने की बात गलत है और हम अन्य छात्राओं के साथ हैं.

आंदोलन की चेतावनी

वहीं छात्राओं ने इस फरमान के जारी होने के बाद आंदोलन करने की भी चेतावनी दी. छात्राओं का कहना था कि यह फरमान गलत है. इसके बाद यह खबर मीडिया में आने और कॉलेज में गहमागहमी का माहौल बनने के बाद कॉलेज की प्राचार्या श्यामा राय ने अपना फरमान वापस ले लिया. हालांकि उन्होंने कहा कि कॉलेज में सभी एक ड्रेस में दिखें इसलिए हमने यह कदम उठाया था, कोई और मकसद नहीं था. हम चाहते हैं सभी छात्राओं में एकरूपता रहे. वहीं राय ने बुर्का पहनकर आने पर लगने वाले जुर्माने की बात से भी इनकार कर दिया है.

किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना गलत
वहीं इस मामले में मौलाना अनीसुर्रहम कासमी ने कहा कि कोई भी कानून या नियम ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे किसी की मजहबी भावनाओं को ठेस पहुंचे. वहीं बीजेपी के प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि कॉलेज की कोशिश डिसिप्लिन मेंटेन करने की थी. इसे सांप्रदायिक रंग देना गलत है. महिला कॉलेज में क्लास रूम में बुर्का पहनने को मना किया गया है तो इसमें परेशानी नहीं होनी चहिए. लकिन प्राचार्य की ओर से नोटिस वापस लेने का फैसला भी स्वागत योग्य है.पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले
इससे पहले भी पटना में ऐसे मामले हुए हैं. कॉलेजों में बुर्का पहनने और नहीं पहनने के मामले सामने आते रहे हैं. जिसको लेकर कई बार विवाद भी हुए हैं. लेकिन इस बार जुर्माने की बात पहले कभी नहीं की गई. अभी पटना के लगभग सभी महिला कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू हैं जो छात्रओं को फॉलो करना होता है जिसके बिना कॉलेज में एंट्री नहीं मिलती है.

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First published: January 25, 2020, 7:15 PM IST
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