पप्पू यादव को मधेपुरा भेजा जाएगा, पार्टी कार्यकर्ताओं का हंगामा; पुलिस काफिले को रोका

पप्पू यादव को 1989 के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है. (फाइल फोटो)

पप्पू यादव को 1989 के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है. (फाइल फोटो)

Patna के गांधी मैदान थाने से मधेपुरा ले जा रही थी पुलिस. मधेपुरा में 1989 में हुए एक मामले में यादव फिर गिरफ्तार हुए हैं. इस मामले में वे हाईकोर्ट से मिली जमानत पर थे.

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पटना. जन आधिकार पार्टी प्रमुख पप्पू यादव (Pappu Yadav) की गिरफ्तारी के विरोध में उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया. पुलिस पप्पू यादव को गांधी मैदान थाने से मधेपुरा ले जा रही थी इस दौरान उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस काफिले को रोक लिया. एनएच 19 पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए और पुलिस वाहनों को रोका.

वहीं, पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर पटना पुलिस अभी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है. पूर्व सूत्रों के अनुसार पप्पू यादव को मधेपुरा जिला के मुरलीगंज थाना कांड संख्या 9/89 के तहत गिरफ्तार किया गया है. बताया जाता है कि यह एक अपहरण का मामला था जिसमें पप्पू यादव बेल मिलने के बाद लम्बे समय से डिफ़ॉल्टर थे.  बीते विधानसभा चुनाव के वक्त भी यह मामला चर्चा में आया था जिस वजह से वे मधेपुरा में खुद का चुनाव-प्रचार से भी बचते रहे. बीते माह 22 मार्च को न्यायालय ने उनकी गिरफ़्तारी के लिए कुर्की जप्ती का भी वारंट निकला लेकिन मधेपुरा पुलिस कोई कार्रवाई नहीं.

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इससे पहले पप्पू यादव ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे भाजपा के इशारे पर गहरी साजिश के तहत जेल भेजा जा रहा है, जबकि मैंने पिछले डेढ़ महीने से नीतीश कुमार की ही मदद की लोगों को बचा कर. मैं नीतीश कुमार से पूछना चाहता हूं कि आखिर जो मामला हाई कोर्ट में लंबित है, उस मामले में कोरोना काल मे गिरफ्तारी क्या जरूरी थी ?
पप्पू यादव ने भावुक होते हुए कहा कि आज मेरा टेस्ट भी नेगेटिव आया है और अगर मैं कोरोना पॉजिटिव हुआ और मेरे साथ कोई हादसा होता है, तो इसके लिए नीतीश कुमार जी आप जिम्मेदार होंगे. उन्होंने कहा कि मुझे मरने का डर होता तो मैं अपने ऑपरेशन के बाद 3 महीने के बेड रेस्ट को छोड़कर असप्तालों में कोरोना पीड़ितों के बीच दवाई, कंधे पर सिलिडर और शमशान तक मे लोगों को सहायता नहीं कर रहा होता. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अब आप 71 की उम्र में ये कहना बंद कर दीजिए, कि आप न किसी को बचाते हैं और न किसी को फंसाते हैं. पूरी दुनिया ने देख लिया. पप्पू यादव ने कहा कि नीतीश जी अगर मेरे मरने से बिहार की जनता की जान बचती है, तो ऐसे सौ जान कुर्बान.

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जी जितना दम आपने भाजपा के इशारे पर मुझे जेल भेजने में लगाया है, उतना दम अगर आप असप्तालों में लगा देते तो आज यह नौबत ही नहीं आती. पप्पू यादव ने तमाम विपक्ष से मिले सपोर्ट का आभार व्यक्त किया और लालू यादव से आग्रह कि बिहार को बचाने में संघर्ष तेज करे. एक सवाल के जवाब में पप्पू यादव ने ये भी कहा कि अगर आज हम जेल में है तो तेजस्वी यादव सड़क पर उतरे, असप्तालों में दवा लेकर जाए, लोगों को बेड उपलब्ध कराए. हमारे लोग हमेशा उनके साथ रहेंगे.

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