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शराबबंदी पर सुशील कुमार मोदी की बड़ी मांग- बिहार की जेल में बंद शराबियों को छोड़े सरकार

सुशील मोदी ने कहा कि शराब माफिया को छोड़ने ी जरूरत नहीं.

सुशील मोदी ने कहा कि शराब माफिया को छोड़ने ी जरूरत नहीं.

Liquor Ban in Bihar: बिहार में शराबबंदी को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार के सभी जिलों में 1 ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

जहरीली शराब से हुई मौत के पीड़ित परिजनों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की मोदी ने.
पुलिस पिटाई से मारे गए सिकंदर मांझी के दोषी गड़खा थाना के सभी पुलिसकर्मी निलंबित किए जाएं.
जदयू ने कहा कि 1 लाख कैदियों की क्षमता ही नहीं है, तो शराब से जुड़े इतने कैदी कैसे हो सकते हैं.

पटना. बिहार में सरकार से अलग होने के बाद बीजेपी अब महागठबंधन की सरकार को हर मोर्चे पर घेरने लगी है. कल तक शराबबंदी कानून को और मजबूती से लागू करने की बात कहने वाली भाजपा अब शराब पीने के आरोप में जेल में बंद लोगों की सामूहिक आजादी चाहती है.

बिहार में शराबबंदी को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार के सभी जिलों में 1 लाख से अधिक शराबबंदी से जुड़े मामले में लोग बंद हैं. इनमें 90% दलित, महादलित और आदिवासी हैं. शराब का व्यापार करने वाले माफिया को छोड़कर बाकी सभी लोगों के लिए आममाफी का ऐलान करना चाहिए. यदि वे दोबारा गलती करें तो उन पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. जहरीली शराब से जिन लोगों की मौत हुई है उनके परिजनों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा भी देना चाहिए. क्योंकि परिवार का कोई दोष नहीं है. पीने वाले तो चले गए और दलित महादलित के बच्चे अनाथ हो गए. यदि खजूरबानी की घटना में सरकार ने मृतक के परिजनों को 4-4 लाख मुआवजा दिया तो बाकी मामलों में मुआवजा क्यों नहीं दिया जा सकता है. मैं सरकार से यह मांग करूंगा कि शराबबंदी कानून के बाद शराब पीने से जिन लोगों की मौत हुई है सरकार उनके परिवार को 4 लाख मुआवजा दे.

गड़खा थाने के पुलिसकर्मी निलंबित हों – सुशील मोदी

सुशील मोदी ने कहा कि मैं सारण जिले के गरखा प्रखंड के पिट्ठी गांव गया था. यहां 24 तारीख को दारू बेचने के आरोप में 30 साल के युवक सिकंदर मांझी को पुलिस ने गिरफ्तार किया और पुलिसिया पिटाई के कारण 4 दिन के बाद सदर अस्पताल छपरा में पुलिस कस्टडी में उसकी मौत हो गई. सिकंदर मांझी के पूरे शरीर पर चोट के निशान थे. मैं सरकार से मांग करता हूं कि गड़खा थाना के सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए और उन पर 302 का मुकदमा भी दर्ज कर कर्रवाई हो.

सुशील मोदी के आंकड़े गलत – जदयू

सुशील मोदी की बात को जदयू नेता नीरज कुमार ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बिहार के जिलों में 1 लाख कैदियों की क्षमता भी नहीं है, तो एक लाख शराब से जुड़े कैदी कैसे बंद हो सकते हैं. सुशील मोदी आज शराबबंदी कानून पर भले सवाल उठा रहे हों, लेकिन उन्हें इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 350वें प्रकाश पर्व आयोजन पर शराबबंदी कानून लागू करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ की थी और कहा था कि इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए क्योंकि नीतीश कुमार ने बिहार में एक साहसी कदम उठाया है.

Tags: Bihar BJP, Liquor Ban, Sushil kumar modi

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