लाइव टीवी

न्यूज 18 का शूरवीर सम्मान जवानों के साथ समाज को भी नई दिशा देगा : DGP गुप्तेश्वर पांडे

News18 Bihar
Updated: October 4, 2019, 1:09 PM IST
न्यूज 18 का शूरवीर सम्मान जवानों के साथ समाज को भी नई दिशा देगा : DGP गुप्तेश्वर पांडे
न्यूज 18 की टीम गुलदस्ता देकर DGP गुप्तेश्वर पांडे का सम्मान करती हुई.

बिहार (BIhar) के डीजीपी (DGP) गुप्तेश्वर पांडे (DGP Gupteshwar Pandey) ने सभी शूरवीरों को मोमेंटो (Momento) देकर सम्मानित किया. समारोह में न्यूज 18 के ज्युरी (Jury) के सभी सदस्य और बिहार पुलिस (Bihar Police) के जवान गवाह बने. डीजीपी (DGP) गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि न्यूज 18 ने जवानों के हौंसले को बढ़ाने का काम किया है.

  • Share this:
पटना. बिहार (Bihar) में पुलिस (Police) और सुरक्षा के जवानों को सम्मानित (Honored) करने के लिए न्यूज 18 ने पहल की है. इस दिशा में न्यूज 18 ने पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में शूरवीर सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया.

इसमें बिहार के डीजीपी (DGP) गुप्तेश्वर पांडे (DGP Gupteshwar Pandey) ने सभी शूरवीरों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया. समारोह में न्यूज 18 के ज्युरी के सभी सदस्य और बिहार पुलिस के जवान गवाह बने. इस मौके पर मुख्य अतिथि डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने न्यूज 18 के प्रयास की भूरि- भूरि प्रशंसा की.

कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं जवान
डीजीपी(DGP) ने कहा कि बिहार के पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों में बेहतर काम करते हैं. ऐसे में न्यूज 18 ने हमारे जवानों को शूरवीर सम्मान देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि शूरवीर सम्मान ना सिर्फ पुलिस कर्मियों के मनोबल को और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करेगा बल्कि समाज को भी एक नई दिशा देगा. डीजीपी (DGP) ने कहा कि अब पुलिस विभाग भी साल में दो बार जवानों को पुरस्कृत करेगा.

DGP बोले न्यूज 18 ने जवानों का हौसला बढ़ाया
उन्होंने कहा, "न्यूज 18 (News 18) ने सामाजिक मुद्दों पर पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया है इससे हमारा और जवानों का मनोबल बढ़ेगा. मैं इस अवसर पर शहीदों को नमन करता हूं. डीजीपी ने कहा कि समाज से पुलिस (Police) को सहयोग मिलेगा तो अपराध ( Crime) खत्म होगा. हमें अपराध से नहीं अपराध की संस्कृति से लड़ना है. अपराध पर अंकुश लगाने और विधि व्यवस्था (Order of Law) को सुचारू रूप से लागू करने के लिए हम प्रतिबद्ध है"

पुलिसकर्मियों ने दी रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति
Loading...

शूरवीर सम्मान (surveer samman) समारोह में पुलिसकर्मियों ने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर लोगों का दिल जीत लिया. बीएमपी-1 बैंड, बीएमपी-05 बैंड की धुनों और बीएमपी-01 के जवान विष्णु के बांसुरी वादन ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया.

न्यूज 18 ने सूरवीरों को सम्मान के लिए ऐसे चुना
न्यूज18 के पास ऐसे बहादुर पुलिसकर्मियों (Brave Policemen) की एक बड़ी फेहरिस्त थी, जिसमें किसी को भी कमतर नहीं आंका जा सकता. न्यूज 18 ने इसकी तैयारी 2 महीने पहले से ही शुरू कर दी थी. इसके लिए बकायदा पुलिस मुख्यालय (Police headquarter) से उनकी पसंद के शूरवीरों की लिस्ट ली गई.

शूरवीरों को चुनने के लिए न्यूज 18 ने अपने योद्धाओं यानी 38 जिलों के संवाददाताओं (Reporters) को ये जिम्मेदारी सौंपी. जहां कदम-कदम पर शूरवीर हैं, इसी वजह से न्यूज 18 के पास एक बड़ी फेहरिस्त तैयार थी. अब इसमें से उन 11 शूरवीरों को चुनना था जो मंच की शोभा बढ़ाते, राज्य का गौरव बढ़ाते. इसके लिए न्यूज 18 ने एक पारदर्शी तरीका अपनाया. 6 जानी-मानी हस्तियों के अलावा न्यूज 18 बिहार के संपादक प्रभाकर कुमार के साथ एक ज्यूरी तैयार की गई, जिसने सूरवीरों को चुना.

ज्यूरी में इनको किया शामिल
1.ललित किशोर, महाधिवक्ता, बिहार
2. जितेंद्र कुमार, एडीजी, बिहार पुलिस मुख्यालय
3. अजिताभ कुमार, आईजी,सीआईडी
4.पद्मश्री सुधा वर्गीज- मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता
5. विनय कुमार-एडीजी,सीआईडी
6. डॉक्टर सहजानंद-अध्यक्ष,आईएमए
7. प्रभाकर कुमार-संपादक,न्यूज 18 बिहार

 इन 11 शूरवीरों का हुआ सम्मान  
1. ऋतुराज SSB 32 बटालियन के इंस्पेक्टर : ऋतुराज, SSB 32 बटालियन के इंस्पेक्टर, जिला पुलिस के साथ मिलकर इन्होंने मुज़फ्फरपुर, शिवहर, पूर्वी चंपारण, वैशाली, समस्तीपुर जिले में सक्रिय 100 से ज्यादा नक्सलियों को तो दबोचा और उन्हें हथियार डालने पर मजबूर किया.

