Srijan Scam : विपक्ष के आरोपों पर सुशील मोदी का पलटवार, RJD को सुनाई खरी-खरी
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Srijan Scam : विपक्ष के आरोपों पर सुशील मोदी का पलटवार, RJD को सुनाई खरी-खरी
सुशील मोदी ने विपक्ष को दिया करारा जवाब (फाइल फोटो)

सुशील मोदी (Sushil Modi) ने कहा कि एनडीए सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन करती है, इसलिए किसी भी घोटाले का पता चलते ही सक्षम एजेंसियों से जांच कराने की सिफारिश की गई. सृजन घोटाले में स्वयं मुख्यमंत्री ने सीबीआई (CBI) जांच की सिफारिश की.

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  • Last Updated: June 28, 2020, 11:38 PM IST
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पटना. भागलपुर (Bhagalpur) के अरबों रुपये के बहुचर्चित सृजन घोटाला (Srijan Scam) के तीन अलग-अलग मामले में सीबीआई (CBI) ने आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चार्जशीट (Chargesheet) फाइल की है. इस चार्जशीट में पूर्व जिलाधिकारी और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी केपी रमैया समेत 60 लोगों के नाम हैं. इस मामले को लेकर विपक्ष खास कर राजद राज्य सरकार पर हमलावर है. ऐसे में अब बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Sushil Modi) ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए राजद (RJD ) को उनका भ्रष्टाचार याद दिलाया है.

ये सरकार न किसी को बचाती है, न फंसाती है

सुशील मोदी ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि एनडीए सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन करती है, इसलिए किसी भी घोटाले का पता चलते ही सक्षम एजेंसियों से जांच कराने की सिफारिश की गई. सृजन घोटाले में स्वयं मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की सिफारिश की और यह जांच तार्किक परिणति की ओर बढ़ रही है. जिन 60 लोगों पर आरोपपत्र दाखिल हुआ है, उनमें किसी को न तो जाति-धर्म, पद या राजनीतिक झुकाव के आधार पर बचाने की कोशिश नहीं की गई, न किसी को फंसाया गया.



राजद पर सुशील मोदी का निशाना
सुशील मोदी ने राजद और लालू यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि ये विडम्बना ही है कि जिस दल के स्थायी राष्ट्रीय अध्यक्ष 1000 करोड़ के चारा घोटाले के चार मामलों में अपराधी हैं, वही दल घोटालों की जांच पर सबसे ज्यादा छाती पीट रहा है. उन्होंने कहा की सभी घोटालों और अनियमितताओं की जांच एक पारदर्शी न्यायिक प्रक्रिया के तहत चल रही है और प्रमाण के आधार पर आरोपियों के खिलाफ शिकंजा भी कसा जा रहा है. जो लोग बेनामी सम्पत्ति बनाने का बिंदुवार जवाब न दे पाने के कारण सत्ता से बाहर होकर जनता के चित्त से उतर गए, वे दुर्भावनावश हर जांच के नाम पर सीधे मुख्यमंत्री की गर्दन पर हाथ डालने को उतावले दिख रहे हैं. जिन्हें घोटालों के आरोप सिद्ध करने वाले प्रमाण जुटाने में अदालत का सहयोग करना चाहिए, वे केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं.

जांच एजेंसियों पर विपक्ष को नहीं है भरोसा

देश की जांच एजेंसियों पर विपक्ष को तब तक भरोसा नहीं, जब तक फैसला उनके राजनीतिक हित पूरे करने लायक नहीं आता. लोकतंत्र बचाओ यात्रा की नौटंकी करने वालों को क्या देश की न्याय प्रणाली पर भरोसा नहीं है कि वे केवल छोटी मछलियों को पकड़े जाने का आरोप लगा रहे हैं. जब बेनामी सम्पत्तियां रखने के मामले में बड़ी मछलियां फंसीं, तो जाल काटने के लिए राजनीति की कटारें किसने निकाल ली थीं, ये सबने देखा है.
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