गन्ना से बिहार में बनेगा चॉकलेट और डिब्बा बंद मिलेगा जूस, उद्योग विभाग कर रहा है तैयारी

गन्ना उधोग विभाग के तरफ़ से मिली जानकारी के हिसाब से निजी क्षेत्र के उद्यमियों को आकर्षित करने के नई पोलिसि बनाई जा रही है. (सांकेतिक फोटो)

गन्ना उधोग विभाग के तरफ़ से मिली जानकारी के हिसाब से निजी क्षेत्र के उद्यमियों को आकर्षित करने के नई पोलिसि बनाई जा रही है. (सांकेतिक फोटो)

अत्याधुनिक मशीनों (Machines) को खरीदने पर भी अनुदान देने की पेशकश की जायेगी. इस तरह की मशीनें मॉल, बड़ी दुकानों और यहां तक कि ठेले पर भी लगायी जा सकेंगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 2, 2021, 10:51 AM IST
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पटना. बिहार सरकार (Bihar Government) राज्य में गन्ना आधारित उद्योग लगाने पर लगातार काम कर रही है. इसे कड़ी में बिहार में अब गन्ने (Sugarcane) से गुड़-जूस और गुड़ से बने चॉकलेट जैसे खाद्य पदार्थों को बाजार में उतारने के लिए राज्य में प्रसंस्करण उद्योग खड़ा करने की तैयारी की जा रही है. इसे देखते हुए गन्ना उद्योग विभाग निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन पॉलिसी (Incentive policy) बना रहा है.

गन्ना उधोग विभाग के तरफ़ से मिली जानकारी के हिसाब से निजी क्षेत्र के उद्यमियों को आकर्षित करने के नई पोलिसि बनाई जा रही है. उद्यमियों के लिए बनायी जा रही इस पॉलिसी में काफी वित्तीय छूट देने पर विचार चल रहा है. यहां तक कि पूंजीगत निवेश अनुदान 50 फीसदी तक करने की बात चल रही है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, गन्ना उद्योग विभाग की रणनीति है कि बाजार में विशेषकर गुड़ से बने उत्पाद मसलन चॉकलेट, टॉफी, गुड़ मिश्रित ड्राइफूड उत्पाद आदि खाद्य वस्तुएं बनायी जाए.

वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जायेगी

इस पॉलिसी के तहत बाज़ार में बिकने वाले फलों के डिब्बा बंद जूस की तरह गन्ना रस की पैकेजिंग करने वाली इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के प्रावधान किये जा रहे हैं. अत्याधुनिक मशीनों को खरीदने पर भी अनुदान देने की पेशकश की जायेगी. इस तरह की मशीनें मॉल, बड़ी दुकानों और यहां तक कि ठेले पर भी लगायी जा सकेंगी. वहीं ठेले पर गन्ना का जूस बेचने वालों को बनायी जा रही पॉलिसी का काफी फायदा होगा. गन्ना जूस निकालने के लिए पेट्रोल से चलने वाली अत्याधुनिक मशीन हाल ही में काफी लोकप्रिय हुई है. दरअसल, राज्य सरकार की रणनीति है कि गन्ना से इथेनॉल के अलावा या समानांतर गन्ना-गुड़ प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा दिया जाए, ताकि अधिकतर स्थानीय लोगों को रोजगार मिले. विभाग गन्ना और गुड़ के उत्पाद बनाने वाली औद्योगिक यूनिटों और निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए पॉलिसी बना रहा है. इसके तहत छोटे-बड़े सभी निवेशकों को अनुदान और दूसरी वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जायेगी.
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