2. वीरेंद्र ओझा, सब इंस्पेक्टर : जमुई जिले के सिमुलतला में स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र सिमुलतला में बतौर प्रशिक्षक के रूप में तैनात वीरेंद्र ओझा लगभग 40 साल से पुलिस की सेवा कर रहे हैं. पुलिस में सेवा देते हुए करीब 40 बार पुरस्कृत हो चुके हैं. सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र ओझा एक कुशल प्रशिक्षक के रूप में भी जाने जाते हैं. आईपीसी, सीआरपीसी और अनुसंधान के जानकार होने के नाते ये पुलिसकर्मियों को कई बार प्रशिक्षण भी दे चुके हैं.

3. विकास कुमार, फायरमैन सिपाही : विगत 5 अगस्त को पूर्णिया बस स्टैंड के पास एक बस में भीषण आग लगी थी. जिला अग्निशमन पदाधिकारी रमेश यादव के साथ विकास मौके पर पहुंचे और इन्होंने बस का शीशा तोड़कर धधकती आग के बीच खुद को झोंक दिया और कई मुसाफिरों को जिंदा बचा लिया.

4. बाल कृष्ण यादव, इंस्पेक्टर लॉ एंड ऑर्डरः पुलिस विभाग के अपने कर्तव्यों के अलावा बाल कृष्ण गरीब बच्चों के लिए गुरु की भूमिका भी निभाते हैं. इतना ही नहीं, बच्चों को अपने पैसों से किताब कॉपी और पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध कराते हैं. इंस्पेक्टर बाल कृष्ण 20 साल से पुलिस की नौकरी करते हुए ये नेक काम भी कर रहे हैं.

5. कुमार आलोक, ASP ऑपरेशन : करीब 2 साल पहले 2017 में नवादा में एक ऐसी ही सांप्रदायिक झड़प हुई और मामला काफी बढ़ गया था. घायल होते हुए भी इन्होंने ऑपेरशन को जारी रखा और एक समय ऐसा आया कि उन्मादी लोग ही इनका इलाज कराने के लिए पहुंच गए. आज आलोक जिले के युवाओं के लिए भी आइकॉन बन चुके हैं.

6.शिवकुमार साह, भोजपुर के डिस्ट्रिक्ट इंटेलीजेंस यूनिट के जवान : पिछले साल 17 सितंबर को भोजपुर में एक मुठभेड़ में इन्हें गोली लगी थी. घायल होने के बावजूद इन्होंने फायरिंग करने वाले अपराधियों को दबोच लिया और तब दबोचे रखा जब तक उनकी टीम वहां आ नहीं गई. जिले के कुख्यात बूटन चौधरी को एके 47 के साथ गिरफ्तार करने में भी शिवकुमार की अहम भूमिका थी.

7. दिनेश पांडेय, DSP: दिनेश ने युवाओं को करियर बनाने के लिए रास्ते सुझाए और खुद नौजवानों को मानसिक और शारीरिक तौर पर तैयार करने का काम शुरू किया. दिनेश रोजना हौसला बढाने के लिए युवाओं के साथ सुबह-सुबह दौड़ लगाते हैं. फिजिकल ट्रेनिंग की इस मुहिम में युवाओं की तादाद बढ़ते-बढ़ते आज 20 हजार तक पहूंच गई है.

8. धनंजय राय, ASI: भीड़ के बीच खुद भी हिंसा का शिकार होने के बावजूद ASI धन्नंजय ने आरोपी युवक को जिंदा बचा लिया था, लेकिन इस दौरान धन्नंजय खुद भी घायल हो गए. भीड़ के गुस्से का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि हमले में धन्नंजय की वर्दी तक फट गई थी, लेकिन जान पर खेलकर धन्नंजय ने घायल युवक को गोपालगंज सदर अस्पताल में भर्ती कराया.

9. उमेश पासवान, चौकीदार : उमेश पासवान गरीब परिवार के बच्चों के लिए अपने घर पर ही करीब 8 साल से फ्री में शिक्षा केंद्र भी चला रहे हैं. उमेश के शिक्षा केंद्र में नर्सरी से 9वीं तक के करीब 2 सौ बच्चे पढ़ते हैं.

10. विशाल शर्मा, एस पी - IPS: विशाल ने कुछ ही दिनों में अपनी सूझबूझ से बैंक से चोरी गए पैसों को बरामद तो किया है. साथ ही इससे जुड़े एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को भी दबोचा है. दूसरा मामला था इसी 7 मई को गुलाबबाग से एक बड़े कारोबारी की बेटी नव्या का अपहरण का. सिर्फ 5 घंटे में IPS विशाल ने ना सिर्फ नव्या को सुरक्षित बरामद कर लिया बल्कि अपहरणकर्ताओं को भी दबोच लिया.

11. विकास वैभव, डीआईजी : आमतौर पर छुट्टियों के दौरान कोई भी पुलिस ऑफिसर तनाव से दूर परिवार के साथ कहीं छुट्टियां बिताने जाता है, लेकिन IPS विकास वैभव अपनी छुट्टियों का इस्तेमाल विलुप्त धरोहरों को ढूंढने या फिर इन धरोहरों के पास जाकर रिसर्च करने में करते हैं. मकसद सिर्फ एक है कि आज के युवा अपनी विरासत से सीख लेकर वर्तमान को समझ भविष्य के लिए काम करें.

ये भी पढ़ें- CM नीतीश दूसरी बार बनेंगे JDU के अध्यक्ष, आज दाखिल करेंगे नामांकन

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 4, 2019, 1:02 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...